ट्यूशन पढ़ा तीन बेटों को बनाया इंजीनियर
कटेया : जीवन में यदि संकल्प और ढ़ृढ़ निश्चय कर लिया जाये, तो कोई भी काम अंसभव नहीं है. स्थितियां विपरीत होने के बाद भी कभी लक्ष्य के भटकें नहीं. जीवन की हर परीक्षा को चुनौती के रूप में लिया और सफलता हासिल की. पैसों के अभाव नें गोपेश्वर कॉलेज से 1983 में स्नातक साइंस […]
कटेया : जीवन में यदि संकल्प और ढ़ृढ़ निश्चय कर लिया जाये, तो कोई भी काम अंसभव नहीं है. स्थितियां विपरीत होने के बाद भी कभी लक्ष्य के भटकें नहीं. जीवन की हर परीक्षा को चुनौती के रूप में लिया और सफलता हासिल की. पैसों के अभाव नें गोपेश्वर कॉलेज से 1983 में स्नातक साइंस की पढ़ाई करने के बाद आगे की पढ़ाई छोड़नी पड़ी.
घर-परिवार की जिम्मेवारियों के साथ शिक्षा को ही कैरियर बना कर अपनी मंजिल तय की. हम बात कर रहे हैं कटेया के रहनेवाले परमानंद प्रसाद की, जिन्होंने कड़ी मेहनत से यह संभव कर दिखाया है. आज इनके तीन बेटे बीटेक कर इंजीनियर बने चुके हैं. बेटों की सफलता को वे अपने जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य मान रहे थे.
एक बेटा संदीप कुमार झारखंड के धनबाद में इंजीनियर है, तो दूसरा बेटा आशीष कुमार छतीसगढ़ के रायपुर में इंजीनियर है. तीसरा बेटा लखनऊ से इसी साल बीटेक फाइनल कर रहा है. बेटों की बुलंदी संघर्ष का परिणाम है.
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