अस्पताल के कर्मचारी के व्यवहार से संतुष्ट नहीं दिखते मरीज व परिजन
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 19 May 2019 1:54 AM
गया : मगध मेडिकल अस्पताल में हर कोई अपनी ओर से एक-दूसरे के प्रति चाल चलने या फिर फंसाने के लिए काम करने से बाज नहीं आ रहा है. यहां के कर्मचारी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे, बल्कि सिर्फ नौकरी कर रहे हैं. अस्पताल सूत्रों से के अनुसार, पिछले कुछ महीने पहले तक मरीजों के यहां […]
गया : मगध मेडिकल अस्पताल में हर कोई अपनी ओर से एक-दूसरे के प्रति चाल चलने या फिर फंसाने के लिए काम करने से बाज नहीं आ रहा है. यहां के कर्मचारी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे, बल्कि सिर्फ नौकरी कर रहे हैं. अस्पताल सूत्रों से के अनुसार, पिछले कुछ महीने पहले तक मरीजों के यहां आने की संख्या 600 होती थी. अब यह संख्या 1100 से 1200 तक पहुंच जा रही है. सरकार की ओर से अस्पताल में कई तरह के बदलाव किये गये हैं.
हर दिन नये-नये संसाधन की खरीदारी की जा रही है. लेकिन, यहां पहुंचनेवाले मरीज व उनके परिजन अस्पताल के कर्मचारी के व्यवहार से संतुष्ट नहीं दिखते. डॉक्टर से लेकर कर्मी कई गुटों में बंट गये हैं. एक काम कराने की जरूरत पड़ती है, तो कोई अपने ऊपर जिम्मेदारी नहीं लेता है. इसका खामियाजा मरीज व उनके परिजनों को भुगतना पड़ता है. किसी भी काम के लिए मरीजों के परिजनों को अधीक्षक कार्यालय में दस्तक देना पड़ता है.
सूत्र बताते हैं कि पिछले दो माह से विभिन्न तरह की जांच मशीनों को चलाने के लिए जेनेरेटर का उपयोग बिजली रहने के बाद भी किया जाता है. क्योंकि, अर्थिंग की समुचित व्यवस्था यहां नहीं है. कई जगहों पर वाटर कूलर लगाये गये हैं, लेकिन रखरखाव के अभाव में बंद हो गये. अब अस्पताल प्रशासन वाटर कूलर को बनाने के बजाय, जगह-जगह घड़ा रख दिया है. घड़ा को ऐसी जगह पर रखा गया है कि 10 बजे के बाद धूप के कारण पानी गर्म हो जाता है.
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