बदल दी गयी बहाली की पूरी मेरिट लिस्ट
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :18 Jan 2017 8:53 AM
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गया : पिछले दिनों मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के विभिन्न 62 पदों में हुई बहाली में गड़बड़ी की बात सामने आ रही है. आदेशपाल पद के आवेदक महेश कुमार ने डीएम को आवेदन देकर अपनी शिकायत दर्ज करायी है. उसने कहा कि मेडिकल काॅलेज में चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के विभिन्न पदों के लिए […]
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गया : पिछले दिनों मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के विभिन्न 62 पदों में हुई बहाली में गड़बड़ी की बात सामने आ रही है. आदेशपाल पद के आवेदक महेश कुमार ने डीएम को आवेदन देकर अपनी शिकायत दर्ज करायी है. उसने कहा कि मेडिकल काॅलेज में चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के विभिन्न पदों के लिए बहाली हो रही थी. उसने भी आवेदन दिया था. महेश के मुताबिक, 14 जनवरी की सुबह 10 बजे परीक्षा का परिणाम आया. उसका रोल नंबर 1602 परिणाम सूची में था. वह अपने पद पर योगदान के लिए वहां के अधिकारियों के पास गया. कॉलेज में मौजूद कर्मचारियों ने मैट्रिक से संबंधित कागजात लेकर आने को कहा. महेश ने बताया कि जब वह शाम में कागजात लेकर काॅलेज पहुंचा, तो योगदान प्रकिया बंद हो चुकी थी. कर्मियों ने सोमवार को योगदान करने को कहा.
16 जनवरी की सूची से नाम गायब: महेश सोमवार (16 जनवरी) को योगदान के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचा. काॅलेज के बाहर चिपकायी गयी सूची फाड़ दी गयी थी. दोपहर 12 बजे फिर से सूची चिपकायी गयी. लेकिन, उसमें उसका रोल नंबर 1602 नहीं था. महेश ने बताया कि उसके अलावा एक और रोल नंबर 3265 भी दूसरी सूची में नहीं था. महेश इसके बाद प्राचार्य डाॅ सुशील प्रसाद महतो से मिलने गया. उसने बताया कि वह शिकायत दर्ज कराने जा ही रहा था कि कॉलेज के लाइब्रेरियन किशोरी मोहन प्रसाद ने उसे रोक दिया. महेश ने लाइब्रेरियन को सारी बातें बतायीं. महेश ने कहा कि उसकी बातों को सुनने के बाद लाइब्रेरियन ने उसे पांच लाख रुपये देने को कहा. पैसे नहीं देने पर योगदान नहीं हो पाने की बात कही. इसके बाद उसे वहां से भगा दिया गया.
प्राचार्य ने भी टाल दिया: महेश ने बताया कि सोमवार को ही शाम पांच बजे वह अपने परिवार के वरीय सदस्यों के साथ फिर से कॉलेज पहुंचा. उसके मुताबिक, प्राचार्य डाॅ सुशील प्रसाद महतो अपने कार्यालय से निकल कर जा रहे थे. महेश के आग्रह पर वह रुके. उसकी बातों को सुनने के बाद लाइब्रेरियन किशोरी मोहन प्रसाद को बुलवाया, पर वह नहीं आये. प्राचार्य ने कहा कि इस मामले में बात करेंगे. बहाली प्रमंडल आयुक्त की देखरेख में हुई. यह कह कर प्राचार्य चले गये.
एक और शिकायत आयी सामने: वहीं, अरवल जिले के कुर्था निवासी राम अजय कुमार ने भी बहाली में गड़बड़ी का आरोप लगाया है. उन्होंने भी डीएम को आवेदन देकर मामले की जांच कराने की गुहार लगायी है. उन्होंने कहा है कि 14 जनवरी को जो मेरिट लिस्ट चिपकायी गयी थी, उसमें 11 जनवरी की तारीख थी. सवाल यह है कि अगर मेरिट लिस्ट 11 जनवरी को ही तैयार हो गयी थी, तो फिर 14 जनवरी को उसे क्यों चिपकाया गया? जबकि इस दौरान प्राचार्य भी किसी सरकारी काम से गया से बाहर थे. अजय ने कहा कि 14 जनवरी को मेरिट लिस्ट चिपकाये जाने के साथ ही दो घंटे के भीतर 42 लोगों ने योगदान भी दे दिया. यह कैसे संभव हो सकता है. अगर इन लोगों को कॉलेज प्रशासन द्वारा सूचना दी गयी थी, तो उसे सार्वजनिक किया जाये. उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने मिल कर धांधली की है, इसकी जांच होनी चाहिए.
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