2016 के सत्र से बिहार में खुल सकेंगे छह नये इंजीनियरिंग कॉलेज

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 30 Dec 2015 7:21 PM

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2016 के सत्र से बिहार में खुल सकेंगे छह नये इंजीनियरिंग कॉलेजसीतामढ़ी, मधेपुरा, सासाराम, कटिहार, बख्तियारपुर व बेगूसराय में खुलेंगे इंजीनियरिंग कॉलेजएआरसीटीइ से अनुमति मिलने के बाद शुरू होगी पढ़ाई, अस्थायी बिल्डिंग की तलाश में जुटा विज्ञान व प्रावैधिकी विभागबढ़ जायेंगी करीब 1440 सीटें, वर्तमान में सात सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में हैं करीब 2000 सीटेंबख्तियारपुर […]

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2016 के सत्र से बिहार में खुल सकेंगे छह नये इंजीनियरिंग कॉलेजसीतामढ़ी, मधेपुरा, सासाराम, कटिहार, बख्तियारपुर व बेगूसराय में खुलेंगे इंजीनियरिंग कॉलेजएआरसीटीइ से अनुमति मिलने के बाद शुरू होगी पढ़ाई, अस्थायी बिल्डिंग की तलाश में जुटा विज्ञान व प्रावैधिकी विभागबढ़ जायेंगी करीब 1440 सीटें, वर्तमान में सात सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में हैं करीब 2000 सीटेंबख्तियारपुर का पाटलिपुत्रा पॉलिटेक्निक में, सासाराम का डेहरी ओन सोन पॉलिटेक्निक में व कटिहार पॉलिटेक्निक में शुरू हो सकेगी इंजीनियरिंग की पढ़ाईसंवाददाता, पटना राज्य में 2016 के शैक्षणिक सत्र से छह नये इंजीनियरिंग कॉलेज खुल जायेंगे. राज्य सरकार की ओर से सीतामढ़ी, मधेपुरा, सासाराम, कटिहार, बख्तियारपुर और बेगूसराय में इंजीनियरिंग कॉलेज की मंजूरी मिल चुकी है. इन इंजीनियरिंग कॉलेजों के खुलने से राज्य में इंजीनियरिंग की 720 से 1440 तक सीटें भी बढ़ जायेंगी. वर्तमान में राज्य में सात सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज हैं, जिनमें करीब 2000 सीटें हैं. इन नये इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्नीकल एजुकेशन (एआइसीटीइ) की अनुमति लेने और अस्थायी भवन की व्यवस्था में विज्ञान व प्रावैधिकी विभाग जुट गया है. विभाग जहां ये कॉलेज खुलने हैं, वहां निजी बिल्डिंग किराये पर लेने की तैयारी कर रहा है. बख्तियारपुर इंजीनियरिंग कॉलेज अपना स्थायी भवन बनने तक पटना स्थित पाटलिपुत्र पॉलिटेक्निक चलेगा. वहीं, सासाराम का इंजीनियरिंग कॉलेज वर्तमान में अस्थायी तौर पर डेहरी ओन सोन पॉलिटेक्निक में और कटिहार इंजीनियरिंग कॉलेज वहीं के पॉलिटेक्निक में चलेगा. विभाग इसका प्रस्ताव तैयार कर एआइसीटीइ को भेजने की तैयारी कर रहा है. इन विषयों की हो सकेगी पढ़ाई :-वर्तमान में सिविल, इलेक्ट्रिकल, मेकैनिकल, इन्फॉरमेशन टेक्नोलाॅजी, लेदर टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर साइंस ऑफ इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्यूनिकेशन जैसे विषयों की पढ़ाई होती है. एक इंजीनियरिंग कॉलेज में चार से पांच ट्रेड (विषयों) की पढ़ाई होगी. एक ट्रेड में 60 सीटें होंगी. जिन छह इंजीनियरिंग कॉलेजों की स्थापना होनी है, उनमें एआइसीटीइ शुरुआत में दो ट्रेड (120 सीटें) की पढ़ाई शुरू करने की अनुमति दे सकता है. इसके बाद दूसरे साल में अन्य ट्रेड बढ़ाये जा सकते हैं. वर्तमान में इन जगहों पर हैं इंजीनियरिंग कॉलेज :-मुजफ्फरपुर, भागलपुर, मोतिहारी, गया, चंडी (नालंदा), दरभंगा व छपरानोट : पटना स्थित बिहार इंजीनियरिंग कॉलेज को एनआइटी का दर्जा मिल गया है. हर जिले में एक इंजीनियरिंग कॉलेज का लक्ष्य छह नये इंजीनियरिंग कॉलेज खुलने से राज्य में इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या बढ़ कर 13 हो जायेगी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात निश्चयों के अनुसार सभी जिलों में एक-एक इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की जानी है. बाकी 25 जिलों में चरणवार इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की जायेगी. संबंधित जिलों में इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए जमीन के खोजने की जिम्मेवारी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी को दी जा रही है. 28 दिसंबर को ही विभागीय समीक्षा में मुख्यमंत्री ने इसका निर्देश भी दिया था.

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