फुलवरिया. फुलवरिया प्रखंड के गणेश स्थान मांझा गांव स्थित प्राचीन गणेशपुरी मंदिर में गणेश चतुर्थी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है. यह मंदिर सदियों से लोक आस्था और धार्मिक विरासत का प्रमुख केंद्र माना जाता है. प्रत्येक माह की चतुर्थी को यहां पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए भक्त पहुंचते हैं, लेकिन गणेश चतुर्थी पर विशेष उत्साह रहता है. अहले सुबह से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू होगा. मंदिर के पुजारी विश्वनाथ तिवारी और मोहन तिवारी ने बताया कि माघ मास की चतुर्थी पर मांगी गयीं मन्नतें अवश्य पूरी होती हैं. इसी आस्था के कारण यहां लगने वाला मेला लगभग एक माह तक चलता है. इसमें फर्नीचर, घरेलू और विवाह से जुड़ीं वस्तुओं की दुकानें सजती हैं. पूर्व उप प्रमुख प्रतिनिधि विपिन तिवारी, मुखिया आनंद मोहन राय, चंद्रमोहन राय, सुरेंद्र सिंह, समाजसेवी प्रेम पांडेय, विवेक तिवारी और बुलेट तिवारी ने बताया कि मंदिर का उल्लेख गणेश पुराण में मिलता है. मेले में बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले, डिज्नीलैंड और आकर्षक झांकियां लगायी गयी हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा और विधि-व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है.
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