देवान परसा पहुंची मेडिकल टीम, बच्चों की जांच

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देवान परसा पहुंची मेडिकल टीम, बच्चों की जांचरात में मेडिकल टीम के नहीं रहने से लोगों में आक्रोशअज्ञात बीमारी से ग्रस्त दोनों बच्चों की स्थिति गंभीर फोटो-15-बच्चों की जांच करते डॉक्टरफोटो 16- परिजनों से बीमारी की जानकारी लेती मेडिकल टीमसंवाददाता, देवान परसाफुलवरिया प्रखंड के देवान परसा गांव में अज्ञात बीमारी के कारण तीन बच्चों की […]

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देवान परसा पहुंची मेडिकल टीम, बच्चों की जांचरात में मेडिकल टीम के नहीं रहने से लोगों में आक्रोशअज्ञात बीमारी से ग्रस्त दोनों बच्चों की स्थिति गंभीर फोटो-15-बच्चों की जांच करते डॉक्टरफोटो 16- परिजनों से बीमारी की जानकारी लेती मेडिकल टीमसंवाददाता, देवान परसाफुलवरिया प्रखंड के देवान परसा गांव में अज्ञात बीमारी के कारण तीन बच्चों की हुई मौत के बाद सजग हुए स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल टीम का गठन तो कर दिया, लेकिन यह जांच करना भूल गयी कि मेडिकल टीम गांव में है भी या नहीं. गुरूवार को गठित मेडिकल टीम के सदस्यों को गांव में 24 घंटे ड्यूटी करनी है. लेकिन गुरूवार की रात मेडिकल टीम के एक भी सदस्य गांव में नहीं थे. जिसे लेकर ग्रामीणों में काफी गुस्सा है. वहीं दूसरी तरफ बीमारी के शिकार हुए राजेश राम दोनों बच्चों की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है. दोनों बच्चों का इलाज गोपालगंज में चल रहा है. गांव में शुक्रवार को गोपालगंज से सिविल सर्जन के नेतृत्व में पहुंची मेडिकल टीम के सदस्यों ने गांव में मौजूद एक एक बच्चों की जांच की. .. रात में नहीं रूकी टीम, ग्रामीणों में गुस्सा देवान परसा कांड के बाद गठित मेडिकल टीम में डा. केडी प्रसाद, सोनू कुमारी, चंद्रकला देवी, चिंता देवी, सुरेश राम, निर्मला कुमारी शामिल थे. जिन्हें 24 घंटे की ड्यूटी देनी थी. ग्रामीण बाबू लाल राम, राजेश राम, मुकंुद साह, प्रभू साह, संजित राम, रमेश लाल श्रीवास्तव आदि ने बताया कि रात में एक भी स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं थे. स्वास्थ्य विभाग द्वारा सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है.सीएस ने की बच्चों की स्वास्थ्य जांच :देवान परसा में तीन बच्चों के मौत और तीन में बीमारी के लक्षण मिलने के बाद शुक्रवार को गोपालगंज के सिविल सर्जन डा. मधेश्वर प्रसाद शर्मा, जिला मलेरिया पदाधिकारी चंद्रिका प्रसाद, रेफरल अस्पताल प्रभारी डा. उपेंद्र प्रसाद ने पहुंच कर एक एक चीजों की सुक्ष्मता से जांच की. उन्होंने लोगों से बात चीत कर बीमारी के बारे में पुरी जानकारी एकत्रित की. साथ ही दलित बस्ती में बचे एक एक बच्चे के स्वास्थ्य की जांच की, एवं मौजूद कर्मियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिये. गांव में सन्नाटा, खौफ का माहौल :देवान परसा दलित बस्ती में जिस तरह एक एक कर तीन बच्चों की मौत हुई. उसे ग्रामीणों ने भी अपनी खुली आंखों से देखा था. उसके बाद ग्रामीणों में खौफ इस कदर व्याप्त हो गया कि वे अपने अपने बच्चों को लेकर अपनी रिश्तेदारी में चले गये. घटना के बाद कई घरों में अभी तक चुल्हा नहीं जला है. गांव की रमावती देवी बताती है कि हमारे गांव को न जाने किसकी नजर लग गयी है. वे कहती है कि भगवान हम लोगों को उठा ले, लेकिन हमारे बच्चों को बख्श दे. जुलाई में पशुओं पर टूटा था कहर :देवान परसा गांव तीन बच्चों की मौत के बाद एक बात की चर्चा और होने लगी है. जुलाई माह में इसी दलित बस्ती में चार पशुओं की मौत हो गयी थी. उस समय इस गांव में एक कुत्ता पागल हो गया था. जिसके काटने से अजय पांडेय, जोगी राय, इदरीश मियां. यूनुस मियां के पशुओं की मौत हो गयी थी. इधर, इस घटना के बाद ग्रामीणों में पशुओं के मरने की चर्चा भी होने लगी है.

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