स्मार्टफोन पर '70% OFF' देखकर खुश न हों, आपकी जेब खाली कर सकता है यह ऑफर

Edited by Rajeev Kumar
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एक क्लिक और खाते से गायब हो सकते हैं पैसे / एआई इमेज

सोशल मीडिया और इंटरनेट पर सस्ते स्मार्टफोन के नाम पर बड़ा स्कैम चल रहा है. जानें कैसे नकली वेबसाइट्स को पहचानें और खुद को सुरक्षित रखें.

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इंटरनेट पर सस्ते स्मार्टफोन बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का एक नया खेल चल रहा है. कई जालसाज असली ब्रांड्स और जानी-मानी ऑफलाइन दुकानों से मिलते-जुलते नामों का इस्तेमाल करके फर्जी ई-कॉमर्स वेबसाइट्स बना रहे हैं. ये साइट्स लोगों को आधे से भी कम दाम में महंगे स्मार्टफोन देने का लालच देकर अपना शिकार बना रही हैं.

सोशल मीडिया विज्ञापनों का खतरनाक जाल

आजकल ठग ग्राहकों को फंसाने के लिए Facebook, Instagram और YouTube जैसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स का सहारा ले रहे हैं. ये जालसाज इन प्लैटफॉर्म्स पर स्पॉन्सर्ड (Sponsored) विज्ञापन चलाते हैं, जो बिल्कुल असली दिखते हैं. इन विज्ञापनों में ‘सीमित समय का ऑफर’ या ‘स्टॉक क्लीयरेंस सेल’ जैसी बातें लिखकर लोगों को तुरंत लिंक पर क्लिक करने के लिए उकसाया जाता है. लोग सोशल मीडिया पर दिख रहे विज्ञापन को सच मानकर बिना जांच-पड़ताल किये भुगतान कर देते हैं और धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं.

भारी डिस्काउंट का झांसा

ये फर्जी वेबसाइट्स सोशल मीडिया पर लुभावने विज्ञापन चलाती हैं. इनमें ₹25,000 का स्मार्टफोन सिर्फ ₹10,000 या ₹12,000 में देने का दावा किया जाता है. जैसे ही कोई ग्राहक इनके झांसे में आकर ऑनलाइन पेमेंट करता है, उनका पैसा डूब जाता है. पैसे कटने के बाद न तो कोई प्रोडक्ट डिलीवर होता है और न ही उनका कस्टमर केयर नंबर काम करता है.

असली और नकली वेबसाइट की पहचान कैसे करें?

असामान्य रूप से कम कीमत: अगर कोई नया फोन बाजार की कीमत से बहुत ज्यादा सस्ता मिल रहा है, तो समझ जाएं कि कुछ गड़बड़ है.
सोशल मीडिया लिंक्स से बचें: फेसबुक या इंस्टाग्राम पर दिखने वाले अनजान विज्ञापनों के लिंक पर क्लिक करके सीधे खरीदारी करने से बचें.
अजीब डोमेन नेम और ईमेल: फर्जी वेबसाइट्स अक्सर मुफ्त ईमेल सर्विस (जैसे proton.me या gmail) का इस्तेमाल करती हैं.
कैश ऑन डिलीवरी (COD) न होना: ये साइट्स केवल ऑनलाइन पेमेंट (UPI या क्रेडिट कार्ड) का ही दबाव बनाती हैं.

खुद को सुरक्षित कैसे रखें?

धोखाधड़ी से बचने का सबसे आसान तरीका यह है कि आप हमेशा केवल भरोसेमंद और प्रमाणित (trusted) प्लैटफॉर्म से ही खरीदारी करें. स्मार्टफोन खरीदने के लिए हमेशा इन सुरक्षित विकल्पों को चुनें:

आधिकारिक ब्रांड वेबसाइट: जैसे OnePlus India या Samsung Store.
भरोसेमंद ऑनलाइन स्टोर्स: केवल Amazon India या Flipkart का ही इस्तेमाल करें.
सत्यापित ऑफलाइन रिटेलर्स: आप अपने नजदीकी Croma या Reliance Digital स्टोर्स से भी सुरक्षित खरीदारी कर सकते हैं.

साइबर एक्सपर्ट्स की सलाह है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करके अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें. सतर्क रहें और सुरक्षित खरीदारी करें.

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Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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