संसाधन ठीक-ठाक, पर स्टूडेंट्स ही नहीं

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संसाधन ठीक-ठाक, पर स्टूडेंट्स ही नहींफोटो: सिटी एक, दो, तीन व चार. गया कॉलेज प्राचार्य, मिर्जा गालिब कॉलेज प्राचार्य व जगजीवन कॉलेज के साथ एएम कॉलेज.फ्लैग — दुखद. जिले के अधिकतर कॉलेजों में वोकेशनल कोर्स की स्थिति खराबगया कॉलेज व मिर्जा गालिब कॉलेज में वोकेशनल कोर्स की स्थिति अच्छीसंवाददाता, गयादो कॉलेजों को छोड़ कर जिले […]

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संसाधन ठीक-ठाक, पर स्टूडेंट्स ही नहींफोटो: सिटी एक, दो, तीन व चार. गया कॉलेज प्राचार्य, मिर्जा गालिब कॉलेज प्राचार्य व जगजीवन कॉलेज के साथ एएम कॉलेज.फ्लैग — दुखद. जिले के अधिकतर कॉलेजों में वोकेशनल कोर्स की स्थिति खराबगया कॉलेज व मिर्जा गालिब कॉलेज में वोकेशनल कोर्स की स्थिति अच्छीसंवाददाता, गयादो कॉलेजों को छोड़ कर जिले के सभी कॉलेजों में वोकेशनल कोर्स की स्थिति अच्छी नहीं है. इन कॉलेजों में संसाधन मौजूद रहने के बावजूद विद्यार्थी यहां नामांकन लेने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं. कुछ कॉलेजों में तो वोकेशनल कोर्स में एक भी नामांकन नहीं हुआ है. इसका मुख्य कारण बड़े कॉलेजों द्वारा निर्धारित सीट से अधिक नामांकन लिया जाना बताया जाता है. हालांकि, वोकेशनल कोर्स में सीटें होनेवाले कॉलेज के प्राचार्यों का कहना है कि बेहतर शिक्षा, स्वच्छ माहौल व इन्फ्रास्ट्रक्चर के कारण ही स्टूडेंट्स उनके यहां नामांकन लेने में ज्यादा रुचि दिखाते हैं. इस साल गया कॉलेज व मिर्जा गालिब कॉलेज में वोकेशनल कोर्स में निर्धारित सीट से अधिक विद्यार्थी आवेदन किया, तो कई कॉलेजों में छात्रों की बोहनी भी नहीं हुई है. वहीं, कुछ कॉलेजों में सीट से कम नामांकन हुआ है. जगजीवन कॉलेज में कई वोकेशनल कोर्स में एक भी नामांकन नहीं हुआ है. वहीं, गौतम बुद्ध महिला कॉलेज (जीबीएम कॉलेज) में भी वोकेशनल कोर्स में एक भी नामांकन नहीं हुआ है. जगजीवन कॉलेज में बीसीए में पांच विद्यार्थियों ने नामांकन कराया है, तो बीबीएम व बॉयोटेक में छात्रों की बोहनी तक नहीं हुई है. अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज (एएम कॉलेज) में बीसीए में 30, बीबीएम में आठ व बॉयोटेक में तीन विद्यार्थियों ने नामांकन कराया है. जगजीवन कॉलेज के वोकेशनल प्राध्यापक डॉ एमके सिन्हा ने बताया कि जैसे बड़ी मछली छोटी मछली को खा जाती है, ठीक उसी तरह बड़े कॉलेज सीट से अधिक नामांकन लेकर दूसरे कॉलेजों का हक मार ले रहे हैं. वहीं, एएम कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ साकेत बिहारी सिंह ने बताया कि कॉलेज में संसाधनों व अच्छे शिक्षकों की उपलब्धता के बाद भी वोकेशनल कोर्स में छात्र नहीं रहे हैं. इसके लिए कॉलेज हर संभव प्रयास कर रही है. आशा है सीटें फुल हो जायेंगी. बिलिब्स में सीटें फुल हाे गयी हैं. जीबीएम कॉलेज के वोकेशनल कोर्स इंचार्ज डॉ सुहैल अख्तर खान ने बताया कि पिछले वर्ष बीसीए में तीन छात्राओं ने नामांकन लिया था. इस वर्ष एक भी नामांकन नहीं हुआ है.इन कॉलेजों में चल रहे वोकेशनल कोर्सगया कॉलेज में एमबीए, बीबीएम, बीसीए, एमसीए, बीएससी व एमएससी बायोटेक, बिलिब्स, बीएससी आइटी, एमएससी आइटी व इडब्ल्यूएम, एएम कॉलेज में बीबीएम, बीसीए, बीएससी-आइटी व बिलिब्स, जीबीएम कॉलेज में बीबीएम व बीसीए, जगजीवन कॉलेज में बीसीए, बीबीएम व बायोटेक व मिर्जा गालिब कॉलेज में बीसीए, बीबीएम व बायोटेक वोकेशनल कोर्स चल रहे हैं. बेहतर व्यवस्था के कारण छात्रों की संख्या अधिक कॉलेज में बेहतर संसाधन, हाइटेक क्लास रूम व बेहतर शिक्षा की व्यवस्था के कारण छात्रों की संख्या में कमी नहीं होती. वोकेशनल कोर्स की सिलेबस पूरा करने के लिए रविवार व छुट्टी के दिनों में भी क्लास चलाया जा रहा है. अगर कोई भी कॉलेज सीट से ज्यादा नामांकन लेता है, तो परीक्षा फार्म भरने के दौरान परेशानी होगी. कॉलेज में निर्धारित सीट पर विद्यार्थियों का नामांकन लिया जाता है. डॉ शमसुल इसलाम, प्राचार्य , गया कॉलेजवोकेशनल कोर्स पर है विशेष ध्यानवोकेशनल कोर्स के विद्यार्थियों के कैंपस सेलेक्शन के लिए कॉलेज द्वारा कंपनियों व प्राइवेट संस्थानों से बात कर व्यवस्था करायी जाती है. यहां से वोकेशनल कोर्स किये विद्यार्थी कई प्रतिष्ठित कंपनियों में काम कर रहे हैं. वोकेशनल कोर्स के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए बेहतर शिक्षकों की भी व्यवस्था की गयी है.डॉ गुलाम समदानी, मिर्जा गालिब कॉलेज\\\\B

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