बिहार के इस गांव के लोग 300 वर्षों से नहीं खाते हैं नॉन-वेज, गलती करने पर ब्रह्म बाबा हो जाते हैं नाराज

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 30 Mar 2025 3:23 PM

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फोटो प्रतीकात्मक

Bihar : बिहार में कई ऐसी कहानियां हैं जिसे जानकर आप हैरान रह जायेंगे. यहां एक ऐसा गांव है जहां के लोग पिछले 300 साल से शाकाहारी हैं. आइये जानते हैं इसके पीछे की कहानी क्या है ?

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Bihar : बिहार के लोग देश में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और ओडिशा के बाद सबसे ज्यादा नॉन-वेज खाते हैं. नेशनल फॅमिली हेल्थ सर्वे द्वारा जारी डेटा के मुताबिक बिहार के लगभग 88 फीसदी लोग नॉन-वेज खाते हैं. दूसरे शब्दों में कहें तो हर 10 में से लगभग 9 लोग यहां नॉन-वेज खाते हैं. लेकिन बिहार के गया जिले में एक ऐसा गांव है जहां के लोग पिछले 300 वर्षों से मछली, मीट, मांस या अंडा का सेवन नहीं कर रहे हैं.

गांव का नाम है बिहिआईन

गया जिले के अंतर्गत आने वाले इस गांव का नाम बिहिआईन है और आज भी यहां के लोग पुराने परंपराओं को पूरी श्रद्धा से निभा रहे हैं और स्थानीय लोग की मानें तो आने वाली पीढ़ी भी इस परंपरा को निभाती रहेगी. पिछले तीन सौ वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के बारे में भी जानकार हर कोई हैरान रह जाता है. इस गांव के सभी लोग शाकाहारी हैं. शादी के बाद दूसरे गांव से आने वाली महिला में यहां आने के बाद नॉन-वेज खाना छोड़ देती हैं. इस गांव की आबादी लगभग 400 से 500 है और सभी लोग पूरी तरह वैष्णव है. इस गांव में रहने वाले ज्यादातर लोग राजपूत समुदाय के हैं.

ब्रह्मा बाबा का स्थान

क्या है मान्यता

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस गांव में ब्रह्मा बाबा विराजमान हैं और एक मान्यता है कि एक बार गांव के एक व्यक्ति पर ब्रह्मा बाबा का आशीर्वाद पड़ा था. ब्रह्मा बाबा उस व्यक्ति को उसके पापों का प्रायश्चित करने के लिए आए थे. इसके बाद गांव के लोगों ने बाबा की पूजा की और तब जाकर बाबा ने यह आशीर्वाद दिया कि वे शराब और मांसाहार को छोड़ दें. इसके बाद से गांव के लोगों ने मांस और शराब का सेवन छोड़ने की शपथ ली. मान्यता है कि ब्रह्मा बाबा बिहिआइन गांव के लोगों की सुरक्षा और कल्याण करते हैं.

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नाराज हो जाते हैं बाबा

गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि यहां रहने वाला कोई भी व्यक्ति, चाहे वह दूसरे राज्यों में क्यों न जाए, मांसाहार का सेवन नहीं करता. अगर कोई मांस खाता है तो ब्रह्मा बाबा नाराज हो जाते हैं, इसलिए सभी घरों के लोग इस परंपरा का पालन करते हैं. जो इस परंपरा का उल्लंघन करते हैं, उन्हें गंभीर परिणाम भुगतना पड़ता है. ग्रामीण बताते हैं कि ब्रह्मा बाबा के क्रोध से बचने के लिए हम लोग मांसाहार से पूरी तरह परहेज रखते हैं.

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लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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