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माओवादी दियारा में तैयार कर रहे जमीन

बरौली व मांझा में एक सप्ताह पहले दिखे थे खुफिया विभाग ने गृह मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट गोपालगंज : गंडक नदी का दियारा इलाका, जहां एक दशक पूर्व तक दस्यु सरगनाओं, जंगल पार्टी, अापराधिक गैंग के आपसी वर्चस्व के बीच टकराव के कारण रक्तरंजित होता रहा है. एक दशक के बाद इस इलाके में अब […]

बरौली व मांझा में एक सप्ताह पहले दिखे थे

खुफिया विभाग ने गृह मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट
गोपालगंज : गंडक नदी का दियारा इलाका, जहां एक दशक पूर्व तक दस्यु सरगनाओं, जंगल पार्टी, अापराधिक गैंग के आपसी वर्चस्व के बीच टकराव के कारण रक्तरंजित होता रहा है. एक दशक के बाद इस इलाके में अब माओवादी संगठन जमीन तैयार करने में लगा है. यह संगठन इलाके में तेजी से अपना जाल फैला रहा है. माओवाद के विचारों से युवाओं को जोड़ कर उन्हें माओवादी बनाया जा रहा है. दियारा का इलाका शुरू से ही अपराधियों के लिए सेफ जोन रहा है, जो अब माओवादियों के लिए काफी मुफीद साबित हो रहा है. एक सप्ताह पहले बरौली तथा मांझा के इलाके में हथियारबंद माओवादियों का दस्ता देखा गया है.
ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को भी दी. पुलिस अपने स्तर से इस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी है. पुलिस माओवादियों की गतिविधियों की पुष्टि करने से इनकार कर रही है. ग्रामीणों का कहना है कि माओवादियों की चहलकदमी वाले इलाके में पुलिस जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है. इधर, केंद्रीय खुफिया एजेंसी ने गृह विभाग को अपनी रिपोर्ट भेज कर इसका खुलासा किया है.
युवाओं काे ऑफर : नेपाल के वाल्मीकिनगर से सोनपुर तक 180 किमी के क्षेत्र में फैली गंडक नदी का दियारा इलाका जहां साल-दर- साल बाढ़ की त्रासदी लोग झेल रहे हैं. यहां के युवाओं को माओवादियों ने ऑफर दे रखा है. अपने संगठन से जोड़ने के लिए उन्हें बेहतर सैलरी तथा इंश्योरेंस का प्रलोभन दिया गया है. घटाटोप अशिक्षा और बेरोजगारी इनके लिए यूरिया का काम कर रही है. नये चेहरे को संगठन में शामिल किया जा रहा है, ताकि उनकी जमीन दियारा इलाके में तैयार हो जाये.
नेपाल बना प्रशिक्षण केंद्र : दियारा इलाके से युवाओं व युवतियों को माअोवादी संगठन से जोड़ा जा रहा है. उन्हें नेपाल में भेज कर प्रशिक्षण दिया जा रहा है. नेपाल में चीन से जुड़े चार माओवादी संगठनों ने ट्रेनिंग सेंटर खोल रखे हैं. खुफिया सूत्रों की मानें तो इस ट्रेनिंग सेंटर में अत्याधुनिक हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. देश विरोधी गतिविधि में इनका उपयोग किया जा सकता है. चीन की खतरनाक मंशा को खुफिया एजेंसियों ने गंभीरता से लिया है. गंडक नदी के रास्ते चीन से जुड़े माओवादी संगठन बिहार के अलावा यूपी के भी सीमावर्ती इलाके में पैठ जमा रहे हैं. हालांकि इस संबंध में जब एसडीपीओ मनोज कुमार से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कुछ भी बताने से परहेज किया.
Prabhat Khabar Digital Desk
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