Bihar: गड़बड़ी की तो खैर नहीं, बिहार में चप्पे-चप्पे पर राज्य और केन्द्रीय पुलिस बलों की तैनाती, डीजे बजाया तो होगी कार्रवाई
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 28 Mar 2025 9:16 PM
प्रतीकात्मक फोटो
Bihar News: राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था) पंकज कुमार दराद और अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता में बताया कि किसी भी हाल में शांति व्यवस्था को खराब नहीं होने देंगे.
Bihar News: आने वाले 10 दिनों में चार-चार प्रमुख त्योहारों के दौरान किसी भी कीमत पर राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव की स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा. आने वाले दिनों में राज्य में ईद, चैती नवरात्र, चैती छठ और रामनवमी त्योहारों की धूम रहेगी. इन त्योहारों को लेकर राज्य पुलिस मुख्यालय ने राज्य भर में सांप्रदायिक सौहार्द्र के साथ-साथ विधि-व्यवस्था बनाए रखने के पुख्ता इंतजाम किये हैं. किसी की भी धार्मिक भावना को आहत करने की साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
उपद्रवियों के खिलाफ एक्शन शुरू
एडीजी ने बताया कि पिछले वर्ष राज्य के कुछ स्थानों पर रामनवमी धार्मिक जुलूस और शोभा यात्राओं के दौरान हुए उपद्रव और हिंसा की घटनाओं से सबक लेते हुए पुलिस मुख्यालय ने सूबे के चप्पे-चप्पे पर राज्य पुलिस के साथ-साथ केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बलों की कुल 12 कंपनियों के अलावा पीटीसी में प्रशिक्षणरत पुलिसकर्मियों और होमगार्ड जवानों की तैनाती करने का फैसला लिया है. इसमें रैपिड एक्शन फोर्स की दो कंपनियां शामिल हैं. साथ ही, राज्य के सभी 40 पुलिस जिलों में उपद्रवी तत्वों की शिनाख्त करके उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
रामनवमी पर बरती जाएगी विशेष सतर्कता
एडीजी पंकज दराद ने बताया कि रामनवमी के मौके पर निकलने वाले जुलूस और झांकियों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाएगी. एक निर्धारित ध्वनि से अधिक ध्वनि पर डीजे बजाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही, धार्मिक जुलूस और शोभा यात्राओं को प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्गों से ही गुजरने की इजाजत होगी.
डीजे पर बजने वाले गानों और संगीत पर भी पुलिस की पैनी नजर होगी. ताकि किसी की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ न हो. इस दौरान ट्रैफिक को नियमित रखने के भी इंतजाम किए गए हैं. सभी धार्मिक जुलूसों और शोभा यात्राओं की पुलिस द्वारा वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही है. ताकि असामाजिक तत्वों की निगरानी की जा सके.
पिछले दिनों धार्मिक आयोजनों के दौरान हुई हिंसा और उपद्रव में शामिल तत्वों को थाने में बुलाकर उनसे बॉन्ड भरवाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. त्योहारों में शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जिलों के एसपी को उपलब्ध पुलिस बल की ऑडिट करने के निर्देश पहले ही जारी कर दिए गए हैं.
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अत्याधुनिक हथियारों से लैस होगी रैपिड एक्शन फोर्स
एडीजी दराद ने बताया कि राज्य के उन सभी संवेदनशील स्थलों की पहचान कर ली गई है, जहां पिछले दिनों त्योहारों के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द्र और शांति-व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश की गई थी. उन सभी संवेदशील स्थलों पर दंडाधिकारी के साथ-साथ डीएसपी स्तर के अधिकारिओं और केन्द्रीय रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया जा रहा है. यहां केन्द्रीय क्विक रिस्पोन्स टीम भी तैनात रहेगी.
जो सभी तरह के दंगारोधी उपकरणों जैसे हेलमेट, बॉडी प्रोटेक्टर, आँसू गैस के गोलों और अत्याधुनिक हथियारों से लैस होगी. उन्होंने राज्य के कुछ ऐसे जिलों का भी जिक्र किया जहां पिछले साल रामनवमी के दौरान हिंसा की घटनाएं सामने आईं थी. इनमें गया, नालंदा, दरभंगा, समस्तीपुर, मुंगेर, खगड़िया, रोहतास आदि जिले शामिल हैं. इस साल इन सभी जिलों में सतर्कता के विशेष इंतजाम किए गए हैं.
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ईद को लेकर क्या नियम
पंकज दराद ने कहा कि ईद के मौके पर लोगों को उन्हीं सड़कों पर नमाज पढ़ने की इजाजत होगी जहां प्रशासन की अनुमति होगी. इसके लिए लोगों को जिला प्रशासन की अनुमति लेना अनिवार्य होगा. दराद ने बताया कि राज्य के डीजीपी विनय कुमार ने राज्य के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक करके हर जिले में नियंत्रण कक्ष की स्थापना करने का निर्देश दिया है. जहां अग्निशन वाहन, एम्बुलेंस और बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे. साथ ही सभी थानों को भी निर्देश दिया गया है कि वे लगातार गश्ती पर रहें.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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