बोधिवृक्ष पर हुआ दवाओं का छिड़काव

Updated:
विज्ञापन

बोधगया : देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआइ) के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ निर्मल सुधीर कुमार हर्ष की देखरेख में बुधवार को बोधगया स्थित बोधिवृक्ष पर माइक्रो न्यूट्रियंस से संबंधित दवाओं का छिड़काव किया गया. वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ हर्ष ने बताया कि बोधिवृक्ष स्वस्थ है. लेकिन, वृक्षों का एक प्राकृतिक स्वभाव है कि जब पतझड़ का […]

विज्ञापन
बोधगया : देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआइ) के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ निर्मल सुधीर कुमार हर्ष की देखरेख में बुधवार को बोधगया स्थित बोधिवृक्ष पर माइक्रो न्यूट्रियंस से संबंधित दवाओं का छिड़काव किया गया. वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ हर्ष ने बताया कि बोधिवृक्ष स्वस्थ है.
लेकिन, वृक्षों का एक प्राकृतिक स्वभाव है कि जब पतझड़ का मौसम आता है और वृक्षों से पत्तियां अलग होने लगती हैं, तो वृक्ष पत्तियों में मौजूद विटामिन को तेजी से खींचना शुरू कर देता है. ऐसी स्थिति में वृक्षों पर प्रभाव पड़ता है. इस कारण पतझड़ में बोधिवृक्ष पर कोई प्रभाव नहीं पड़े, इसके लिए माइक्रो न्यूट्रियंस का छिड़काव किया जाता है.
जो प्रकृति से नहीं मिलता है, उसकी भरपाई दवा से : वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ हर्ष ने बताया कि बोधिवृक्ष की उम्र कम से कम 130-140 वर्ष है. उम्र बढ़ने के हिसाब से स्वाभाविक है कि कुछ न कुछ खामियां बोधिवृक्ष में आयेंगी. बोधिवृक्ष को प्रकृति से जो विटामिन मिलना है, वह उसे मिल रहा है, लेकिन कुछ ऐसे विटामिन हैं, जिनकी कमी होने की अाशंका है. इस कारण बोधिवृक्ष को आटिफिशियल विटामिन छिड़काव के जरिये दिया जा रहा है. हाल के तीन-चार वर्षों से बोधिवृक्ष का ट्रीटमेंट लगातार किया जा रहा है. इससे बोधिवृक्ष की स्थिति सामान्य बनी हुई है.
अब दोबारा होगा एग्रीमेंट
जानकारी के अनुसार, बोधिवृक्ष की सेहत को लेकर 2007 से लगातार ध्यान दिया जा रहा है. बोधिवृक्ष की देखरेख व संबंधित ट्रीटमेंट के लिए राज्य सरकार की पहल पर 2009 में देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआइ) के साथ महाबोधि मंदिर प्रबंधकारिणी समिति के साथ एग्रीमेंट हुआ था. एग्रीमेंट की अवधि अब समाप्त होनेवाली है. लेकिन, बोधिवृक्ष की महत्ता व उसके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अब दोबारा एग्रीमेंट होगा.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन