गोपालगंज : परीक्षा के जाम से सोमवार को पूरा शहर कराह उठा. मैट्रिक परीक्षा को लेकर उमड़ी भीड़ ने पहले ही दिन यातायात व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी. शहर में पहुंची भीड़ से ट्रैफिक सिस्टम पूरी तरह नाकाम रहा, जिससे जाम की स्थिति काफी भयावह थी.
सुबह आठ बजे से और दोपहर के वक्त शहर में हर तरफ चौतरफा जाम का नजारा रहा. एक तरफ स्कूल बसों की ठेलम-ठेल थी, तो दूसरी ओर मैट्रिक परीक्षार्थियों एवं उनके अभिभावकों के अलावा प्राइवेट गाड़ियों की लंबी कतारे लगी रही. इस भीड़ में मरीज लेकर एंबुलेंस भी फंसा रहा. किसी तरह भीड़ से बाहर निकलने के लिए धक्कम-धुक्की होती रही. मैट्रिक परीक्षा को लेकर शहर में पहले दिन लगभग 45 हजार की भीड़ पहुंची.
नतीजा हुआ कि शहर का हर कोना जाम से जूझने लगा. हर तरफ आगे बढ़ने के लिये लोगों में बेचैनी रही. जाम का आलम यह था कि पग-पग बढ़ने के लिये लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा. हालाकि परीक्षा शुरू होने के बाद जाम पर काबू पाया जा सका.परीक्षा के दौरान बड़े वाहनों समेत गन्ना लेकर आने वाली गाड़ियों पर दिन में रोक नहीं लगी जो जाम का मुख्य कारण बना.
इसके अलावा निजी विद्यालयों की छुट्टी एवं मैट्रिक परीक्षा समाप्त होने का समय लगभग आसपास ही था. एक तरफ परीक्षार्थी एवं उनके अभिभावकों की भीड़ गाड़ी के साथ सड़क पर थी, तो दूसरी तरफ छुट्टी होने के चलते स्कूल बसें भी बच्चों को लेकर निकल पड़ी थीं.
इसके चलते जाम लगना स्वाभाविक था. वहीं परीक्षार्थियों के साथ सोमवार को शहर आये आम नागरिकों को भी फजीहत झेलनी पड़ी.आंबेडकर चौक से लेकर चिराई घर तक चलना जहां मुश्किल रहा, वहीं अरार से पीडब्ल्यूडी के कार्यालय तक जाम रहा. इधर थाना चौक से ब्लॉक तक सड़क पर लोगों का चलना मुश्किल रहा, तो जादोपुर रोड में भी कशमकश रहा.
जाम के जद में शहर की गलियां भी रहीं. स्टेशन रोड समेत कई इलाके जाम की चपेट में रहे, जिसके चलते इन इलाकों में राहगीरों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी. कई महिलाएं व बच्चे जाम में फंसे दिखे.
व्यवस्था पर भारी रही भीड़
परीक्षा को देखते हुए जाम से निबटने के लिए प्रशासन द्वारा जो व्यवस्था की गयी थी, वह भीड़ के सामने बौनी साबित हुई. शहर के प्रत्येक चौराहे पर पुलिस के जवान तैनात थे, लेकिन अप्रत्याशित भीड़ के सामने व्यवस्था कुछ देर के लिए पूरी विफल रही. हालांकि पुलिस जवान और अधिकारी जाम से निबटने के लिए जी-तोड़ प्रयास करते रहे.
