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गोपालगंज : सिविल एसडीओ की जांच से हुआ खुलासा, एक्सपायरी दवाओं से होता है नवजात का इलाज

Updated at : 22 Nov 2018 6:30 AM (IST)
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गोपालगंज : सिविल एसडीओ की जांच से हुआ खुलासा, एक्सपायरी दवाओं से होता है नवजात का इलाज

गोपालगंज के एसएनसीयू में सिविल एसडीओ की जांच से हुआ खुलासा गोपालगंज : सदर अस्पताल के एसएनसीयू में हाल ही में भर्ती नवजात को चिटियों ने काट कर गंभीर कर दिया था. इसके बाद भी एसएनसीयू में लापरवाही के हालात बदले नहीं है. अब नवजातों का इलाज एक्सपायरी दवा से किये जाने का खुलासा हुआ […]

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गोपालगंज के एसएनसीयू में सिविल एसडीओ की जांच से हुआ खुलासा
गोपालगंज : सदर अस्पताल के एसएनसीयू में हाल ही में भर्ती नवजात को चिटियों ने काट कर गंभीर कर दिया था. इसके बाद भी एसएनसीयू में लापरवाही के हालात बदले नहीं है. अब नवजातों का इलाज एक्सपायरी दवा से किये जाने का खुलासा हुआ है.
अचानक एसडीओ वर्षा सिंह सदर अस्पताल के एसएनसीयू पहुंच गयी, जहां नवजात बच्चों का इलाज एक्सपायरी दवाओं से चल रहा था. कई दवाएं चार नवंबर को एक्सपायर हो गयी थीं तो कई दवाएं ऐसा मिला तो नवंबर में एक्पायर हो रही हैं. एक्सपायरी दवा से इलाज के मामले को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है.
इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के सचिव को रिपोर्ट भेजने की तैयारी चल रही है. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एसडीओ वर्षा सिंह बुधवार की शाम अचानक सदर अस्पताल पहुंची. वहां नवजात बच्चों के इलाज के लिए बनाये गये एसएनसीयू में पहुंची. दवाओं से लेकर व्यवस्था तक की जानकारी ली. मौजूद डॉक्टर से कड़ी पूछताछ की. इसमें एक्सपायरी दवा से इलाज होने की बात सामने आयी.
इससे पहले सदर अस्पताल के महिला वार्ड, जनरल वार्ड में पहुंचकर स्थिति का आकलन किया, जिसमें बेड टूटे हुए पाये गये, अधिकतर बेड से चादर गायब थे. कई बेड पर गंदा चादर बिछा हुआ था, जहां तहां कचरा फैला हुआ था. अस्पताल में अमानवीय स्थिति बनी हुई थी तो शौचालय की स्थिति सबसे बदतर पायी गयी, जहां पैर रखना तक मुश्किल था. अस्पताल में संक्रमण फैलने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता था. एसडीओ ने इसे गंभीरता से लेते हुए विभाग को रिपोर्ट करने की बात कही है.
इसकी जानकारी देते हुए एसडीओ ने बताया कि नवजात बच्चों की सबसे अधिक केयर की जरूरत है और वहां एक्सपायर तथा एक्सपायर मंथ की दवाओं से इलाज चल रहा था, जो काफी लापरवाही व बच्चों की जान से खिलावाड़ हो रहा तो अस्पताल प्रबंधन मरीजों के कोई सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा रहा, जो उन्हें मिलनी चाहिए.
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