गयाजी में फर्जी सर्टिफिकेट के सहारे बनी आंगनबाड़ी सेविका, BDO ने FIR दर्ज कराने का दिया निर्देश

Published by : Suryakant Kumar Updated At : 14 Jun 2026 9:05 PM

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सांकेतिक तस्वीर

Gaya Ji News : गया जिले के टनकुप्पा प्रखंड के सिमरिया गांव में फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र के आधार पर आंगनबाड़ी सेविका बनने का मामला तूल पकड़ रहा है. चयनमुक्त किए जाने के एक वर्ष बाद भी आरोपी महिला पर प्राथमिकी दर्ज नहीं होने को बीडीओ अलीशा कुमारी ने गंभीरता से लिया है.

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टनकुप्प्पा से धर्मपाल सिंह की रिपोर्ट
Gaya Ji News :
टनकुप्पा प्रखंड के सिमरिया गांव की एक महिला द्वारा कथित रूप से फर्जी शैक्षणिक सर्टिफिकेट के आधार पर आंगनबाड़ी सेविका पद हासिल करने का मामला सामने आया है. इस गंभीर मामले में प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अलीशा कुमारी ने बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) को पत्र जारी कर संबंधित महिला के विरुद्ध स्थानीय थाने में अविलंब प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया है. आदेश के एक साल बाद भी कार्रवाई न होने से विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं.

2017 में हुआ था चयन, जांच में फर्जी पाई गई डिग्री

जारी पत्र के अनुसार, सिमरिया गांव निवासी गायत्री कुमारी (पति दीपू पासवान) का चयन वर्ष 2017 में आयोजित आमसभा के दौरान आंगनबाड़ी सेविका पद के लिए किया गया था. बाद में जब उनके दस्तावेजों की जांच की गई, तो पाया गया कि चयन के लिए प्रस्तुत किया गया शैक्षणिक प्रमाण-पत्र अखिल भारतीय मुक्त शिक्षा परिषद, नई दिल्ली द्वारा निर्गत था. इस बोर्ड को मानव संसाधन विकास विभाग द्वारा पंचायत शिक्षक नियोजन अथवा सेविका चयन के लिए मान्यता प्राप्त नहीं है.

मैट्रिक की जगह सिर्फ आठवीं पास का निकला सर्टिफिकेट, चयन समिति ने किया था बर्खास्त

आधिकारिक पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि सेविका चयन मार्गदर्शिका-2016 के नियमों के अनुसार अभ्यर्थी का मैट्रिक अथवा उसके समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना जरूरी है. इसके विपरीत, संबंधित अभ्यर्थी गायत्री कुमारी का प्रमाण-पत्र प्री-सेकेंडरी यानी केवल आठवीं पास पाया गया. नियमों का उल्लंघन और फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद चयन समिति ने पूर्व में ही गायत्री कुमारी को सेविका पद से चयनमुक्त कर दिया था और उनके विरुद्ध फर्जी प्रमाण-पत्र के आधार पर चयन पत्र प्राप्त करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया था.

तुरंत FIR दर्ज करने का आदेश

हैरानी की बात यह है कि इस आदेश के जारी होने के लगभग एक वर्ष बीत जाने के बाद भी स्थानीय थाने में एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई थी. इस शिथिलता को बेहद गंभीरता से लेते हुए बीडीओ अलीशा कुमारी ने सीडीपीओ को तत्काल स्थानीय थाने में एफआईआर दर्ज कराने तथा हर हाल में प्राथमिकी संख्या (FIR Number) से अवगत कराने का निर्देश दिया है. यह संख्या जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, गया को रिपोर्ट भेजने के लिए मांगी गई है. इस पूरे मामले के उजागर होने के बाद प्रखंड में आंगनबाड़ी सेविका चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और विभागीय निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं.

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सूर्यकांत कुमार प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर हैं. डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों का अनुभव रखते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल चैनल न्यूज रील्स से की. इसके बाद नेशन दर्पण और खबरिया जंक्शन में कार्य किया, जहां कंटेंट राइटिंग, वीडियो एडिटिंग और वॉयस ओवर से जुड़े विभिन्न कार्यों का अनुभव हासिल किया. उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. वर्तमान में वे स्थानीय (हाइपरलोकल) खबरों पर काम कर रहे हैं. इसके अलावा खेल और मनोरंजन से जुड़ी खबरों में भी विशेष रुचि रखते हैं.

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