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एचपीवी टीका नौ से 14 साल की बच्चियों के लिए जरूरी

Updated at : 11 Aug 2025 5:36 PM (IST)
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एचपीवी टीका नौ से 14 साल की बच्चियों के लिए जरूरी

सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए पांच हजार किशोरियों का एचपीवी टीकाकरण

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सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए पांच हजार किशोरियों का एचपीवी टीकाकरण

किशोरियों का मुख्यमंत्री बालिका कैंसर प्रतिरक्षण योजना के तहत टीकाकरण

वरीय संवाददाता, गया जी.

ह्यूमन पेपिलोमा वायरस पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा बन रहा है. यह एक सेक्सूअली ट्रांसमिटेड यानि यौन संचारित इंफेक्शन है. एचपीवी के कई प्रकार होते हैं. इनमें एचपीवी 16 व एचपीवी 18 सबसे कॉमन एचपीवी जीनोटाइप है. सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण सबसे कारगर है. सर्वाइकल कैंसर को गर्भाशय ग्रीवा या बच्चेदानी के मुंह का कैंसर भी कहा जाता है. एचपीवी टीके सर्वाइकल कैंसर में 90 फीसदी की कमी लायी जा सकती है. इस वैक्सीन की दो डोज दी जाती है. एचपीवी संक्रमण की रोकथाम के लिए जिले में पांच हजार चार सौ 23 किशोरियों को ह्यूमन पेपिलोमा वायरस का टीकाकरण किया गया है. सबसे अधिक टीकाकरण गया शहरी क्षेत्र, बोधगया, मानपुर, कोंच तथा वजीरगंज में किया गया है. दुनियाभर में हर साल लाखों महिलाओं की मौत की दूसरी बड़ी वजह सर्वाइकल कैंसर है. भारत जैसे देश में इस वैक्सीन के प्रति लोगों को बहुत अधिक जागरूक होने की जरूरत है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, सर्वाइकल कैंसर की वजह से होने वाली लगभग नब्बे फीसदी मौत कम या मध्यम आयुवर्ग वाले देशों में होती है. सर्वाइकल कैंसर की पहचान उसके लक्षणों के सामान नहीं मिलने के कारण एडवांस्ड स्टेज में पहुंच जाता है, तब तक यह खतरनाक हो जाता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन वर्ष 2030 तक नब्बे फीसदी लोगों को एचपीवी वैक्सीन लगाकर इस संक्रमण से निजात पाने की दिशा में काम कर रहा है.

विभिन्न प्रखंडों में एचपीवी टीकाकरण

आमस- 100अतरी -184बांकेबाजार – 200 बाराचट्टी -194 बेलागंज -182बोधगया – 349डोभी -171डुमरिया – 100फतेहपुर – 33गया सदर – 102गया अर्बन – 767गुरारू – 100गुरुआ -155इमामगंज – 100 खिजरसराय – 127कोंच – 300मानपुर – 478मोहनपुर – 279 मोहरा – 212 नीमचक बथानी – 207परैया – 100 शेरघाटी – 200 टनकुप्पा – 180 टिकारी – 103वजीरगंज – 300

क्या कहते हैं सिविल सर्जन

सिविल सर्जन डॉ राजाराम प्रसाद ने बताया कि एचपीवी को रोकने के लिए वैक्सीनेशन सबसे कारगर है. यह टीका नौ से चौदह साल की आयु वर्ग वाली बच्चियों को लगाया जा रहा है. टीका लगाने से एचपीवी होने का खतरा कम हो जाता है. महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर होने की एक बड़ी वजह ह्यूमन पेपिलोमा वायरस है. मुख्यमंत्री बालिका कैंसर प्रतिरक्षण योजना के तहत जिले में यह वैक्सीनेशन कराया जा रहा है. उन्होंने बताया कि स्कूलों में अभियान चलाकर एचपीवी टीकाकरण किया गया है. टीकाकरण अभियान बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचाने में मदद करेगा. इस उम्र में टीका लगने से सर्वाइकल कैंसर सहित जननांग के कैंसर से भी सुरक्षा मिलती है. टीकाकरण का कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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JITENDRA MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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