राज्य के सभी 53 जेल होंगे कंप्यूटरकृत

राज्य के सभी 53 जेल होंगे कंप्यूटरकृत- जेलों में कंप्यूटरकृत व्यवस्था लागू करनेवाला बिहार बन जायेगा देश का पहला राज्य- सूबे के सभी जेल इ-प्रिजन परियोजना के तहत इआरपी सिस्टम से हो जायेंगे लैस- सभी जेलों में इसे लागू करने के लिए कारा विभाग ने जारी किये 40.26 लाख रुपये- राष्ट्रीय इ-गवर्नेंस अवार्ड प्राप्त करने […]
राज्य के सभी 53 जेल होंगे कंप्यूटरकृत- जेलों में कंप्यूटरकृत व्यवस्था लागू करनेवाला बिहार बन जायेगा देश का पहला राज्य- सूबे के सभी जेल इ-प्रिजन परियोजना के तहत इआरपी सिस्टम से हो जायेंगे लैस- सभी जेलों में इसे लागू करने के लिए कारा विभाग ने जारी किये 40.26 लाख रुपये- राष्ट्रीय इ-गवर्नेंस अवार्ड प्राप्त करने के लिए भेजा गया इस योजना के मॉडल कोसंवाददाता, पटनाराज्य के सभी 53 केंद्रीय कारा, मंडल कारा और उप-कारा जल्द ही पूरी तरह से कंप्यूटरकृत हो जायेंगे. इन सभी जेलों में तमाम प्रक्रियाएं और लेखा-जोखा कंप्यूटर के जरिये रखा जायेगा. इ-प्रिजन योजना के तहत सभी जेलों में इआरपी (इंटरप्राइजेज रिसोर्स प्लानिंग) सिस्टम को तैयार किया जायेगा. इसके लिए कारा विभाग ने सभी संबंधित जेलों को 40 लाख 26 हजार रुपये जारी कर दिये हैं. इन रुपयों से कंप्यूटर समेत अन्य उपकरण खरीदे जायेंगे. डाटा इंट्री ऑपरेटरों की भी बहाली सभी जेलों में होगी. इस योजना के लागू होने के बाद से बिहार देश का पहला राज्य हो जायेगा, जहां के सभी जेलों की प्रक्रिया पूरी तरह से कंप्यूटरकृत है. इस योजना के मॉड्यूल का प्रस्ताव राष्ट्रीय इ-गवर्नेंस अवार्ड के लिए भी केंद्र सरकार को भेज दिया गया है.इन जेलों को मिले इतने रुपयेगया, भागलपुर, बक्सर, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया और मोतिहारी स्थित केंद्रीय एवं विशेष काराओं को 1.34 लाख रुपये प्रति कारा के हिसाब से दिये गये हैं. जबकि, फुलवारीशरीफ, जमुई समेत 31 मंडल कारा और 15 उपकाराओं के लिए 67 हजार प्रत्येक कारा के हिसाब से रुपये जारी किये गये हैं. इन रुपये सभी जेलों में वॉयोमेट्रिक कार्ड, कंप्यूटर समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की खरीद की जायेगी. वर्तमान में इआरपी सिस्टम सिर्फ पटना स्थित बेउर केंद्रीय कारा में मौजूद है. अब इसी तर्ज पर सभी जेलों की व्यवस्था होगी.ये मुख्य 5 व्यवस्था होगी जेलों में – जेलों में आने वाले सभी विजिटर्स की वॉयो-मेट्रिक हाजिरी बनेगी और पूरा डाटाबेस रखा जायेगा- सभी कैदियों की वॉयो-मेट्रिक प्रोफाइल और पूरा कंप्यूटरकृत डाटाबेस होगा, मसलन कौन-कितनी बार किस जुर्म में आया समेत अन्य- सभी तरह के कैदियों का हेल्थ रिकॉर्ड कंप्यूटर में मेन्टेन किया जायेगा- जेल में खाद्यान्न समेत अन्य सभी सामान का पूरा स्टॉक कंप्यूटर के जरिये अपडेट रखा जायेगा, स्टॉक प्रबंधन होगा- जिन कैदियों का इलाज चल रहा, उनका अलग से रिकॉर्ड रखा जायेगा. किस कैदी को किस रोग में कितनी बार कहां भर्ती किया गया समेत तमाम डिटेल दर्ज होंगे
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