गया के पितृपक्ष मेला की ‘तर्पण’ में लेख छपवाने का मौका, जानें तारीख

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बैठक में शामिल अधिकारी व संपादक मंडल के सदस्य

गया पितृपक्ष मेला 2026 के लिए तर्पण स्मारिका का प्रकाशन होगा। जिला प्रशासन ने संपादक मंडल का गठन कर आलेख जमा करने की अंतिम तिथि 20 अगस्त निर्धारित की है।

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Gaya News : पितृपक्ष मेला महासंगम 2026 के अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से मेला को सफल और यादगार बनाने के उद्देश्य से हर वर्ष ‘तर्पण’ नामक स्मारिका का प्रकाशन कराया जाता है. इस स्मारिका में देश-विदेश के बुद्धिजीवियों और साहित्यकारों के पितृपक्ष से जुड़े आलेख प्रकाशित किये जाते हैं.

स्मारिका के प्रकाशन के लिए संपादक मंडल गठित

इसी सिलसिले में शनिवार की शाम अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) सह संयोजक रवि शंकर शर्मा की अध्यक्षता में स्मारिका कोषांग, पितृपक्ष मेला 2026 की बैठक आयोजित की गयी. जिला पदाधिकारी की ओर से इस वर्ष भी ‘तर्पण’ स्मारिका के सफल प्रकाशन के लिए संपादक मंडल का गठन किया गया है.

कंचन कुमार सिन्हा को फिर मिली संपादक की जिम्मेदारी

संपादक मंडल में जिला पदाधिकारी को संरक्षक बनाया गया है. वहीं अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) रवि शंकर शर्मा को संयोजक और जिला भू-अर्जन पदाधिकारी रविंद्र राम को सह-संयोजक बनाया गया है. जिला जन संपर्क पदाधिकारी दीपक चंद्र देव को सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गयी है. कंचन कुमार सिन्हा को एक बार फिर संपादक की जिम्मेदारी सौंपी गयी है.

संपादक मंडल में साहित्य और शिक्षा जगत के सदस्य

संपादक मंडल के सम्मानित सदस्यों में राकेश कुमार सिन्हा ‘रवि’, डॉ. कुमारी रश्मि प्रिदर्शिनी, डॉ. ममता मेहरा, डॉ. सच्चिदानंद प्रेमी, आचार्य लाल भूषण मिश्र ‘याज्ञिक’ और मणि लाल बारीक को शामिल किया गया है. सभी सदस्य स्मारिका के बेहतर और गुणवत्तापूर्ण प्रकाशन में अपनी भूमिका निभाएंगे.

समय पर स्मारिका प्रकाशित करने को लेकर हुआ मंथन

अपर समाहर्ता (विधि व्यवस्था) के प्रकोष्ठ में संपादक मंडल के सम्मानित सदस्यों के साथ बैठक हुई. इसमें ‘तर्पण’ स्मारिका का सफल और ससमय प्रकाशन सुनिश्चित करने को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया. बैठक में आलेखों के चयन और प्रकाशन से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई.

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20 अगस्त तक ही भेज सकेंगे अपना आलेख

बैठक में निर्णय लिया गया कि स्मारिका के लिए 20 अगस्त 2026 तक ही आलेख स्वीकार किये जाएंगे. प्राप्त आलेखों को संपादक मंडल की ओर से ध्यानपूर्वक पढ़ने और समीक्षा करने के बाद ही स्मारिका में शामिल किया जाएगा. आलेखों की गुणवत्ता और विषय की प्रासंगिकता को भी ध्यान में रखा जाएगा.

500 से 1000 शब्दों में ही स्वीकार होंगे आलेख

‘तर्पण’ स्मारिका के लिए भेजे जाने वाले आलेख 500 से 1000 शब्दों के बीच होने चाहिए. बैठक में स्पष्ट किया गया कि निर्धारित शब्द सीमा के अनुरूप प्राप्त होने वाले आलेखों पर ही विचार किया जाएगा.

‘तर्पण’ के टाइटल में बदलाव पर भी चर्चा

बैठक के दौरान स्मारिका ‘तर्पण’ के टाइटल में संशोधन को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया. संपादक मंडल के सदस्यों ने स्मारिका के नाम और उसके स्वरूप को लेकर अपने सुझाव रखे.

बैठक में ये सदस्य रहे मौजूद

बैठक में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, सह-संयोजक सह जिला जन संपर्क पदाधिकारी, संपादक कंचन कुमार सिन्हा के अलावा संपादक मंडल के सम्मानित सदस्य राकेश कुमार सिन्हा ‘रवि’, डॉ. ममता मेहरा, आचार्य लाल भूषण मिश्र ‘याज्ञिक’ और मणि लाल बारीक उपस्थित रहे.

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Kanchan Kr Sinha

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By Kanchan Kr Sinha

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