गया जी नगर निगम में टेंडर प्रक्रिया पर सवाल, इंजीनियरिंग सेक्शन को अलग रखकर टेंडर निकालने का आरोप
बैठक में शामिल मेयर, डिप्टी मेयर, नगर आयुक्त व अन्य | Prabhat Khabar Network
गया जी नगर निगम बोर्ड की बैठक में पार्षदों ने वार्डों में सफाई व्यवस्था के लिए संसाधनों की कमी बताई. टेंडर प्रक्रिया और सहायक स्वच्छता पदाधिकारी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए, जिससे निगम की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लग गया है.
गया जी में गुरुवार को नगर निगम बोर्ड की बैठक में पार्षदों ने कहा कि वार्डों में सफाई व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए झाड़ू, हाथ ठेला, हॉपर आदि संसाधनों की हर स्तर पर कमी है. इसके बाद निगम से संसाधनों की मांग करने पर नियमों का हवाला दिया जाता है. यहां हर कोई सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रहा है.
निगम से सामान उपलब्ध कराने को लेकर अब तक सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता रहा है। अगले साल निकाय का चुनाव होना तय है। ऐसे में पब्लिक भी उनके क्रियाकलापों पर सवाल खड़ा करने लगी है.
टेंडर प्रक्रिया और सहायक स्वच्छता पदाधिकारी के कार्यप्रणाली पर सवाल
इस पर मेयर की अनुमति से बैठक का संचालन कर रहे सशक्त स्थायी समिति के सदस्य डॉ. अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि यहां के सहायक स्वच्छता पदाधिकारी के कारनामे बहुत ही अलग ढंग के हैं.
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इनके माध्यम से सामान खरीद व मरम्मति आदि के लिए खुद ही टेंडर बनाते व निकालते हैं. यह पूरी तौर से नियम के विपरीत है. किसी तरह का टेंडर इंजीनियरिंग सेक्शन से निकालना होता है, क्योंकि टेक्निकल के एक्सपर्ट ये लोग ही होते हैं.
मजदूरों के मानदेय और मेला क्षेत्र के विकास पर चर्चा
पार्षद गजेंद्र सिंह ने बैठक में कहा कि नाली सफाई के मजदूरों को नियमानुकूल 436 रुपये के बजाय 350 रुपये ही दिया गया है. आखिर किसके पास 86 रुपये रखे हुए हैं? इसे तुरंत ही वापस लेकर मजदूरों को भुगतान किया जाए. सहायक स्वच्छता पदाधिकारी शुभम कुमार ने कहा कि उन्होंने इसकी लिखित शिकायत नगर आयुक्त से कर दी है.
पार्षद अंजना श्रीवास्तव ने कहा कि मेला क्षेत्र के वार्डों में जल्द-से-जल्द जरूरत वाली विकास योजनाओं को पूरा कराया जाए. इसके साथ ही मरम्मत के काम में भी देर नहीं होनी चाहिए. मेयर डॉ. वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान ने कहा कि हर साल मेला से पहले विकास योजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं.
बैठक का संचालन कर रहे मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार की ओर से निर्देश दिया गया है कि पितृपक्ष मेला क्षेत्र के लिए ही लाइट की खरीद की जाएगी. इसके साथ ही अन्य के बारे में बाद में विचार किया जाएगा. बैठक में मेयर डॉ. वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान, डिप्टी मेयर चिंता देवी, नगर आयुक्त डॉ. गगन व वार्ड पार्षदों के साथ निगम के अधिकारी मौजूद थे.
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