चार साल बीत गये, पता नहीं एस्केलेटर लगेगा या नहीं

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 07 Jul 2018 4:55 AM

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स्टेशन पर यात्री सुविधाओं को लेकर सिर्फ की जा रही घोषणाएं रेलवे अधिकारी घोषणाओं को धरातल पर उतारने में नहीं ले रहे रुचि सुविधाओं की कमी स्टेशन के ए-वन श्रेणी पर लगा रहा प्रश्नचिह्न गया : गया जंक्शन ए-वन श्रेणी में आता है. लेकिन, यात्री सुविधा की बात हो, तो यह किसी भी तरह से […]

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स्टेशन पर यात्री सुविधाओं को लेकर सिर्फ की जा रही घोषणाएं

रेलवे अधिकारी घोषणाओं को धरातल पर उतारने में नहीं ले रहे रुचि
सुविधाओं की कमी स्टेशन के ए-वन श्रेणी पर लगा रहा प्रश्नचिह्न
गया : गया जंक्शन ए-वन श्रेणी में आता है. लेकिन, यात्री सुविधा की बात हो, तो यह किसी भी तरह से ए-वन नहीं लगता. बेहतरी के लिए बार-बार निरीक्षण होता है, घोषणाएं होती हैं, पर बातें काम का रूप नहीं लेतीं. बताया जाता है कि पूर्व की घोषणाओं को अगर धरातल पर उतार दिया जाता, तो गया जंक्शन की तस्वीर आज कुछ अलग ही होती. पिछली घोषणाओं में स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरा, नौ नंबर प्लेटफॉर्म के पास घेराबंदी, लैगेज स्कैनर, टिकट वेंडिंग मशीन व अन्य सुविधाओं से रेलयात्री वंचित रह गये. गौरतलब हो कि 13 जनवरी 2017 में जीएम डीके गायन द्वारा गया रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया गया था. निरीक्षण के दौरान एक से बढ़ कर एक सुविधा देने की बात कही गयी थी. लेकिन, एक साल बीत जाने के बाद भी आज भी वैसा ही गया रेलवे स्टेशन है.
यहां तक कि वर्ष 2014 में गया रेलवे स्टेशन स्थित आरपीएफ इंस्पेक्टर के चैंबर के पास शुरू किया गया एस्केलेटर का काम अब तक अधूरा है. रेलवे अधिकारियों द्वारा कहा जाता है कि अगले माह बन कर तैयार हो जायेगा. ऐसे कहते-कहते चार साल बीत गये. लेकिन, अब तक एस्केलेटर की सुविधा रेलयात्रियों को नहीं मिली है.
नहीं हो सकी नौ नंबर प्लेटफॉर्म के पास घेराबंदी
2014 वर्ष में डीआरएम किशोर कुमार द्वारा नौ नंबर प्लेटफॉर्म के पास घेराबंदी करने की योजना बनायी गयी थी. पूर्व रेल एसपी जितेंद्र मिश्रा द्वारा भी डीआरएम किशोर कुमार को पत्र लिख कर नौ नंबर प्लेटफॉर्म के पास घेराबंदी कने की बात कही गयी थी. लेकिन, अब तक नौ नंबर प्लेटफॉर्म के पास घेराबंदी करने का काम पूरा नहीं हो सकता है. इस कारण नौ नंबर प्लेटफॉर्म के पास अाये दिन रेलयात्री के साथ पॉकेटमारी, छिनतई, चोरी व लूटपाट की घटनाएं हो रही हैं.
नहीं लगा स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरा
वर्ष 2014 में रेलवे अधिकारियों गया रेलवे स्टेशन पर 48 सीसीटीवी कैमरा लगाने की बात कही गयी थी. लेकिन, चार साल बीत जाने के बाद भी एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा. गौरतलब है कि पितृपक्ष मेला में गया रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरा लगाया गया था. सीसीटीवी कैमरा के सहारे 20 ठगी गिरोह को पकड़ने में पुलिस को सफलता मिली थी. बताया जाता है कि निर्भय फंड से भी 20 सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बनायी गयी थी. लेकिन, इस ओर रेलवे अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है.
नहीं मिला रेलवे अनुमंडल अस्पताल को एंबुलेंस
वर्ष 2016 में रेलवे अनुमंडल अस्पताल को एंबुलेंस देने की बात कही गयी है. लेकिन, आज तक एंबुलेंस की सुविधा नहीं दी गयी. रेल अफसर हर बार एक ही बात कहते हैं. वह यह कि अगले साल एंबुलेंस मिल जायेगा. पर अब तक ऐसा हो नहीं सका. वादे बस बातों तक ही रह जाते हैं. अब भी अनुमंडल अस्पताल का काम किराया व उधार से ही चल रहा है.
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