बामसेफ के राष्ट्रीय अधिवेशन में उठी आवाज, वक्ताओं ने जजों की नियुक्ति में कोलेजियम सिस्टम को बताया गलत

Updated at : 28 Dec 2018 5:50 AM (IST)
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बामसेफ के राष्ट्रीय अधिवेशन में उठी आवाज, वक्ताओं ने जजों की नियुक्ति में कोलेजियम सिस्टम को बताया गलत

बोधगया : हाइकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में एससी, एसटी व ओबीसी समाज से न्यायाधीशों के नहीं होने के कारण इन वर्गों को न्यायपालिका से न्याय नहीं मिल पा रहा है. ऐसे में इनका न्यायपालिका पर से भरोसा उठ जायेगा. ये बातें उतराखंड के पंतनगर स्थित गोविंद बल्लभ पंत विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर डॉ सचिन कुमार […]

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बोधगया : हाइकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में एससी, एसटी व ओबीसी समाज से न्यायाधीशों के नहीं होने के कारण इन वर्गों को न्यायपालिका से न्याय नहीं मिल पा रहा है. ऐसे में इनका न्यायपालिका पर से भरोसा उठ जायेगा.
ये बातें उतराखंड के पंतनगर स्थित गोविंद बल्लभ पंत विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर डॉ सचिन कुमार ने कहीं. इसे आगे बढ़ाते हुए गुजरात के सीइसी सदस्य सुनील मूलनिवासी ने कहा कि अगर न्यायपालिका में बहुसंख्यक वर्ग को भागीदारी नहीं मिलेगी, तो बहुसंख्यक वर्ग का विश्वास न्यायपालिका में कम होगा, जो लोकतंत्र के लिए खतरा होगा.
प्रतिनिधित्व विहीन न्यायपालिका लोकतंत्र के लिए चुनौती विषय पर बोलते हुए मुंबई से आये पूर्व आइपीएस अधिकारी डॉ संजय अपरांति ने कहा कि न्यायपालिका में सभी वर्गों को भागीदारी और समुचित भागीदारी मिलनी चाहिए.
जजों के बच्चे ही बनते हैं जज
इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता ज्ञानमित्र ने कहा कि कोलेजियम सिस्टम से जज के बच्चे ही जज बन रहे हैं. मूलनिवासी कर्मचारी कल्याण महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह धम्मी ने कहा कि कोलेजियम प्रणाली लोकतंत्र पर एक काला धब्बा है. उन्होंने कहा कि कोलेजियम सिस्टम में जज मिल कर योग्य जज नहीं चुनते, बल्कि अपना उत्तराधिकारी चुनते हैं.
कोलेजियम सिस्टम का भारत के संविधान में कोई जिक्र नहीं है. यह न्यायाधीशों के दिमाग की उपज है. पूरे विश्व में कहीं भी जज मिल कर जज नहीं बनाते हैं. सिर्फ भारत में ऐसा हो रहा है.
इस कारण कोलेजियम सिस्टम समाप्त होने चाहिए और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 312(1) के अनुरूप परीक्षा के माध्यम से इंडियन जुडिसियल सर्विस गठित होनी चाहिए व इसके माध्यम से न्यायाधीशों की नियुक्ति होनी चाहिए. इस नियुक्ति में एससी, एसटी व ओबीसी वर्गों को समुचित भागीदारी जनसंख्या के अनुरूप मिलनी चाहिए.
बामसेफ के अधिवेशन स्थल से बाइक की चोरी
बोधगया. बोधगया के संविधान नगर में आयोजित बामसेफ के राष्ट्रीय अधिवेशन में शामिल होने पहुंचे गुरुआ के नदौरी गांव निवासी शंकर रविदास की पल्सर बाइक चोरी कर ली गयी. शंकर रविदास ने बताया कि वह अपनी बाइक खड़ी कर कार्यक्रम के पंडाल में गये थे. वापस लौटने पर बाइक गायब थी.
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