राज्य में पॉच नये मेडिकल कॉलेज की स्थापना होगी : मुख्यमंत्री
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 17 Dec 2015 7:04 PM
राज्य में पॉच नये मेडिकल कॉलेज की स्थापना होगी : मुख्यमंत्रीसीएम ने की स्वास्थ्य, श्रम और सूचना प्रोद्योगिकी विभाग की समीक्षा बैठकसंवाददाता, पटनाराज्य सरकार प्रदेश में पांच नये मेडिकल काॅलेज खोलने जा रही है. ये सभी मेडिकल काॅलेज एमसीआइ के मानक के अनुरूप होंगे. इन पांचों नये मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग कॉलेज की भी स्थापना […]
राज्य में पॉच नये मेडिकल कॉलेज की स्थापना होगी : मुख्यमंत्रीसीएम ने की स्वास्थ्य, श्रम और सूचना प्रोद्योगिकी विभाग की समीक्षा बैठकसंवाददाता, पटनाराज्य सरकार प्रदेश में पांच नये मेडिकल काॅलेज खोलने जा रही है. ये सभी मेडिकल काॅलेज एमसीआइ के मानक के अनुरूप होंगे. इन पांचों नये मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग कॉलेज की भी स्थापना होगी. इसके अलावा सभी जिलों में जीएनएम स्कूल एवं पारा मेडिकल इंस्टीट्यूट और सभी अनुमंडलों में एएनएम स्कूल की स्थापना की जायेगी. गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वास्थ्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में इसकी मंजूरी दी. इससे न केवल प्रदेश में हर वर्ष डाॅक्टरों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवा में भी भारी बदलाव आयेगा. मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग और सूचना प्रौद्याेगिकी विभाग के कामकाज की भी समीक्षा की. समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव, श्रम मंत्री विजय प्रकाश और सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अशोक चौधरी उपस्थित हुए. समीक्षा बैठक के बाद स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन ने बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पटना मेडिकल काॅलेज अस्पताल, नालंदा मेडिकल काॅजेल अस्पताल और इंदिरा गांधी ह्रदय रोग संस्थान को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अस्पताल बनाया जायेगा. इसके लिए अधिकारियों को तय समयसीमा के अंदर कार्रवाई किये जाने का टास्क दिया गया है. तीनों संस्थान अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित होंगे. उन्होंने बताया कि पीएमसीएच को ऐसा बनाया जायेगा कि असाध्य रोगों से ग्रसित मरीजों का इलाज अगर किसी भी अस्पताल में नहीं हो पाया है, तो उनका इलाज यहां हो सके. बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी अस्पतालों में नि:शुल्क दवाओं का वितरण निर्बाध रूप से करने और दवा वितरण में आ रही दिक्कतों को तत्काल दूर करने का निर्देश दिया. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि मरीजों के आधार कार्ड को संजीवनी सॉफ्टवेयर से लिंक किया जाये, ताकि आकड़ों की बेहतर समीक्षा हो सके. सभी जिला अस्पतालों में चार शय्या वाले गहन चिकत्सिा यूनिट (आइसीयू) को 10 शय्या वाले आइसीयू में परिवर्तित किया जायेगा. प्रत्येक जिले के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में रेडियोलॉजी एवं पैथोलॉजी जांच की सुविधा मरीजों को दी जायेगी. सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में पीपीपी मोड से एमआरआइ और सिटी स्कैन मशीन तुरंत स्थापित की जायेगी. 212 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को सुसज्जित कर उनमें डॉक्टरों और पारा मेडिकल स्टाफों की कमी को दूर किया जायेगा. सीएम ने प्रधान सचिव को यह निर्देश दिया कि राज्य स्तर पर एक टीम का गठन किया जाये, जो डॉक्टरों एवं पारा मेडिकल स्टाफों की उपस्थिति का औचक निरीक्षण करे. अनुपस्थित पाये जाने वाले डॉक्टरों और पारा मेडिकल स्टाफों पर आवश्यक कार्रवाई की जाये. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि डॉक्टरों, नर्स एवं एएनएम की कमी को अभियान चला कर दूर किया जाये. एमसीआइ की ओर से बतायी गयी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दो-तीन महीने में दूर करने का भी टास्क दिया. मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार जननी बाल सुरक्षा योजना के तहत अब मरीजों को डिस्चार्ज के पहले 1400 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जायेगी. शराब की लत छुड़ाने के लिए सभी जिलों में डिएडक्शिन सेंटर सीएम ने अधिकारियों से कहा कि शराब की लत छुड़ाने के लिए हर जिले में एक डिएडक्शिन सेंटर की स्थापना किया जाये. इसके लिए सचिव, स्वास्थ्य विभाग पूर्व से ही सारी व्यवस्था करेंगे. प्वाइंटर -प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में हर हालत में लैंडलाइन फोन फंक्शनल रहेगा. – लैंडलाइन कनेक्टिविटी नहीं रहने के लिए जिम्मेवार होंगे प्रभारी चिकित्सक- राज्य स्वास्थ्य समिति के परियोजना निदेशक सेल गठित कर पीएचसी पर रखेंगे नजर – एंबुलेंस के परिचालन में ऑटो मॉनीटरिंग सिस्टम लगेगा.-जीपीएस सिस्टम से मोबाइल परिचालन की मॉनीटरिंग होगी.- सेक्स रेशियो को दूर करने के लिए लड़कियों के स्वास्थ्य पर पूर्ण ध्यान देना होगा.- कालाजार के मरीज को नयी दर से तीस दिनों की मजदूरी मिलेगी. – कालाजार के मरीज के साथ आने वाले अटेंडेंट को दो दिनों का वेज लॉस मिलेगा. – दूरदराज एवं सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में पोस्टेड डॉक्टरों को विशेष इंटेंसिव मिल सकता है- हेल्थ इन्वेस्ट पॉलिसी लागू की जायेगी- राज्य स्तर पर निरीक्षण दल का गठन किया जायेगा. – यह दल डॉक्टरों की उपस्थिति, मरीजों का भोजन एवं अस्पताल के सफाई का औचक निरीक्षण करेंगे और दोषी पर कार्रवाई करेगी. बैठक में ये थे शामिलमुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, विकास आयुक्त शिशिर सिन्हा, प्रधान सचिव स्वास्थ्य आरके महाजन, वित्त सचिव रवि मित्तल, मुख्यमंत्री के सचिव चंचल कुमार, अतीश चन्द्रा, परियोजना निदेशक राज्य स्वास्थ्य समिति जितेंद्र श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, डाॅ एचडी दिवाकर सहित सभी संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










