पटरी में दरार रोकने के लिए होगी हॉट वेदर पैट्रोलिंग

Updated at : 04 Sep 2018 5:08 AM (IST)
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पटरी में दरार रोकने के लिए होगी हॉट वेदर पैट्रोलिंग

गर्मी में पटरियां फैलने की रहती है आशंका धूप निकलने से ढलने तक पटरियों की होगी पैट्रोलिंग गया : गर्मी में रेल पटरियों के फैलने के बाद ट्रेनों के दबाव से ट्रैक टूटने की संभावना बढ़ जाती है. इस बार आनेवाली गर्मियों में रेलवे किसी तरह का रिस्क लेने के मूड में नहीं है. सुरक्षित […]

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गर्मी में पटरियां फैलने की रहती है आशंका

धूप निकलने से ढलने तक पटरियों की होगी पैट्रोलिंग
गया : गर्मी में रेल पटरियों के फैलने के बाद ट्रेनों के दबाव से ट्रैक टूटने की संभावना बढ़ जाती है. इस बार आनेवाली गर्मियों में रेलवे किसी तरह का रिस्क लेने के मूड में नहीं है. सुरक्षित और सुगम परिचालन को लेकर रेलवे ने इस बार खास तैयारी की है. रेलखंड पर पटरी में दरार रोकने के लिए हॉट वेदर पैट्रोलिंग की जायेगी. रेल पटरियों की जांच के लिए अलग-अलग टीमें बनायी गयी हैं. रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मुगलसराय मुख्यालय व गया के अधिकारियों की संयुक्त रूप से एक टीम बनायी गयी है. टीम में शामिल अधिकारी पांच किलोमीटर पर पटरियों की जांच करेंगे. जांच में किसी तरह की कोताही न हो इसके लिए संबंधित स्टेशन मास्टर या स्टेशन प्रबंधक पेट्रोल बुक में हस्ताक्षर लेंगे. रेलवे के अधिकारी ने बताया कि लगातार बारिश होने और बाढ़ आने पर मुगलसराय,
गया, डेहरी, सासाराम में बरसात और बाढ़ में रेलवे ट्रैक धंसने की आशंका बनी रहती है. इसको लेकर इस बार व्यापक स्तर पर तैयारी की गयी है. माॅनसून को देखते हुए शाम चार बजे से लेकर रात 12 और 12 बजे से लेकर सुबह छह बजे तक रेलवे ट्रैक की जांच करने की व्यवस्था की गयी है.
पेट्रोल बुक में होगी शिकायत दर्ज
जांच के बाद संबंधित स्टेशन मास्टर से पेट्रोल बुक में अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे. इसी तरह गया, सासाराम, डेहरी, भभुआ, गया, चाकंद, बेलागंज, जहानाबाद, तारेगना, मानपुर, वजीरगंज, किऊल, जमालपुर स्टेशनों तक रेल पटरियों को चेक करेंगे. टीम को निर्देश दिया गया है कि कोई भी दिक्कत होने पर इसकी सूचना अविलंब संबंधित स्टेशन और अपने अधिकारियों को देंगे.
पहले भी धंस व टूट चुकी हैं पटरियां
जनवरी में इश्वर चौधरी हॉल्ट के पास पटरी में दरार आ गयी थी. लगभग तीन घंटे के बाद रेल पटरी की मरम्मत की गयी. इस कारण कई ट्रेनों का लगभग तीन घंटे तक परिचालन बाधित हो गया था.
फरवरी में करीमगंज यार्ड के पास रेल पटरी धंस गयी थी. इंजीनियरों की टीम ने मौके पर पहुंच कर पटरी को ठीक कर ट्रेनों का परिचालन शुरू कराया था. इस कारण लगभग तीन घंटे तक ट्रेनों का परिचालन बाधित हो गया था.
मार्च में खरखुरा के पास रेल पटरी में दरार आयी थी. इस कारण दो घंटे तक परिचालन बाधित हो गया था. मौके पर इंजीनियरों की टीम ने पटरी को बदल कर ट्रेनों का परिचालन शुरू कराया था.
जून में गया-पटना रेलखंड स्थित पोल संख्या 409/19 के पास रेल पटरी में दरार आने के कारण कई पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन बाधित हो गया था. इस कारण रेल यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा था.
जुलाई में गया-किऊल रेलखंड स्थित वजीरगंज के आस-पास रेल पटरी में दरार आयी थी. इस कारण गया-किऊल पैसेंजर सहित अन्य ट्रेनों का परिचालन बाधित हो गया था. मौके पर रेलवे के इंजीनियरों ने पहुंच कर पटरी की मरम्मत की थी.
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