तालाब की मरम्मत शुरू होती ही नयी दीवार गिरी

लीपगंज चट्टी स्थित मुगलकालीन तालाब के जीर्णोद्धार में लापरवाही उजागर
लीपगंज चट्टी स्थित मुगलकालीन तालाब के जीर्णोद्धार में लापरवाही उजागर प्रतिनिधि, शेरघाटी. शहर के ऐतिहासिक लीपगंज चट्टी स्थित मुगलकालीन तालाब के जीर्णोद्धार कार्य में गंभीर लापरवाही सामने आयी है. तालाब की मरम्मत शुरू होते ही एक तरफ की दीवार अचानक ढह गयी. बता दें कि बरसात के दौरान तालाब की तीनों तरफ की दीवार पहले ही ढहकर क्षतिग्रस्त हो चुकी थी. इसके पुनर्निर्माण के लिए तत्कालीन विधायक मंजू अग्रवाल की पहल पर टेंडर की प्रक्रिया पूरी की गयी थी. इसके बाद बुडको के माध्यम से तालाब का जीर्णोद्धार कार्य शुरू कराया गया. स्थानीय पवन कुमार, कपिल प्रसाद का आरोप है कि निर्माण में निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग किया गया. इसके कारण नयी दीवार बनते ही भरभराकर गिर गयी. ग्रामीणों ने बताया कि मरम्मत कार्य में मात्र आठ एमएम की छड़ लगायी जा रही है और दीवार की मोटाई सिर्फ 10 इंच रखी गयी है, जबकि पहले की दीवार 20 इंच मोटी थी. लोगों का कहना है कि यह तालाब उनकी सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है, इसलिए इसके पुनरुद्धार में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त योग्य नहीं है. अभिकर्ता आशुतोष कुमार ने बताया कि 46 लाख 12 हजार 916 रुपये की लागत से तालाब के चारों ओर दीवार निर्माण, साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाना है. तालाब के मध्य स्थित गुंबद को सफेद पत्थरों से सजाया जायेगा और आकर्षक लाइटिंग की व्यवस्था की जायेगी. ताकि, शाम के समय यह स्थल और भी मनमोहक दिखाई दें. कच्ची दीवार रहते ही उसमें मिट्टी की भराई शुरू हो गयी थी, जिसकी वजह से दीवार गिर गयी. घटिया सामग्री का उपयोग बता दें कि यह तालाब शेरघाटी की गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक माना जाता है. परंपरागत रूप से यहां छठ पूजा के दौरान अर्घ अर्पित किया जाता था. मुस्लिम समुदाय के लोग वजू कर नमाज अदा करते हैं. तालाब की जर्जर स्थिति के कारण दोनों समुदाय लंबे समय से इसके जीर्णोद्धार का इंतजार कर रहे थे. लेकिन, निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के उपयोग को देखते हुए लोगों को आशंका है कि जीर्णोद्धार के बाद भी तालाब की स्थिति में खास सुधार नहीं होगा. निर्माण की होगी जांच – एसडीओ इस बाबत एसडीओ मनीष कुमार ने बताया कि कार्य में मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किये जाने की शिकायत मिली है. मामले की जांच कर संबंधित पदाधिकारियों एवं संवेदक पर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.
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