वर्ल्ड क्लास स्टेशन बनने की ओर बढ़ रहा गया जंक्शन, फिर भी अहमदाबाद-सूरत-पुणे समेत कई शहरों की सीधी ट्रेन नहीं

Updated:
विज्ञापन

गया जंक्शन के अंदर के प्लेटफॉर्म और रेलवे लाइन की तस्वीर | Prabhat Khabar Network

Gaya Ji Direct Train Connectivity : गया जंक्शन को विश्व स्तरीय स्टेशन बनाने की कवायद तेज है, लेकिन देश के प्रमुख शहरों के लिए सीधी ट्रेन सुविधाओं का अभाव यात्रियों के लिए एक बड़ी समस्या बना हुआ है. पितृपक्ष जैसे धार्मिक आयोजनों के बावजूद, कनेक्टिविटी की कमी यात्रियों को वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहने पर मजबूर कर रही है.

विज्ञापन

Gaya Ji Direct Train Connectivity : गया रेलवे स्टेशन डीडीयू मंडल के महत्वपूर्ण स्टेशनों में शामिल है. स्टेशन को ए-वन श्रेणी से वर्ल्ड क्लास स्टेशन के रूप में विकसित करने का काम तेजी से चल रहा है. आने वाले दिनों में यहां यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद है.

देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों, बौद्ध श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों के लिए गया एक महत्वपूर्ण पड़ाव है. पितृपक्ष मेला के दौरान यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. इसके बावजूद गया से देश के कई बड़े शहरों के लिए सीधी और नियमित ट्रेन सुविधा उपलब्ध नहीं है.

ट्रेन की सांकेतिक तस्वीर. | Prabhat Khabar Network
ट्रेन की सांकेतिक तस्वीर. | Prabhat Khabar Network

इससे यात्रियों को दूसरे शहरों या एयरपोर्ट का सहारा लेना पड़ता है. गया की भौगोलिक और धार्मिक-पर्यटन की महत्ता को देखते हुए लंबे समय से अहम शहरों के लिए नयी सीधी ट्रेनों की मांग उठती रही है.

यात्रियों और विभिन्न संगठनों का कहना है कि जिस स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने पर करोड़ों रुपये खर्च किये जा रहे हैं, वहां से देश के प्रमुख शहरों तक सीधी रेल कनेक्टिविटी भी मजबूत होनी चाहिए.

अहम शहरों के लिए ट्रेन नहीं, पटना या डीडीयू जाना पड़ता है

गया जी से अहमदाबाद, हरियाणा, सूरत, पुणे, सिकंदराबाद, बेंगलुरु और एर्नाकुलम जैसे बड़े शहरों के लिए सीधी और नियमित ट्रेनों की कमी यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है. कई यात्रियों को इन शहरों की यात्रा के लिए पटना, डीडीयू या दूसरे रेलवे स्टेशनों तक जाना पड़ता है. इससे यात्रा का समय और खर्च दोनों बढ़ जाता है.

Image

यात्रियों का कहना है कि गया से देश के प्रमुख शहरों के लिए नियमित ट्रेनें उपलब्ध होने पर न केवल गया बल्कि आसपास के जिलों के लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी. गया की पर्यटन और धार्मिक पहचान को देखते हुए यहां से लंबी दूरी की ट्रेनों की संख्या बढ़ाना जरूरी है.

साप्ताहिक ट्रेनों के फेरे बढ़ाने की मांग

गया से कई महत्वपूर्ण शहरों के लिए ट्रेनें चलती हैं, लेकिन इनमें से कई ट्रेनें साप्ताहिक या सीमित दिनों में संचालित होती हैं. यात्रियों की मांग है कि ऐसी ट्रेनों के फेरे बढ़ाकर उन्हें प्रतिदिन चलाया जाए. इससे यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाने में आसानी होगी.

Also Read : गया जी : एक ही परिवार के यहां चौथी बार चोरी, लाखों के सामान और नकदी पर हाथ साफ कर गए चोर

प्लेटफॉर्म पर रुकी ट्रेन | Prabhat Khabar Network
प्लेटफॉर्म पर रुकी ट्रेन | Prabhat Khabar Network

यात्रियों और रेल संगठनों की ओर से पारसनाथ एक्सप्रेस, हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस, दीक्षाभूमि एक्सप्रेस, गया-कामाख्या एक्सप्रेस, गया-चेन्नई एगमोर एक्सप्रेस, गया-दिल्ली गरीब रथ और गया-लखनऊ एकात्मा एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों के फेरे बढ़ाने की मांग की जाती रही है.

इन ट्रेनों के फेरे बढ़ाने की मांग:

  • पारसनाथ एक्सप्रेस (12941/12942) – वर्तमान में साप्ताहिक
  • हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस (12357/12358) – वर्तमान में द्विसाप्ताहिक
  • दीक्षाभूमि एक्सप्रेस (11046/11045) – वर्तमान में साप्ताहिक
  • गया-कामाख्या एक्सप्रेस (15619/15620) – वर्तमान में साप्ताहिक
  • गया-चेन्नई एगमोर एक्सप्रेस (12389/12390) – वर्तमान में साप्ताहिक
  • गया-दिल्ली गरीब रथ (22409/22410) – वर्तमान में साप्ताहिक
  • गया-लखनऊ एकात्मता एक्सप्रेस (14259/14261) – वर्तमान में सप्ताह में तीन दिन

दुरंतो एक्सप्रेस का ठहराव और पितृपक्ष की जरूरतें

गया स्टेशन पर दुरंतो एक्सप्रेस के ठहराव की मांग भी लंबे समय से की जा रही है. यात्रियों का कहना है कि यह ट्रेन धनबाद के बाद डीडीयू की ओर जाती है.

