पितृपक्ष मेला : एजेंसी ने सफाई से खड़े किये हाथ

मेयर, डिप्टी मेयर व नगर आयुक्त के आश्वासन के बाद सफाई जारी रखने के लिए भरी हामी गया : निगम में नौकरी करना है, तो संजीदगी से काम करने की जिम्मेदारी उठानी होगी. काम में लापरवाही व निगम के उद्देश्य में नेतागिरी करना कतई बर्दाश्त नहीं की जायेगी. उक्त बातें नगर निगम सशक्त समिति की […]
मेयर, डिप्टी मेयर व नगर आयुक्त के आश्वासन के बाद सफाई जारी रखने के लिए भरी हामी
गया : निगम में नौकरी करना है, तो संजीदगी से काम करने की जिम्मेदारी उठानी होगी. काम में लापरवाही व निगम के उद्देश्य में नेतागिरी करना कतई बर्दाश्त नहीं की जायेगी. उक्त बातें नगर निगम सशक्त समिति की आपात बैठक में डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव ने गुरुवार को कही.
पितृपक्ष मेला में सफाई के लिए जिम्मेदारी संभाल रही कंपनी द्वारा सफाई के काम से अलग करने का आवेदन मिलने के बाद सशक्त स्थायी समिति की आपात बैठक बुलायी गयी थी. बैठक में डिप्टी मेयर ने कहा कि बिना बोर्ड व सशक्त स्थायी समिति की अनुमति के बिना व नियम से अलग हट कर सफाई के लिए आउटसोर्सिंग का टेंडर फाइनल किया गया है. पितृपक्ष मेला में किसी तरह का व्यवधान न हो इसके लिए कोई आवाज नहीं उठा रहा था.
उन्होंने कहा कि दो दिन पहले ठेकेदार ने आकर कहा कि पहले 22 सितंबर तक एक पाली में व मेला तक तीन पालियों में सफाई करने की बात हुई थी. लेकिन सफाई चालू होने के बाद सभी दिन तीन पालियों में सफाई करने को कहा जा रहा है. जितना पैसा दिया जा रहा है उसमें काम होना संभव नहीं है. इसलिए ठेकेदार ने काम छोड़ने संबंधी पत्र दिया है. उन्होंने कहा कि यह खुलासा मेला शुरू होने से पहले हो गया है. निगम के सफाई प्रभारी शैलेंद्र कुमार सिन्हा कभी भी आउटसोर्सिंग नहीं होने देना चाहते हैं. इस कारण ही कई तरह के नये नियम लागू करने में लगे हैं.
तीन सदस्यीय कमेटी तय करेगी खर्च : बैठक में फैसला लिया गया है कि निगम के दो इंजीनियर व एक सिटी मैनेजर की कमेटी मेला क्षेत्र में सफाई पर होनेवाले खर्च का आकलन कर रिपोर्ट देगी. इस संबंध में डिप्टी मेयर ने कहा कि पितृपक्ष मेला के दौरान किसी तरह का व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. विष्णुपद से चांद चौरा तक सड़क किनारे लगे पेड़ों पर लाइटिंग, बेहतर पेयजल सुविधा व सफाई देना निगम की जिम्मेदारी है.
यहां के सफाई प्रभारी काम करने से ज्यादा काम में व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास करते हैं. बैठक के दौरान मेयर वीरेंद्र कुमार की अनुमति से सफाई व्यवस्था संभाल रही कंपनी डीइएसपीएल के प्रतिनिधि शिखर कुमार भी शामिल हुए. कंपनी के प्रतिनिधि ने सफाई प्रभारी द्वारा बार-बार बदलने व नियम बनाने की बात विस्तृत तौर पर बतायी. इस दौरान नगर आयुक्त डॉ ईश्वर चंद्र शर्मा ने कहा कि बात को अधिक खींचने से कोई फायदा नहीं है. कमेटी के रिपोर्ट मिलने के बाद टेंडर की सारी त्रुटियां सुधार ली जायेंगी. एक्स्ट्रा काम का कंपनी को अलग से पैसा देने के लिए विचार किया जायेगा. मेयर, डिप्टी मेयर व नगर आयुक्त के आश्वासन के बाद कंपनी के प्रतिनिधि ने काम करने के लिए हामी भरी है.
डी-सिल्टिंग पर भी हुई चर्चा
डी-सिल्टिंग मशीन के विषय पर सरकार के निर्देश के संबंधी पत्र के बारे में भी बैठक में चर्चा की गयी. समिति के सदस्यों ने इसके पेमेंट का एक सुुर में विरोध किया. इस मामले में मेयर ने कहा कि मशीन खरीद के लिए ऑर्डर देने से लेकर फाइल में कई जगहों पर नियम की अनदेखी कर आदेश दिये गये हैं. डिप्टी मेयर ने कहा कि निगम के अधिकारी ने प्रधान सचिव स्तर पर भी इस मामले में गुमराह करने का काम किया है. यहां से रिपोर्ट के बाद ही प्रधान सचिव ने पेमेंट संबंधी पत्र भेजा. लेकिन, जब उन्हें पूरी बात की जानकारी दी गयी, तो कहा कि निगम से पेमेंट नहीं करें और सारी जानकारी विभाग को भेज दें.
बैठक में ये रहे शामिल
सशक्त स्थायी समिति की बैठक में मेयर वीरेंद्र कुमार, डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव, नगर आयुक्त डॉ ईश्वर चंद्र शर्मा, कार्यपालक अभियंता किशोरी प्रसाद देव, सदस्य विनोद यादव, मनोज कुमार, संतोष सिंह, स्वर्णलता वर्मा, उषा देवी, चुन्नू खां, राजस्व पदाधिकारी विजय कुमार सिन्हा आदि मौजूद थे.
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