दो साल करना होगा इंतजार
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :18 May 2017 4:05 AM (IST)
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गंडक नदी. डुमरिया में नये पुल निर्माण पर लगा ग्रहण गोपालगंज और चंपारण ही नहीं दिल्ली से गुवाहाटी को जोड़नेवाला सेतु जर्जर हालत में है. 2007 में करोड़ों की लागत से नये सेतु का निर्माण शुरू हुआ, जो आज तक अधर में है. यदि यह पुल बंद हुआ, तो प्रतिमाह करोड़ों के राजस्व का नुकसान […]
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गंडक नदी. डुमरिया में नये पुल निर्माण पर लगा ग्रहण
गोपालगंज और चंपारण ही नहीं दिल्ली से गुवाहाटी को जोड़नेवाला सेतु जर्जर हालत में है. 2007 में करोड़ों की लागत से नये सेतु का निर्माण शुरू हुआ, जो आज तक अधर में है. यदि यह पुल बंद हुआ, तो प्रतिमाह करोड़ों के राजस्व का नुकसान होगा.
गोपालगंज : गंडक नदी पर बना डुमरिया सेतु जर्जर हो चुका है. नया पुल का निर्माण घोटाले के पेच में फंस गया है. नये पुल के लिए अभी दो साल और इंतजार करना पड़ सकता है. एनएचएआइ की तरफ से घोटाले की जांच करायी जा रही है. जांच के कारण निर्माण कार्य बाधित है. इसी माह टेंडर होना था. इससे पूर्व टेक्निकल सेल के द्वारा जांच की गयी है. जांच रिपोर्ट अभी नहीं आयी है. बता दें कि इस सेतु से प्रतिदिन 8957 हजार से अधिक गाड़ियां गुजरती हैं. इस महत्वपूर्ण सेतु के हालात विगत पांच वर्षों से जर्जर बने हुए हैं.
सेतु की रेलिंग टूट चुकी है. ऐसे में यह सेतु कभी भी बड़े हादसे का गवाह बन सकता है. इस्ट-वेस्ट कॉरीडोर परियोजना के तहत एनएच 28 के फोर लेन निर्माण के क्रम में गंडक पर डुमरिया सेतु के समानांतर नये सेतु का निर्माण वर्ष 2007 में शुरू हुआ. काम पूरा नहीं हुआ और निर्माण कंपनी फरार हो गयी. तब से अब तक नये सेतु के निर्माण पर जहां ग्रहण लगा हुआ है, वहीं पुराना पुल जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है. इस पुल से वाहन चालक जान जोखिम में डाल कर आते-जाते हैं.
पाया धंसते फरार हुई थी कंपनी
वर्ष 2007 से 2011 तक डुमरिया में नये सेतु के निर्माण का कार्य पीसीएल कंपनी द्वारा कराया गया. वर्ष 2011 में नदी के बीचों बीच बना पाया अचानक धंसा और कंपनी फरार हो गयी. चार वर्षों में कंपनी द्वारा सेतु निर्माण का 25 फीसदी हिस्सा भी पूरा नहीं किया गया था. अलबत्ता 52 फीसदी राशि का उठाव कर लिया गया था. तब से अब तक यह मामला अटका हुआ है.
विधायक ने केंद्रीय मंत्री को भेजा पत्र
डुमरिया सेतु की मरम्मत तथा नये समानांतर सेतु के निर्माण को पूरा करने के लिए बैकुंठपुर के विधायक मिथिलेश तिवारी नें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भेजा है. इस संबंध में तिवारी ने कहा कि नये सेतु के निर्माण में कंपनी के द्वारा बड़े पैमाने पर लूट-खसोट की गयी थी. इस लूट को पचाने के लिए मामला जांच में डाल दिया गया है.
डुमरिया सेतु एक नजर में
निर्माण वर्ष - 1976
लंबाई- 675 मीटर
सेतु के हालात- जर्जर
समानांतर सेतु के निर्माण की शुरुआत- 2007
निर्माण कार्य - 20 फीसदी
वर्ष 2011 के बाद काम बंद
क्या कहता है एनएचएआइ
पुल निर्माण के लिए मामला प्रक्रिया में है. तकनीकी विभाग इसका मूल्यांकन कर रहा है. जल्द ही टेंडर होने की संभावना है. इस वर्ष कार्य शुरू हो जाना चाहिए.
मनोज कुमार पांडेय, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआइ
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