शहर जैसी होगी गांवों की तसवीर

Updated at :19 Jan 2016 7:48 PM
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शहर जैसी होगी गांवों की तसवीर

शहर जैसी होगी गांवों की तसवीर पंचायतों में खर्च होगी विकास योजना की राशिमनरेगा सहित पांच विभाग करेंगे कार्यतैयारी . पंचायतों को मिलेगी 14वें वित्त आयोग से अनुदान राशिफोटो – 4 – पंचायत भवन की वर्तमान स्थिति- कल आयी थीमोदी के सपनों के अनुरूप गांव को विकसित करने के लिए सरकारी प्रयास शुरू हो गया […]

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शहर जैसी होगी गांवों की तसवीर पंचायतों में खर्च होगी विकास योजना की राशिमनरेगा सहित पांच विभाग करेंगे कार्यतैयारी . पंचायतों को मिलेगी 14वें वित्त आयोग से अनुदान राशिफोटो – 4 – पंचायत भवन की वर्तमान स्थिति- कल आयी थीमोदी के सपनों के अनुरूप गांव को विकसित करने के लिए सरकारी प्रयास शुरू हो गया है. सब कुछ ठीकठाक रहा, तो अगले एक वर्ष में गांव की तसवीर बदलने लगेगी. धरातल पर योजनाओं को उतारने के लिए अधिकारी होमवर्क कर रहे हैं. इसकी मॉनीटरिंग ग्रामीण विकास विभाग कर रहा है. संवाददाता, गोपालगंजअब शहर जैसी गांव की तसवीर होगी. सरकार के द्वारा गांवों के समुचित विकास का खाका तैयार किया गया है. अब गांवों में भी आधुनिक सुविधाएं होंगी. सरकार के द्वारा ग्राम पंचायत विकास योजना के तहत गांवों को बुनियादी सुविधाओं से सुदृढ़ किये जाने की योजना है. इसके लिए 14वें वित्त आयोग की अनुदान राशि अब सीधे पंचायतों के खाते में भेजी जायेगी. त्रिस्तरीय पंचायती राज निकाय को सभी बुनियादी सुविधाएं मुहैया करायी जानी हैं. हमारा गांव हमारी योजना के तहत पंचायत से लेकर जिला स्तर तक ट्रेनिंग देने का काम पूरा कर लिया गया है. पंचायत के सभी वार्डों में टीम बना कर सर्वेक्षण कराया जायेगा. प्राथमिकता के आधार पर पंचायत के सभी वार्डों से योजनाओं का चयन किया जायेगा. चयनित योजनाओं को वार्डसभा, ग्रामसभा, पंचायत समिति एवं जिला परिषद के अनुमोदन के बाद गांवों का विकास होगा. चयनित योजनाओं में 60 फीसदी योजनाएं वार्डों से एकत्रित की जायेंगी. ग्राम पंचायत विकास योजना मद की राशि खर्च कर गांवों में बुनियादी सुविधाएं मुहैया करायी जायेंगी. वर्ष 2015-16 के लिए योजनाओं का चयन किया जा रहा है.मनरेगा तैयार कर रहा श्रम बजटगांवों के समुचित विकास के लिए मनरेगा श्रम बजट तैयार कर रहा है. यानी गांवों के विकास पर 14वें वित्त आयोग की राशि खर्च की जायेगी. यह राशि सिर्फ संसाधनों पर खर्च होगी, जबकि मजदूरी के रूप में मनरेगा की राशि को खर्च किया जायेगा. इसके लिए मनरेगा के द्वारा वार्षिक श्रम बजट तैयार किया जा रहा है. ये करेंगे योजनाओं का चयनआंगनबाड़ी सेविका, विकास मित्र, टोला सेवक, किसान सलाहकार, ग्रामीण आवास सहायक की टीम प्रत्येक वार्ड में तीन दिनों तक भ्रमण कर योजनाओं को चिह्नित करेगी. योजनाओं के चयन में आम लोगों की पसंद की योजनाओं को प्राथमिकता देते हुए उसका चयन किया जायेगा, जिसे अनुमोदन के लिए वार्डसभा, ग्रामसभा व पंचायत समिति के समक्ष रखा जायेगा. गांवों के विकास में लगे पांच विभागमनरेगा, पंचायती राज विभाग, जीविका, ग्रामीण विकास विभाग एवं जल एवं स्वच्छता विभागगांवों में दिखेंगी ये मूलभूत सुविधाएं1- सुचारु जलापूर्ति व्यवस्था2- जल प्रबंधन सहित स्वच्छता3 – मल व्यवस्था 4- स्मार्ट वाटर ड्रेनेज एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन5 -सड़कों पर रोशनी6- स्थानीय निकाय की सड़कें एवं पैदल पथ7- बेहतरीन उद्यान8 -खेल के मैदान, कब्रिस्तान और श्मशानक्या कहते हैं अधिकारीवार्डवार योजनाओं का चयन किया जा रहा है. योजनाओं के चयन के बाद वार्डसभा, ग्रामसभा, पंचायत समिति एवं जिला पर्षद के अनुमोदन के बाद आगामी वित्तीय वर्ष से गांवों के विकास के लिए काम शुरू कर दिया जायेगा. इसके लिए श्रम बजट भी तैयार किया जा रहा है. सरकार के निर्देशों के अनुरूप गांवों का समुचित विकास किया जायेगा. सुरेश चौधरी, कार्यपालक अभियंता, मनरेगा, गोपालगंज

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