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स्टेम सेल थेरेपी इस्केमिक ब्रेन इंजरी के लिए उपयोगी : डॉ गौरव वर्मा

Updated at : 12 Oct 2025 5:16 PM (IST)
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स्टेम सेल थेरेपी इस्केमिक ब्रेन इंजरी के लिए उपयोगी : डॉ गौरव वर्मा

सीयूएसबी में गोथेनबर्ग विश्वविद्यालय के डॉ वर्मा ने विशेष व्याख्यान में दी जानकारी

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सीयूएसबी में गोथेनबर्ग विश्वविद्यालय के डॉ वर्मा ने विशेष व्याख्यान में दी जानकारी

वरीय संवाददाता, गया जी.

स्टेम सेल के उपयोग से इस्केमिक ब्रेन इंजरी और अन्य प्रकार की तंत्रिका संबंधी चोटों का इलाज किया जा सकता है. प्रभावित व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकते हैं. स्वीडन स्थित गोथेनबर्ग विश्वविद्यालय के तंत्रिका विज्ञान एवं शरीरक्रिया विज्ञान विभाग के स्टाफ साइंटिस्ट डॉ गौरव वर्मा ने सीयूएसबी में आयोजित विशेष व्याख्यान में मस्तिष्क और तंत्रिका संबंधी चोटों के उपचार की संभावनाओं पर चर्चा की. डॉ वर्मा ने सीयूएसबी के बायोटेक्नोलॉजी विभाग में ”इस्केमिक ब्रेन इंजरी में स्टेम सेल-माइटोकॉन्ड्रिया प्रत्यारोपण का उपयोग करके तंत्रिका संबंधी जीवन रक्षा को बढ़ाना” विषय पर एक व्याख्यान दिया. कुलपति प्रो कामेश्वर नाथ सिंह के संरक्षण में इस व्याख्यान का आयोजन पृथ्वी, जैविक व पर्यावरण विज्ञान संकाय (एसइबीइएस) के डीन प्रो रिजवानुल हक व जैबायोटेक्नोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो राकेश कुमार तथा वरिष्ठ सहायक प्रोफेसर व आयोजन सचिव डॉ जावेद अहसन ने किया.

15 वर्षों से अधिक के अनुभव वाले एक न्यूरो साइंटिस्ट डॉ गौरव ने इस्केमिक ब्रेन इंजरी के बाद न्यूरोनल रिकवरी को बढ़ावा देने के लिए स्टेम सेल थेरेपी और माइटोकॉन्ड्रियल ट्रांसप्लांटेशन के संयोजन के अत्याधुनिक तरीकों पर बहुमूल्य जानकारी प्रदान की. न्यूरोडीजनरेशन के क्षेत्र में हालिया प्रगति पर उनके शोध ने न्यूरोडीजेनेरेटिव और मेटाबॉलिक रोगों को समझने व प्रबंधित करने में ट्रांसलेशनल रिसर्च के लिए नये दृष्टिकोण दिये हैं. उन्होंने माइटोकॉन्ड्रियल बायोलॉजी और इसके ट्रांसप्लांटेशन पर अपने चल रहे शोध कार्य के बारे में विस्तार से बताया, जिसका उद्देश्य मस्तिष्क व अन्य अंगों में इस्केमिक क्षति के बाद न्यूरोनल ऊर्जा मेटाबॉलिज्म को बहाल करना और न्यूरोनल उत्तरजीविता को बढ़ाना है. स्टेम सेल थेरेपी और माइटोकॉन्ड्रियल ट्रांसप्लांटेशन पर उनके वर्तमान शोध में मानव शरीर की कई जानलेवा स्थितियों के बेहतर प्रबंधन व उपचार की अपार संभावनाएं और आशा है.

पीआरओ मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत प्रो रिजवानुल हक और प्रो राकेश कुमार द्वारा अतिथि वक्ता के अभिनंदन के साथ हुई. प्रोफेसर हक ने अपने स्वागत भाषण में स्टेम सेल के क्षेत्र में एक बहुत ही प्रासंगिक समकालीन विषय पर व्याख्यान देने के निमंत्रण को स्वीकार करने के लिए डॉ गौरव के प्रति आभार व्यक्त किया. कार्यक्रम का संचालन डॉ जावेद अहसन ने किया तथा उन्होंने अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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KALENDRA PRATAP SINGH

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