कुचायकोट. कुचायकोट प्रखंड क्षेत्र में सार्वजनिक एवं सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है. सीओ मणिभूषण कुमार के नेतृत्व में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत अवैध कब्जाधारियों की पहचान कर उन्हें नोटिस जारी किये जा रहे हैं. नोटिस मिलने के बाद 15 दिनों के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गयी है, इससे अतिक्रमणकारियों में खलबली मच गयी है. अंचल कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भठवा मोड़ क्षेत्र में सड़क एवं अन्य सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण करने के आरोप में कुल 33 लोगों को नोटिस भेजा गया है. नोटिस में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर स्वेच्छा से अतिक्रमण नहीं हटाने की स्थिति में प्रशासन बुलडोजर कार्रवाई सहित अन्य सख्त कदम उठाने को बाध्य होगा.
भूमाफियाओं के कब्जे की शिकायत पर कार्रवाई
सीओ ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र में लगातार अतिक्रमण की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं. सड़क, नाली, विद्यालय की जमीन, खेल का मैदान, होलिका दहन स्थल, चारागाह जैसी सार्वजनिक एवं संरक्षित जमीनों पर अवैध कब्जा गंभीर समस्या बन चुका है. उन्होंने कहा कि प्रखंड क्षेत्र का शायद ही कोई गांव होगा, जहां सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण न हो. इसके अलावा वन विभाग एवं सिंचाई विभाग की सैकड़ों बीघा जमीन पर भी भूमाफियाओं के कब्जे की शिकायतें सामने आयी हैं.
अवैध कब्जे की सूचना जल्द देने का निर्देश
सीओ ने स्पष्ट किया कि किसी भी क्षेत्र में अतिक्रमण की सूचना मिलने पर नियमानुसार तत्काल कानूनी कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने अमीन एवं संबंधित राजस्व कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि अपने-अपने क्षेत्र में सरकारी या सार्वजनिक भूमि पर यदि कहीं भी अतिक्रमण पाया जाये तो उसकी सूचना तुरंत अंचल कार्यालय को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके. प्रशासन की इस सख्ती से जहां अतिक्रमणकारियों में भय का माहौल है, वहीं आम लोगों में उम्मीद जगी है कि सार्वजनिक जमीनें जल्द अतिक्रमण मुक्त होंगी. अंचल प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और किसी को भी अवैध कब्जे की छूट नहीं दी जायेगी.
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