आठ वर्ष पहले नक्सली कमांडर संजीवन के लिए कमीशन पर कर चुका था काम

Published at :11 Jun 2018 5:05 AM (IST)
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आठ वर्ष पहले नक्सली कमांडर संजीवन के लिए कमीशन पर कर चुका था काम

गया : नक्सलियों के नाम पर लेवी व हथियार की तस्करी के आरोप में आंती थानाक्षेत्र के कचनपुर से गिरफ्तार नरेश यादव ने कई तरह के खुलासे किये हैं. एएसपी अभियान अरुण कुमार ने बताया कि नरेश यादव पहले नक्सली कमांडर संजीवन के लिए काम करता था. लेवी के लिए पर्ची पहुंचाता था. वसूली गयी […]

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गया : नक्सलियों के नाम पर लेवी व हथियार की तस्करी के आरोप में आंती थानाक्षेत्र के कचनपुर से गिरफ्तार नरेश यादव ने कई तरह के खुलासे किये हैं. एएसपी अभियान अरुण कुमार ने बताया कि नरेश यादव पहले नक्सली कमांडर संजीवन के लिए काम करता था. लेवी के लिए पर्ची पहुंचाता था. वसूली गयी रकम में से इसे कमीशन मिलता था. बाद में कई वर्षों तक यह सब कुछ छोड़ कर मुख्यधारा में आने का नाटक करता रहा लेकिन, अंदर-ही-अंदर व्यापक तैयारी में जुटा था.

उन्होंने बताया कि गया से बाहर के ठेकेदारों से लेवी मांगना इसके लिए आम बात थी. नवादा में आहर उड़ाही में लगे एक ठेकेदार से यह ढाई लाख रुपये वसूल चुका था. नरेश यादव खुद ही नक्सली के नाम पर लेवी मांगने के लिए लेटर हेड, रसीद आदि छपवा ली. लेटर हेड व रसीद छापने के मामले में कुछ प्रिंटिंग प्रेस का नाम सामने आया है. पुलिस इनके मालिक को जल्द हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी. उन्होंने बताया कि नरेश यादव अपने यहां मिनी गन फैक्टरी चला रहा था. यहां तैयार किये गये कट्टे को लोकल अपराधियों के हाथों सप्लाइ करता था.
जेल भी जा चुका है नरेश
एएसपी ने बताया कि औरंगाबाद के माली थाना के चौकीदार हत्याकांड का नरेश यादव आरोपित है. इसके साथ ही रफीगंज में मारपीट मामले में जेल भी जा चुका है. उन्होंने बताया कि रफीगंज में 2002 में राजधानी एक्सप्रेस दुर्घटना में नरेश के शामिल होने की बात भी सामने आ रही है. इसकी जांच पुलिस कर रही है. इसके साथ पकड़े गये जहानाबाद जिले के विशुनगंज गांव का रहनेवाला बिगन मिस्त्री हथियार बनाने में माहिर है. 10 वर्ष पहले बिगन को गन फैक्टरी चलाने के आरोप में मखदुमपुर पुलिस जेल भेज चुकी है.
कई कथित नक्सली गिरोह कर रहे काम
एएसपी ने बताया कि हाल के दिनों में कई कंस्ट्रक्शन कंपनियों से नक्सलियों के नाम पर लेवी मांगने की बात सामने आ रही थी. पिछले दिनों इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था. उनकी ही निशानदेही पर नरेश यादव को भी पकड़ा गया है. उन्होंने बताया कि नरेश यादव आइएलएफएस कंपनी से लेवी के लिए लेटर भेजा था इसके लिखावट से मिलान किया गया है. इसके पास से पकड़े गये मोबाइल फोन नंबर 7632844929, 9771878330, 9973632561, 7369093131 इन्हीं से कंपनी के प्रतिनिधियों को लेवी के लिए फोन किया जाता था. नरेश ने कबूल किया है कि पहले वह कमीशन पर काम करते-करते नक्सलियाें की पूरी भाषा व शब्द सीख लिया. उसके बाद अपनी कथित नक्सली संगठन के नाम पर लेवी का मांग करने लगा.
नक्सलियों से बरामद सामान
आंती थाने की पुलिस, एसएसबी व एसटीएफ (चीता 15) के संयुक्त अभियान में नरेश यादव के घर से 21 बैरेल, 21 अर्द्ध निर्मित पिस्टल, एक अर्द्ध निर्मित रिवॉल्वर, लोहे का 21 ट्रेगर, दो छोटा-बड़ा बेल्डिंग मशीन व हथियार बनाने के अन्य सामान जब्त किये गये हैं. इसके साथ ही एक नक्सली लेटर पैड, लेवी वसूलने का रसीद, लेवी के लिए काटा गया रसीद व तीन मोबाइल बरामद किये गये हैं. इस अभियान में टिकारी डीएसपी नागेंद्र सिंह, आंती थानाध्यक्ष मनोज कुमार, एसएसबी व एसटीएफ (चीता 15) के जवान शामिल थे. इस मौके पर एएसपी डॉ संजय भारती मौजूद थे.
जल्द किया जायेगा गाड़ी जलाने के मामले का खुलासा
एएसपी डॉ संजय भारती ने कहा कि चंदौती थाना क्षेत्र में रोड बनाने में लगी कंपनी की गाड़ी जलाने के मामले में पुलिस बहुत करीब पहुंच गयी है. जल्द ही इस मामले का खुलासा कर लिया जायेगा. उन्होंने कहा कि गाड़ी जलाने के मामले में किसी नक्सली संगठन का हाथ नहीं है. लोकल अपराधियों के गिरोह ने इस घटना को अंजाम दिया है. पुलिस की टीम उन्हें चिह्नित कर पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है.
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