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‘गोस्वामी तुलसीदास विश्व के महान साहित्यकार’

Updated at : 04 Aug 2014 9:17 AM (IST)
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‘गोस्वामी तुलसीदास विश्व के महान साहित्यकार’

गया: जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन भवन में रविवार को गोस्वामी तुलसीदास की जयंती धूमधाम से मनायी गयी. कार्यक्रम के प्रारंभ में साहित्यकारों ने तुलसीदास के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की. इसके बाद खालीक हुसैन परदेसी ने तुलसीदास के जीवनवृत्त से स्वरचित रचनाएं सुनायीं. उन्होंने कहा-‘तू पहले त्याग-श्रद्घा-प्रेम और विश्वास तो बन जा, अरे परदेसी तू […]

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गया: जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन भवन में रविवार को गोस्वामी तुलसीदास की जयंती धूमधाम से मनायी गयी. कार्यक्रम के प्रारंभ में साहित्यकारों ने तुलसीदास के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की. इसके बाद खालीक हुसैन परदेसी ने तुलसीदास के जीवनवृत्त से स्वरचित रचनाएं सुनायीं.

उन्होंने कहा-‘तू पहले त्याग-श्रद्घा-प्रेम और विश्वास तो बन जा, अरे परदेसी तू भी तुलसी जैसा दास तो बन जा’. संजीत कुमार ने तुलसीदास की रचना ‘श्रीरामचंद्र कृपाल भजमन’ का पाठ किया. मुख्य अतिथि डॉ बंशीधर लाल ने कहा कि गोस्वामी जी विश्व के महान साहित्यकार थे. उनकी शब्द संपदा विश्व के किसी भी साहित्यकार से अधिक है. तुलसीदास के ऊपर सबसे अधिक शोध किये गये हैं. तुलसीदास रचित रामायण का अनुवाद दूसरी भाषाओं में सबसे अधिक किया गया है.

सम्मेलन के महामंत्री डॉ राधानन्द सिंह ने कहा कि तुलसीदास शाश्वत जीवन मूल्यों के महाकवि हैं. उन्होंने तुलसीदास को युग-युग का कवि कहा. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गोवद्र्घन प्रसाद सदय ने लोगों से अनुरोध किया कि तुलसीदास को अपने दिलों में बसाये. डॉ ब्रजराज मिश्र, गोपाल कृष्ण मिश्र, डॉ रामकृष्ण, डॉ राजीव पाठक, बाल मुकुन्द अगम्य व नचिकेता ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किये. इस अवसर पर डॉ डीपी खेतान ने घोषणा की कि प्रत्येक वर्ष मगध के एक साहित्यकार को शाश्वत पीठ से सम्मानित किया जायेगा. मौके पर शिव वचन, डॉ आफताब आलम, मुद्रिका सिंह, सूर्यानंद मिश्र, बालेश्वर शर्मा, उदय सिंह, बिन्दू सिंह, नरेश दांगी, अखिलेश्वर, मणिलाल आत्मज, अश्विनी, संजीत डॉ प्रकाश व डॉ रवि समेत काफी लोग मौजूद थे.

तुलसी जयंती की धूम

तुलसीदास जयंती समारोह रविवार को धर्मसभा भवन के प्रांगण में धर्मसभा परिवार की ओर से धूमधाम से मनाया गया. समारोह में मुख्य अतिथि आचार्य लालभूषण मिश्र ने तुलसीदास की रचानाओं पर आधारित श्रीराम की बाल लीलाओं का वर्णन किया. उन्होंने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास ने श्रीराम के बाल सौंदर्य को बड़े ही सुंदर ढंग से वर्णन किया है. समारोह में तुलसीदास के काव्य पाठ पर छात्र-छात्रओं को पुरस्कृत किया गया. सुरेश पांडेय व राधेश्याम मिश्र ने तुलसीदास की जीवनी पर प्रकाश डाला. समारोह की अध्यक्षता राधेश्याम मिश्र ने की.

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