ज्ञान, शांति और प्रेम का रंग सर्वश्रेष्ठ

Published at :27 Mar 2016 3:47 AM (IST)
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ज्ञान, शांति और प्रेम का रंग सर्वश्रेष्ठ

गोपालगंज : होली के मौके पर जगह-जगह आपसी तनाव के बीच प्रजा पिता ब्रह्म कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की शाखा में रूहानी होली पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें केंद्र की प्रभारी अंगूर बहन ने कहा कि मनुष्य की आत्मा में विकृृति आने के कारण मानव का तन अर्थात पांच तत्वों में विकृति आ गयी […]

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गोपालगंज : होली के मौके पर जगह-जगह आपसी तनाव के बीच प्रजा पिता ब्रह्म कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की शाखा में रूहानी होली पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें केंद्र की प्रभारी अंगूर बहन ने कहा कि मनुष्य की आत्मा में विकृृति आने के कारण मानव का तन अर्थात पांच तत्वों में विकृति आ गयी है. यही वजह है कि आज पृथ्वी पर नाना प्रकार की प्राकृतिक घटनाएं हो रही हैं. आपराधिक घटनाएं हो रही हैं.

हमें अपने भीतर की बुराइयों को दूर कर सत्य मार्ग की ओर अग्रसर होना होगा. बीती हुई बातों को भूल कर संघ के रंग में स्वयं को रंगना दूसरों पर पवित्रता ज्ञान, शांति, प्रेम का रंग लगाना तथा व्यवहार में शुद्धता को धारण करना जरूरी है. बीके अनिता बहन, उर्मिला बहन, मुन्नी बहन, गणेश भाई, अनारस भाई, सुशीला सिंह आदि की भूमिका प्रमुख रही.

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