हाल में इसका ठहराव कोडरमा में दिया गया है, ऐसे में गया जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन पर भी इसका ठहराव होना चाहिए. रेल यात्रियों का कहना है कि दुरंतो की समय-सारणी गया के यात्रियों के लिए काफी उपयोगी हो सकती है.

दुरंतो एक्सप्रेस
दुरंतो एक्सप्रेस

संसद सत्र के दौरान इसके ठहराव की व्यवस्था भी की गयी थी. ऐसे में स्थायी ठहराव मिलने पर गया और आसपास के जिलों के यात्रियों को बड़े शहरों की यात्रा में सुविधा मिल सकती है.

गया की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक पितृपक्ष मेले के दौरान सामने आती है. पितृपक्ष के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु पिंडदान और तर्पण के लिए गया पहुंचते हैं.

Also Read : गया जी : बंद घर का ताला तोड़कर 8 लाख की चोरी, ग्रामीण बोले- गांव में हो चुकी हैं चोरी की 3 घटनाएं, CCTV खंगाल रही पुलिस

इनमें बड़ी संख्या ऐसे श्रद्धालुओं की होती है जो ट्रेन से यात्रा करते हैं. इस दौरान गया जंक्शन पर यात्रियों का भारी दबाव रहता है. ऐसे में देश के प्रमुख शहरों से सीधी ट्रेनें उपलब्ध होने पर यात्रियों की परेशानी कम हो सकती है. नियमित ट्रेनों के परिचालन से दूसरे शहरों में ट्रेन बदलने की जरूरत भी कम होगी.

Image

राजस्व वृद्धि, प्रमुख मांगें और अधिकारियों के बयान

यात्रियों का कहना है कि गया से बड़े शहरों के लिए नयी और नियमित ट्रेनें शुरू होने से रेलवे के राजस्व में भी वृद्धि हो सकती है. गया महत्वपूर्ण पर्यटन और धार्मिक केंद्र होने के कारण यहां पूरे वर्ष यात्रियों की आवाजाही बनी रहती है.

पितृपक्ष, श्रावणी मेला और अन्य धार्मिक अवसरों पर यात्रियों की संख्या और बढ़ जाती है. गया से सीधे बड़े शहरों के लिए ट्रेनों की संख्या बढ़ने पर यात्रियों की संख्या में भी इजाफा होने की संभावना है. इससे रेलवे को अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है.

Also Read : खाना नहीं मिलने पर 75 वर्षीय पति ने पत्नी की चाकू से हत्या की, थाने पहुंचकर बोला-मुझे फांसी दीजिए

गया से बड़े शहरों के लिए सीधी ट्रेनों की मांग कई लोगों ने की. स्थानीय लोगों, रेल यात्रियों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों की ओर से समय-समय पर रेलवे के समक्ष यह मांग रखी जाती रही है. इसके बावजूद कई मांगों पर अब तक अपेक्षित निर्णय नहीं हो सका है.

गया जंक्शन की तस्वीर
गया जंक्शन की तस्वीर

यात्रियों की प्रमुख मांगें:

  • अहमदाबाद, सूरत, पुणे, सिकंदराबाद, बेंगलुरु और एर्नाकुलम के लिए सीधी ट्रेनें
  • मुंबई, हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए नियमित ट्रेन सेवा
  • साप्ताहिक ट्रेनों के फेरे बढ़ाकर प्रतिदिन किया जाए
  • हावड़ा-गया के बीच जनशताब्दी और वंदे भारत का परिचालन
  • गया जंक्शन पर दुरंतो एक्सप्रेस का ठहराव
  • गया-आनंद विहार और सिकंदराबाद-पटना स्पेशल के फेरे बढ़ाए जाएं

क्या कहते हैं एसोसिएशन के अध्यक्ष

गया देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्रों में है. बड़े शहरों के लिए सीधी ट्रेनों की शुरुआत होनी चाहिए. रेलवे को इस दिशा में गंभीरता से विचार करना चाहिए.

Also Read : बोधगया में निरंजना नदी के दलदल में फंसे युवक का शव बरामद, 24 घंटे से तलाश कर रही थी SDRF की टीम

बड़े शहरों के लिए सीधी ट्रेन नहीं मिलने के कारण पटना या डीडीयू जाना पड़ता है. इससे समय और पैसा दोनों अधिक खर्च होते हैं. गया से सीधे ट्रेनें शुरू होने पर यात्रियों की परेशानी कम होगी.

गया जंक्शन की फाइल तस्वीर. प्रभात खबर
गया जंक्शन की फाइल तस्वीर. प्रभात खबर

क्या कहते हैं डीसीएम

इस संबंध में डीडीयू मंडल के डीसीएम विश्वनाथ ने बताया कि सीधी ट्रेनों की मांग होती है तो इसकी समीक्षा भी होती है. बड़े शहरों की ट्रेन का परिचालन शुरू करने के लिए विचार-विमर्श किया जा रहा है.


विज्ञापन
Rohit Kumar Singh

लेखक के बारे में

By Rohit Kumar Singh

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन