टेरर फंडिंग के मास्टरमाइंड को लेकर यूपी लौटी एटीएस

Updated at : 29 Jun 2018 4:36 AM (IST)
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टेरर फंडिंग के मास्टरमाइंड को लेकर यूपी लौटी एटीएस

कश्मीर के पत्थरबाजों से भी जुड़े हैं रमेश साह के तार हवाला कारोबारियों को चिह्नित कर सबूत जुटा रही एटीएस गोपालगंज : देश के अंदर दशहतगर्दी फैलाने वालों को रुपये भेजने के साथ ही पाकिस्तान में मौजूद कश्मीरी आतंकियों को भी नियमित रूप से बड़ी रकम भेजने का खुलासा हुआ है. एटीएस के हत्थे चढ़े […]

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कश्मीर के पत्थरबाजों से भी जुड़े हैं रमेश साह के तार

हवाला कारोबारियों को चिह्नित कर सबूत जुटा रही एटीएस
गोपालगंज : देश के अंदर दशहतगर्दी फैलाने वालों को रुपये भेजने के साथ ही पाकिस्तान में मौजूद कश्मीरी आतंकियों को भी नियमित रूप से बड़ी रकम भेजने का खुलासा हुआ है. एटीएस के हत्थे चढ़े गोपालगंज नगर थाने के हजियापुर के स्थायी निवासी हरिशंकर साह का पुत्र रमेश साह टेरर फंडिंग का मास्टरमाइंड है. यूपी एटीएस उसे गोरखपुर से लेकर लखनऊ लौट गयी है. उसने एटीएस के सामने जो राज खोला है उससे स्पष्ट है कि लश्कर के लिए टेरर फंडिंग का नेटवर्क चला कर उसने अकूत संपत्ति अर्जित की है. पाकिस्तान में रुपये भेजने के लिए वह हवाला कारोबारियों की मदद लेता था. पूछताछ में उसने कई हवाला कारोबारियों के नाम भी बताये हैं.
अब हवाला कारोबारियों को चिह्नित कर सबूत एकत्र करने के लिए एटीएस की एक टीम अलग से लगायी गयी है. रमेश साह से जुड़े हवाला कारोबारी भूमिगत हो गये हैं. उनको भय है कि कहीं वे भी चंगुल में न आ जायें. छानबीन में कश्मीर के पत्थरबाजों से भी रमेश साह के तार जुड़े होने का पता चला है. लश्कर-ए-तैयबा का एक आतंकी पाकिस्तान में बैठकर इस नेटवर्क का संचालन कर रहा था. रमेश साह उसके सीधे संपर्क में था. पाकिस्तानी हैंडलर इंटरनेट काल के जरिये उसे आदेश-निर्देश देता था.
मास्टरमाइंड की गाड़ियां लेकर लौटी एटीएस
टेरर फंडिंग के मास्टरमाइंड रमेश साह की दो गाड़ियों को जब्त कर एटीएस की टीम लखनऊ लौट गयी. पूछताछ में उसने पहले ही कबूल किया था कि टेरर फंडिंग की कमाई से उसने एक हुंडई क्रेटा कार और एक मारुति वैन खरीदा था तथा साहपुर में सत्यम मार्ट बनवाया है. गाड़ियों को उसने एक दोस्त के घर छिपाकर रखा था. उसकी निशानदेही पर दोनों गाड़ियां जब्त कर एटीएस की टीम अपने साथ ले गयी है. एटीएस की टीम ने उसके मार्ट और घर का कोना-कोना चेक किया. साथ ही मार्ट को जब्त करने की भी कागजी औपचारिकता शुरू कर दी है.
एटीएस के हाथ लगे अहम दस्तावेज
एटीएस की टीम गोरखपुर के साहपुर में असुरन चौराहे के पास स्थित उसके सत्यम मार्ट पहुंची. करीब दो घंटे तक यहां छानबीन करने के बाद यह टीम उसको लेकर पहले बिछिया, साहपुर के सर्वोदयनगर स्थित मकान और झरना टोले में स्थित उसके किराये के घर भी गयी. दोनों घरों में भी काफी देर तक छानबीन चलती रही. बताते हैं कि मार्ट और दोनों घरों की छानबीन में कई अहम दस्तावेज एटीएस के हाथ लगे हैं. इन दस्तावेजों से मिली जानकारी से एटीएस को टेरर फंडिंग नेटवर्क से जुड़े हवाला कारोबारियों तक पहुंचने में काफी मदद मिलने की उम्मीद है.
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