सार्थक प्रगति के लिए सही सोच, अनुशासन और निरंतर प्रयास जरूरी : विनिता एस सहाय

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कार्यक्रम को संबोधित करतीं आइआइएम की डायरेक्टर | Prabhat Khabar Network

IIM बोधगया में 80वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया। निदेशक डॉ विनिता एस सहाय ने छात्रों को अनुशासन और निरंतर प्रयास से राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित किया।

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Gaya Ji News : आईआईएम बोधगया ने परिसर में विभिन्न कार्यक्रमों के साथ भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया. समारोह में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने एक साथ देश की स्वतंत्रता का स्मरण किया और जिम्मेदारी, अनुशासन, एकता एवं राष्ट्र निर्माण के मूल्यों पर विचार किया. इस अवसर पर संस्थान की 11 वर्षों की यात्रा, बढ़ते आकार और राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बन रही पहचान को भी याद किया गया.

निदेशक ने फहराया तिरंगा, राष्ट्रगान से गूंजा परिसर

समारोह की शुरुआत आईआईएम बोधगया की निदेशक डॉ. विनिता एस. सहाय ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर की. इसके बाद आईआईएम बोधगया परिवार ने राष्ट्रगान गाया. सभा को संबोधित करते हुए डॉ. विनिता एस. सहाय ने सार्थक प्रगति के लिए सही सोच, अनुशासन और निरंतर प्रयास को जरूरी बताया.

‘11 साल में 30 छात्रों के बैच से वैश्विक पहचान तक’

डॉ. सहाय ने संस्थान की 11 वर्षों की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि आईआईएम बोधगया 30 छात्रों के एक बैच से आगे बढ़कर राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि संस्थान की आगे की यात्रा ‘गो, फ्लाई, सोर, हाई’ की भावना से प्रेरित है.

उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे जहां भी जाएं, वहां सकारात्मक बदलाव लाएं और राष्ट्र, संस्थानों तथा उन समुदायों के विकास में योगदान दें, जिनका वे हिस्सा बनेंगे.

दुनिया के शीर्ष बिजनेस स्कूलों में शामिल होने की दिशा में बढ़ा संस्थान

आईआईएम बोधगया आज तीसरी पीढ़ी के आईआईएम में अग्रणी संस्थान के रूप में अपनी पहचान बना चुका है. संस्थान को AACSB से मान्यता प्राप्त है. इससे यह दुनिया के लगभग शीर्ष छह प्रतिशत बिजनेस स्कूलों में शामिल है. संस्थान लगातार अपनी शैक्षणिक पहचान मजबूत करने, संस्थागत विस्तार बढ़ाने और राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.

रस्साकशी से लेकर देशभक्ति कार्यक्रम तक

समारोह के दौरान रस्साकशी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इसके बाद योग, पारंपरिक प्रस्तुतियां, देशभक्ति कार्यक्रम, संगीत और नृत्य सहित कई सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए. ‘नशे को ना कहें’ विषय पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशे के दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता का संदेश भी दिया गया.

जिम्मेदार नेतृत्व तैयार करने पर जोर

कार्यक्रम में कहा गया कि भारत विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है. ऐसे समय में आईआईएम बोधगया सक्षम और जिम्मेदार नेतृत्व तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जो संस्थानों, समुदायों और देश के विकास में सार्थक योगदान दे सके.

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Kalendra Pratap Singh

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By Kalendra Pratap Singh

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