फुलवारीशरीफ : डेंगू से चार वर्षीय इकलौते बेटे की मौत

Updated at : 02 Nov 2018 9:08 AM (IST)
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फुलवारीशरीफ : डेंगू से चार वर्षीय इकलौते बेटे की मौत

डेंगू का डंक. नहीं थम रहा कहर, पटना जिले में मौत का आंकड़ा आठ तक पहुंचा फुलवारीशरीफ : बाबूचक गांव में डेंगू ने एक 4 साल के बच्चे की जान ले ली. मृतक बच्चा अपने माता पिता का इकलौता पुत्र था. नर्सरी क्लास में पढ़ने वाले बच्चे के पिता बिहार पुलिस में सिपाही के पद […]

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डेंगू का डंक. नहीं थम रहा कहर, पटना जिले में मौत का आंकड़ा आठ तक पहुंचा
फुलवारीशरीफ : बाबूचक गांव में डेंगू ने एक 4 साल के बच्चे की जान ले ली. मृतक बच्चा अपने माता पिता का इकलौता पुत्र था. नर्सरी क्लास में पढ़ने वाले बच्चे के पिता बिहार पुलिस में सिपाही के पद पर मुजफ्फरपुर में तैनात हैं. इकलौते बेटे की मौत से पुलिसकर्मी के परिवार में कोहराम मच गया. डेंगू से मासूम बच्चे की मौत की खबर से बाबूचक समेत आस पास के गांवों में भी दहशत का वातावरण हो गया है.
बताया जाता है कि सिपाही अरुण कुमार के इकलौते पुत्र अविनाश उर्फ टाइगर की कुछ दिनों पूर्व अचानक तबियत बिगड़ी तो चिकित्सक के पास ले गये. जांच में पता चला कि टाइगर को डेंगू हो गया है. इलाज के दौरान गुरुवार को मासूम बच्चे की मौत हो गयी. इकलौते बेटे की मौत के गम में मां बार-बार बेहोश हो जा रही है, वहीं पिता अरुण की हालत भी रो रो कर खराब है.
डेंगू से कब और किस मरीज की हुई मौत
– 20 सितंबर: शहर के पंचवटी नगर के रहने वाले सत्येंद्र कुमार की मौत. सत्येंद्र नगर-निगम में कर्मचारी थे – 13 अक्टूबर – बाइपास स्थित एक प्राइवेट अस्पताल के डॉ विजय कुमार की मौत – 15 अक्टूबर – गोपालगंज की डीपीओ संगीता कुमारी की पटना के पाटलीपुत्रा स्थित एक निजी अस्पताल में मौत – 24 अक्टूबर – फुलवारीशरीफ के रहने वाले अफताब की मौत पटना के एक निजी अस्पताल में हुई थी – 26 अक्टूबर – पटना के माउंट कॉर्मल स्कूल में पढ़ने वाली केजी टू की छात्रा कृति सिंह की मौत – 27 अक्टूबर – नौबतपुर की रहने वाली इंदु कुमारी नाम की एक शिक्षिका की मौत हो गयी थी – 31 अक्टूबर – सहरसा के एसडीओ सृष्टि राज सिन्हा की मौत शहर के एक बड़े अस्पताल में हो गयी.
इधर, स्वास्थ्य मंत्री का दावा
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि डेंगू को लेकर हमारा विशेष ध्यान है. मरीजों को किसी तरह की दिक्कत नहीं हो इसके लिए मच्छर मारने की दवा नगर-निगम की दी जा रही है. उन्होंने कहा कि पिछले साल की तुलना में इस साल कम मरीज डेंगू के मिले हैं. हालांकि कुछ दिनों में डेंगू मरीजों का आंकड़ा बढ़ा है. लेकिन मरीजों को किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं हो इसके लिए सभी सरकारी अस्पताल के ब्लड बैंकों में प्लेटलेट्स पूरी मात्रा में है. इस बार डेंगू के मरीजों को प्लेटलेट्स को लेकर परेशानी नहीं हो रही है.
पटना सिटी. एनएमसीएच में डेंगू की जांच के लिए आयोजित विशेष शिविर में गुरुवार को भी 55 मरीजों की जांच की गयी. माइक्रो बॉयोलोजी विभाग के अध्यक्ष डॉ हीरालाल महतो ने बताया कि बुधवार को डेंगू व चिकनगुनिया के 79 सैंपल जांच के लिए आये थे. जिसमें 21 में बीमारी की पुष्टि हुई है.
डेंगू ने फिर तोड़ा रिकॉर्ड
गुरुवार को पीएमसीएच के वॉयरोलॉजी विभाग ने 89 मरीजों में डेंगू की पुष्टि की. इसमें सिर्फ पटना से 80 मरीज शामिल हैं. जबकि एक दिन पूर्व रिकॉर्ड 71 का था. इसमें पटना के 63 मरीज शामिल थे. नये रिकॉर्ड के बाद अस्पताल से लेकर स्वास्थ्य विभाग तक हड़कंप मचा है. अब तक पीएमसीएच में ही सिर्फ 809 मरीज डेंगू के पाये गये हैं जिनका शहर के सरकारी व निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है. वहीं पीएमसीएच में तीन दिवसीय कैंप का समापन गुरुवार को हो गया. इसमें 125 मरीज जांच कराने आये.
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