कामकाज छोड़ फाइलों व दस्तावेज बचाने में जुट जाते हैं सभी कर्मचारी
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :19 Aug 2016 8:07 AM
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गया: बारिश की हल्की बौछार के साथ ही नगर निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों में हलचल बढ़ जाती है. सारे लोग रोजमर्रा का कामकाज छोड़ कोई प्लास्टिक से टेबुल को कवर करता है, तो कोई अलमारियों को. इसी में कोई फाइलों व अन्य दस्तावेजों को टेबुल के नीचे छिपाने में जुट जाता है. इतनी तेजी […]
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गया: बारिश की हल्की बौछार के साथ ही नगर निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों में हलचल बढ़ जाती है. सारे लोग रोजमर्रा का कामकाज छोड़ कोई प्लास्टिक से टेबुल को कवर करता है, तो कोई अलमारियों को. इसी में कोई फाइलों व अन्य दस्तावेजों को टेबुल के नीचे छिपाने में जुट जाता है. इतनी तेजी उनके कामकाज में कभी नहीं रहती. यह सब करते हुए उन्हें इस बात की भी चिंता रहती है कि कहीं तेज बारिश हो गयी और निगम के कैंपस में पानी भर गया, तो वे निकलेंगे कैसे? इन सबके चक्कर में अधिकारी व कर्मचारी कामकाज छोड़ और फाइलों को प्लास्टिक से कवर कर अपने-अपने घर निकल जाते हैं.
नगर निगम कार्यालय में इन परिस्थितियों से यह तो स्पष्ट हो जाता है कि बारिश कामकाज ठप करने के लिए ठीकठाक बहाना है. हालांकि, अधिकारियों व कर्मचारियों की भी मजबूरी है. क्योंकि, थोड़ी सी बारिश में ही निगम कार्यालय परिसर में तीन फुट तक पानी जमा हो जाता है. जर्जर छतों से भी लगातार पानी टपकता है. निगम की एक और विडंबना यह भी है कि उसके परिसर में ही स्लम बस्ती है. वहां सूअर, मुरगी व बकरी आदि पाले जाने के कारण हर जगह व हमेशा गंदगी रहती है. साथ ही, सब्जी मंडी का कचरा अलग से. कार्यालय के बाहर ही कर्मचारी व आम लोग टॉयलेट जाते हैं. दुर्गंध का तो पूछिए मत.
पितृपक्ष मेला शुरू होने में बचा है एक महीना : ताज्जुब है कि पितृपक्ष मेला शुरू होने में महज एक माह बच गया है. मेला क्षेत्र में अधिकांश जगहों पर साफ-सफाई की जिम्मेवारी नगर निगम की ही है. ऐसे में निगम खुद गंदगी व बदहाली से दो-चार होता रहा, तो पिंडदानियों की फजीहत पक्की है. क्योंकि, हर बार बारिश होने पर वहां के अधिकारी व कर्मचारी कामकाज छोड़ दस्तावेज को सहेजेंगे और योजनाओं पर क्रियान्वयन पानी के साथ बह जायेगा.
बालिका पाठशाला गली में भी जलजमाव : पानी की निकासी नहीं होने के कारण बालिका पाठशाला रोड में जलजमाव की स्थिति हर वक्त रहती है. हालांकि, नगर निगम से लेकर कन्या पाठशाला होते हुए नाला निर्माण की स्वीकृति नगर विकास विभाग ने दे दी है. नाले के निर्माण हो जाने के बाद नगर निगम, केदारनाथ मार्केट व बालिका पाठशाला रोड को जलजमाव से मुक्ति मिल जायेगी. इस रोड में सड़क पर दो से तीन फुट तक पानी जमा हो जाता है. यह स्थिति सालोंभर बनी रहती है.
दुर्गाबाड़ी व बारी रोड में तो जलजमाव अहम समस्या : दुर्गाबाड़ी व बारी रोड के लोग बरसात से पहले से ही जलजमाव से परेशान हैं. जलजमाव दूर करने के लिए नगर निगम रात-दिन टावर चौक के पास पंप चलाया, पर इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका. दिनभर में जितना पानी निकलता है, हल्की बारिश होने पर उसका दोगुना फिर भर जाता है. इसके साथ ही, एपी कॉलोनी, जेल प्रेस क्वार्टर, रेलवे क्वार्टर व शहीद रोड आदि में भी थोड़ी सी बारिश होने पर जलजमाव हो जाता है.
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