लालू करप्शन के पर्याय, नोटबंदी से परेशानी स्वाभाविक : चिराग
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :19 Dec 2016 8:40 AM
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श्राद्धकर्म में गया पहुंचे जमुई के सांसद गया : लोजपा के युवा प्रदेश अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह की मां के निधन पर आयोजित श्राद्धकर्म में शामिल होने रविवार को लोजपा नेता सह सांसद चिराग पासवान गया पहुंचे. पुलिस लाइन-सिंगरा स्थान में आयोजित शोकसभा के दौरान मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए चिराग ने कहा […]
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श्राद्धकर्म में गया पहुंचे जमुई के सांसद
गया : लोजपा के युवा प्रदेश अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह की मां के निधन पर आयोजित श्राद्धकर्म में शामिल होने रविवार को लोजपा नेता सह सांसद चिराग पासवान गया पहुंचे. पुलिस लाइन-सिंगरा स्थान में आयोजित शोकसभा के दौरान मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए चिराग ने कहा कि जगजाहिर है कि एक समय चारा घोटाले जैसे करप्शन के प्रमुख मामलों को लेकर लालू प्रसाद भ्रष्टाचार का पर्याय बन चुके थे.
उस समय का सबसे बड़ा घोटाला लालू प्रसाद के नाम पर ही हुआ. इससे समझ में आता है कि नोटबंदी से सबसे ज्यादा व्यक्तिगत चोट लालू प्रसाद को ही पहुंची होगी. यही कारण है कि वह व उनके परिवार के सदस्य इस फैसले से सबसे ज्यादा विचलित हैं और गाहे-बगाहे उनका दु:ख, चिंता व परेशानी सार्वजनिक हो रही है.
जब-जब लालू प्रसाद नोटबंदी के फैसले पर अंगुली उठाते हैं तो यह हमारी समझ से बाहर है कि वह किस पर अंगुली उठा रहे हैं, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अंगुली उठा रहे हैं या अपनी सरकार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर अंगुली उठा रहे हैं. नीतीश कुमार नोटबंदी फैसले का समर्थन कर रहे हैं और उसी महागंठबंधन के घटक दल के नेता लालू प्रसाद विरोध कर रहे हैं.
महागंठबंधन में लगातार आ रही हैं दरारें: चिराग पासवान ने कहा कि महागंठबंधन में लगातार दरारें आ रही हैं. जब से सरकार बनी है, तब से महागंठबंधन के नेताओं के बीच विचारों के मतभेद हैं.
लालू प्रसाद की पार्टी के रघुवंश प्रसाद सिंह लगातार ऐसी बातें करते रहे हैं. इससे लगता है कि महागंठबंधन में सब-कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है. नीतिगत फैसले जैसे नोटबंदी ने देश के हर व्यक्ति को प्रभावित किया है. इतने बड़े फैसले में ही महागंठबंधन के तमाम नेताओं का रूख एक जैसा नहीं है. इससे स्पष्ट है कि महागंठबंधन में अन्य नीतियों को लेकर मतभेद जरूर होंगे. यह महागंठबंधन के बीच की दरार है. लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामविलास पासवान पहले ही कह चुके हैं कि महागंठबंधन की सरकार ढाई वर्ष से ज्यादा चलनेवाली नहीं है.
शराबबंदी पर सरकार की मशीनरी फेल
श्री पासवान ने कहा कि शराबबंदी बड़ा फैसला है. लोजपा ने इसका समर्थन किया है. लेकिन, इसको लेकर सरकार द्वारा बनाये कानून का विरोध किया गया. कड़े कानून के खिलाफ लोजपा अपनी बातों को लगातार रख रही है. शराबबंदी के मामले पर राज्य सरकार को और मेहनत करने की आवश्यकता है. शराबबंदी का पूरा मामला राज्य सरकार के अधीन आता है.
इस कारण सरकार को ही यह सुनिश्चित करना है कि शराबबंदी को लेकर बनाये गये नियमों का क्रियान्वयन कैसे हो. इतने कड़े कानून बना देने के बाद भी जहरीली शराब से लोगों की मौत हो रही है. बाॅर्डर अभी तक सील नहीं हुए हैं. शराब की खेप का अाना-जाना लगा है. सरकार की मशीनरी पर सवालउठता है. आखिर किन कारणों से शराबबंदी विफल साबित हो रही है.
देश में हो शराबबंदी, तो करेंगे समर्थन
चिराग पासवान ने कहा कि अगर केंद्र सरकार भी देश में शराबबंदी करेगी, तो उसका भी समर्थन करेंगे. अल्कोहल अच्छी चीज नहीं है. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल हाइवे पर शराबबंदी लागू करने का फैसला सुनाया. यह अच्छा फैसला है. हाइवे पर शराब के कारण बहुत बड़े-बड़े हादसे हुए हैं. अगर केंद्र सरकार देश में शराबबंदी को लागू करें तो लोजपा उसका समर्थन करेगी. इस दौरान पशुपालन मंत्री अवधेश कुमार सिंह व सांसद चिराग पासवान के बीच दुआ-सलाम हुई. दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का हाल-चाल लिया.
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