भाई के सर्टिफिकेट पर कर रहा शक्षिक की नौकरी

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भाई के सर्टिफिकेट पर कर रहा शिक्षक की नौकरी फोटो-डीएम के जनता दरबार में गुरुआ के बेरोजगार विमलेश कुमार ने की शिकायतकहा, छोटे भाई के फर्जीवाड़े की हो उच्चस्तरीय जांच, तो खुलेगा राज वरीय संवाददाता, गयागया जिले के गुरुआ प्रखंड क्षेत्र में भाई के सर्टिफिकेट पर फर्जी तरीके से शिक्षक की नौकरी करने का खुलासा […]

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भाई के सर्टिफिकेट पर कर रहा शिक्षक की नौकरी फोटो-डीएम के जनता दरबार में गुरुआ के बेरोजगार विमलेश कुमार ने की शिकायतकहा, छोटे भाई के फर्जीवाड़े की हो उच्चस्तरीय जांच, तो खुलेगा राज वरीय संवाददाता, गयागया जिले के गुरुआ प्रखंड क्षेत्र में भाई के सर्टिफिकेट पर फर्जी तरीके से शिक्षक की नौकरी करने का खुलासा हुआ है. इस बाबत गुरुवार को डीएम के जनता दरबार में गुुरुआ प्रखंड क्षेत्र के भरौंधा गांव के रहनेवाले बेरोजगार विमलेश कुमार ने लिखित शिकायत की है. डीएम को दिये गये आवेदन में कहा गया है कि विमलेश ने 1990 में उच्च विद्यालय, भरौंधा (गुरुआ) से मैट्रिक पास किया. 2005 में उसने गुरुआ इंटर कॉलेज से इंटर की परीक्षा पास की. वर्ष 2003 में गुरुआ प्रखंड की मंडा पंचायत में शिक्षामित्र की बहाली के लिए विमलेश ने अपने सभी शैक्षणिक सर्टिफिकेट के साथ आवेदन दिया. कुछ दिनों के बाद शिक्षामित्र की बहाली के लिए पंचायत में आमसभा हुई. आमसभा में शिक्षामित्र के रूम में विमलेश का चयन किया गया. लेकिन, पंचायत स्तरीय जनप्रतिनिधियों द्वारा बहाली प्रक्रिया से जुड़े अन्य कामकाज के लिए विमलेश से नाजायज तरीके से रुपये की मांग की गयी. जब विमलेश ने रुपये नहीं दिये, तो उनकी बहाली नहीं हो सकी. थक-हार कर वह दिल्ली चला गया और एक प्राइवेट फैक्टरी में नौकरी करने लगा. इस दौरान उनके छोटे भाई धनंजय कुमार ने उनके सर्टिफिकेट के आधार पर पंचायत जनप्रतिनिधियों से सांठगांठ कर शिक्षक की नौकरी हासिल कर ली. धनंजय खुद को विमलेश घोषित कर दिया.इधर, बेरोजगार विमलेश ने प्रभात खबर को बताया कि उनके छोटे भाई धनंजय ने फर्जीवाड़ा कर उनके नाम व सर्टिफिकेट पर शिक्षक की नौकरी ले ली है. जब इसकी शिकायत प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों से की गयी, तो धनंजय खुद को विमलेश बता कर उन्हें धोखे में रख रहा है. बेरोजगार बिमलेश ने बताया कि वर्ष 2004 में उसने मगध ग्रामीण बैंक (अब मध्य बिहार ग्रामीण बैंक) में खाता खुलवाया था. उस दौरान उसका छोटा भाई धनंजय खुद गारंटर बना था. उनकी पत्नी का नाम अनीता देवी है. 11 मई, 2001 को उन्होंने अपनी पत्नी अनीता के नाम से गया शहर के स्वराजपुरी रोड स्थित भारतीय जीवन बीमा निगम (शाखा-2) से 50,000 बीमाधन की एक पॉलिसी खरीदी थी. उस पॉलिसी के नाेमिनी में उसका (विमलेश कुमार) ही नाम दर्ज है. उन्होंने बताया कि उनकी बेटी निशा कुमारी भरौंधा स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय में सत्र 2014-16 में इंटर में नामांकन कराया है. उनकी बेटी के शैक्षणिक दस्तावेज में भी पिता के रूप में उसका ही नाम दर्ज है. बेरोजगार विमलेश ने बताया कि उनके नाम व सर्टिफिकेट पर उनका छोटा भाई धनंजय कुमार प्राथमिक विद्यालय, भारतीपुर में नौकरी कर रहा है. अगर इस मामले की उच्चस्तरीय जांच हो, तो उनके छोटे भाई द्वारा किये गये फर्जीवाड़े का खुलासा हो जायेगा.

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