बिहार : गोपालगंज में फिर विधवा रसोइयों को स्कूल से हटाने का फरमान

Published at :08 Aug 2016 7:03 AM (IST)
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बिहार : गोपालगंज में फिर विधवा रसोइयों को स्कूल से हटाने का फरमान

राजन पांडेय मांझा (गोपालगंज) : गोपालगंज में एक बार फिर समाज को शर्मसार करने वाली घटना सामने आयी है. जिले के मांझा प्रखंड के बहोरा हाता उत्क्रमित मध्य विद्यालय में काम कर रही विधवा रसोइयों को तत्काल हटाने का फरमान जारी किया गया है. इतना ही नहीं, विधवा रसोइयों को जब तक हटा नहीं दिया […]

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राजन पांडेय
मांझा (गोपालगंज) : गोपालगंज में एक बार फिर समाज को शर्मसार करने वाली घटना सामने आयी है. जिले के मांझा प्रखंड के बहोरा हाता उत्क्रमित मध्य विद्यालय में काम कर रही विधवा रसोइयों को तत्काल हटाने का फरमान जारी किया गया है.
इतना ही नहीं, विधवा रसोइयों को जब तक हटा नहीं दिया जाता तब तक स्कूल में बच्चों के जाने पर रोक लगा दी गयी है. स्कूल में तालाबंदी का भी एलान किया गया है.
इससे शिक्षक से लेकर रसोइये तक भयभीत हैं. इस कारण पिछले दो दिनों से स्कूल में ताला लटका हुआ है. विधवा रसोइयों पर स्कूल से प्रतिदिन खाना चोरी कर घर ले जाने का आरोप है. चोरी का आरोप लगा कर वार्ड सदस्य उन्हें स्कूल से बाहर करने पर अड़ गये हैं. शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्कूल के हेडमास्टर अशोक कुमार ने लिखित जानकारी दी है.
विभाग के अधिकारी फिलहाल चुप्पी साधे हुए हैं. स्कूल में पिछले चार पांच वर्षों से विधवा रसोइया विमला कुंवर और नीला कुंवर समेत चार रसोइयां काम करते हैं. इनमें दो विधवा हैं. इसके पूर्व तक उनके कार्य कलाप को लेकर कभी कोई दोषारोपण नहीं हुआ. इधर चुनाव बीतने के बाद चुनाव जीत कर वार्ड सदस्य हंसनाथ प्रसाद आये. हंसदेव प्रसाद के नेतृत्व में एमडीएम में अनियमितता बताते हुए विधवाओं को हटाने की मुहिम छेड़ी गयी है. विद्यालय में कार्यरत विधवाओं को हटाने का फरमान जारी करते हुए शुक्रवार को विद्यालय में ताला जड़ दिया गया. शनिवार को भी पुन: ग्रामीण अपने फरमान पर अड़े रहे और विद्यालय नहीं खुलने दिया जिससे पठन पाठन पुरी तरह बंद रहा.
रसोइया का विधवा होना बना अभिशाप
विद्यालय में चार महिलाएं रसोइया का कार्य करती हैं . जानकारों का कहना है कि यहां काम करने वाली रसोइयां काफी गरीब हैं. स्कूल के हेडमास्टर अशोक कुमार ने बताया कि एमडीएम का खाना स्कूल के छात्र जब खा लेते हैं व किसी दिन खाना बच गया तो गरीब रसोइयां फेंकने की जगह अपने घर लेकर खाना चली जाती हैं. ऐसे में उन पर चोरी का आरोप लगाना गलत है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या विधवा सार्वजनिक स्थलों पर कार्य नही कर सकती ? शिक्षा विभाग के अधिकारियों की चुप्पी पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है.
पहले भी हो चुकी है इस तरह की घटना
विधवा रसोइया को हटाने की घटना पहले भी हो चुकी है. बरौली प्रखंड के कल्याणपुर मध्य विद्यालय में कार्यरत विधवा सुनीता कुंवर के हाथ से बना एमडीएम का खाना खाने पर ग्रामीणों ने रोक लगा दी थी. स्कूल में बच्चों को भेजना बंद कर दिया था. यह घटना दिसंबर, 2015 की है. मामला सामने आया तो डीएम स्कूल पहुंचे. पूरे मामले की जांच की. उन्होंने बच्चों के साथ बैठ कर रसोइया का बनाया खाना खाया.
मामले की जांच कर की जायेगी कार्रवाई
रसोइया प्रकरण की मुझे कोई जानकारी नहीं है. अगर ऐसी बातें हैं तो इस मामले में तत्काल जांच कर कार्रवाई की जायेगी. अगर वार्ड सदस्य गलत पाये जाते हैं तो उन पर भी कार्रवाई होगी. हमारे अधिकारी सोमवार को स्कूल में जाकर तत्काल कार्रवाई करेंगे.
राहुल कुमार,डीएम, गोपालगंज
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