गया : ओटीए से 84 नये सैन्य अधिकारी देशसेवा को समर्पित
Updated at : 09 Jun 2019 8:59 AM (IST)
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एक साल का बुनियादी प्रशिक्षण पानेवाले 62 कैडेट्स भेजे गये देश के दूसरे तकनीकी संस्थानों में गया : गया शहर स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) में शनिवार को 15वीं पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया. इस ऐतिहासिक मौके पर कुल 84 कैडेट्स सेना में कमीशन प्राप्त कर सैन्य अधिकारी बने, जिन्हें शनिवार को शपथ […]
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एक साल का बुनियादी प्रशिक्षण पानेवाले 62 कैडेट्स भेजे गये देश के दूसरे तकनीकी संस्थानों में
गया : गया शहर स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) में शनिवार को 15वीं पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया. इस ऐतिहासिक मौके पर कुल 84 कैडेट्स सेना में कमीशन प्राप्त कर सैन्य अधिकारी बने, जिन्हें शनिवार को शपथ दिला कर देशसेवा के लिए समर्पित कर दिया गया. इनमें टेक्निकल एंट्री स्कीम (टीइएस-33) के 66 व स्पेशल कमीशन ऑफिसर (एससीओ-42) के 18 कैडेट्स कमीशन पाकर सैन्य अधिकारी बन गये.
आेटीए स्थित परेड ग्राउंड में शनिवार की सुबह परेड के प्रदर्शन के दाैरान टीइएस के 62 वैसे कैडेट्स भी शामिल हुए, जाे एक वर्ष की बुनियादी ट्रेनिंग पाकर मिलिटरी के देश में तीन तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान मिलिटरी कॉलेज अॉफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियरिंग, सिकंदराबाद, मिलिटरी कॉलेज अॉफ टेली कम्यूनिकेशंस इंजीनियरिंग, मऊ व कॉलेज अॉफ मिलिटरी इंजीनियरिंग, पुणे में इंजीनियरिंग में स्नातक डिग्री प्राप्त करने जायेंगे.
पासिंग आउट परेड व पिपिंग सेरेमनी के मुख्य अतिथि सह निरीक्षण अधिकारी जनरल अफसर कमांडिंग इन चीफ पूर्वी कमान लेफ्टिनेंट जनरल मनाेज मुकुंज नरावने (पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम) माैजूद थे, जिन्हाेंने परेड की सलामी ली आैर बेहतर प्रदर्शन करनेवाले कैडेट्स काे सम्मानित किया. पिंपिंग सेरेमनी के दाैरान नये कमीशंड सैन्य अधिकारियाें काे बैज लगा कर सेना का गौरव बढ़ाया.
इंडियन आर्मी भी तकनीकी विकास में पीछे नहीं : लेफ्टिनेंट जनरल नरावने ने कहा कि सेना में हमेशा चुनौती हाेती है. दूसरे देश में जिस तरह तकनीकी विकास हाे रहा है, उसे कैसे हम चैलेंज दे सकें, यह अभी की सबसे बड़ी चुनौती है. हालांकि, इंडियन आर्मी भी तकनीकी विकास में पीछे नहीं है. आज युद्ध के तरीके बदलते जा रहे हैं. हमें उसी तरह तैयार हाेना हाेगा. उन्होंने कहा कि युवा इंडियन आर्मी के साथ जुड़ें. देश सेवा से बढ़ कर काेई सेवा नहीं है.
इस दाैरान परेड ग्राउंड पर भी उन्हाेंने नये कमीशन अधिकारियों काे मुबारकवाद दी. इस दाैरान उनकी आगवानी आेटीए कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल गया ओटीए के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल सुनील श्रीवास्तव (वीएसएम एवं बार) व डिप्टी कमांडेंट मेजर जनरल वीजी राय ने किया.
बेहतर प्रदर्शन के लिए नये सैन्य अधिकारी पुरस्कृत : निरीक्षण अधिकारी ने प्रशिक्षण के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले नये सैन्य अधिकारियों को पुरस्कृत किया.
इनमें टीइएस विंग कैडेट कैप्टन कुलविंदर सिंह को शॉर्ड ऑफ ऑनर व गाेल्ड मेडल, विंग कैडेट कैप्टन चंदन कुमार को रजत व विंग कैडेट क्वार्टर मास्टर नीरज कुमार को कांस्य मेडल से सम्मानित किया गया. एससीओ कोर्स में सभी क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए एकेडमी कैडेट एडजुटेंट अनिल कुमार को रजत मेडल से सम्मानित किया गया. वहीं प्रशिक्षण काल में सभी क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन करनेवाली प्रशिक्षु कंपनी ‘गुरेज’ को प्रतिष्ठित ‘चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ’ बैनर प्रदान किया गया.
इंडियन आर्मी हर चुनाैती से निबटने को सक्षम : नरावने
सेना का अनुशासन ही हमें बनाता है अलग
इस दाैरान लेफ्टिनेंट जनरल नरावने ने पत्रकाराें से बातचीत के दाैरान कहा कि इंडियन आर्मी हर चुनाैती का सामना करने में सक्षम है.
सबसे पहले उन्हाेंने नये कमीशन अधिकारियों काे नये जीवन की शुरुआत के लिए बधाई दी. उन्होंने कहा कि अब ये अपनी मेहनत व लगन के भराेसे बड़े पद संभालने के लायक होंगे. उन्होंने कहा कि सेना में देश में देश की सुरक्षा, उसका सम्मान व कल्याण मूल उद्देश्य हाेता है.
जब सेना का अधिकारी देश के बारे में सोचेगा, तब उसे सफलता मिलती चली जायेगी. सेना का अनुशासन अन्य वर्ग से अलग हाेता है, वह इसलिए कि हम देश के रक्षक हैं, जिसे हर किसी से अलग देखना व साेचना हाेता है. यह हर ऑर्गेनाइजेशन या फिर हर जगह लागू नहीं होना चाहिए. सेना में अनुशासन, देश प्रेम, लगन व नि:स्वार्थ सेवाभाव का होना जरूरी है. माैके व इलाके काे देखते हुए हमारा अनुशासन कठाेर व कठिन हाेता है.
गया : शानवेंद्र सिंह राठाैर का पूरा परिवार देश सेवा काे समर्पित है. शानवेंद्र उत्तर प्रदेश के लखनऊ के आशियाना थाने के रजनीखंड के रहनेवाले हैं. उनके बड़े भाई मानवेंद्र सिंह राठाैर 2014 में इंडियन मिलिट्री एकेडमी देहरादून से पास आउट हाेकर आर्मी अफसर बने हैं.
उनकी बहन अंकिता काेलकाता कमांड हॉस्पीटल से काेर्स पूरी कर इन दिनाें झांसी में आर्मी सेवा में हैं. पिता हरिभान सिंह राठाैर भी रिटायर्ड आर्मी मैन हैं. मां कृष्णा कुमारी गृहिणी हैं. शानवेंद्र की इस खुशी की घड़ी में परिवार के सभी सदस्य माैजूद थे. बड़े भाई मानवेंद्र ने कहा अपने अभिभावक के स्टैंडर्ड काे अगर छाेटे मेंटेन करने लगें ताे वह परिवार खुशहाल हाेता है.
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