ई-वे बिल आसान है, व्यापारी जल्द करा लें पंजीकरण

Published at :27 Mar 2018 2:09 AM (IST)
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ई-वे बिल आसान है, व्यापारी जल्द करा लें पंजीकरण

सेल्स टैक्स डिपार्टमेंट का प्रशिक्षण कार्यक्रम एक अप्रैल से लागू हो रही नेशनल ई-वे बिल गया : हाेटल विष्णु विहार में सोमवार को सेल्स टैक्स डिपार्टमेंट ने इ-वे बिल को लेकर एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया. इसमें इ-वे बिल से जुड़ी सभी तकनीकी व कानूनी पक्षों के बारे में अधिकारियों ने जानकारी दी. सेल्स टैक्स […]

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सेल्स टैक्स डिपार्टमेंट का प्रशिक्षण कार्यक्रम

एक अप्रैल से लागू हो रही नेशनल ई-वे बिल
गया : हाेटल विष्णु विहार में सोमवार को सेल्स टैक्स डिपार्टमेंट ने इ-वे बिल को लेकर एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया. इसमें इ-वे बिल से जुड़ी सभी तकनीकी व कानूनी पक्षों के बारे में अधिकारियों ने जानकारी दी. सेल्स टैक्स के अधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस बिल में कई बदलाव किये हैं व एक अप्रैल से यह बिल लागू होने जा रहा है.
कार्यक्रम में शहर के व्यापारी वर्ग के प्रतिनिधि, सीए, ट्रांसपोटर्स, अधिवक्ता व अन्य पेशे से जुड़े लोग जुटे, जिन्हें इस बात का भरोसा दिलाया गया कि वे बेहिचक नयी व्यवस्था अपनाएं. सेल्स टैक्स के संयुक्त आयुक्त मोहनाथ मिश्रा, संजय कुमार पंसारी, सीटीओ गया श्रीधर करुणानिधि, सीटीओ अभिनव कुमार झा, अक्षय कांत झा आदि अधिकारी मौजूद थे. इस मौके पर सेंट्रल बिहार चैंबर ऑफ काॅमर्स के अध्यक्ष कौशलेंद्र प्रताप, अनूप केडिया, प्रमोद भदानी व डीके जैन आदि भी मौजूद थे.
नये बदलाव के बारे में दी गयी जानकारी
सीटीओ अभिनव झा ने बताया कि सरकार ने नये बदलाव में जाॅब वर्कस का काम करने वाले भी वस्तुओं की आवाजाही के लिये इलेक्ट्रॉनिक रसीद निकाल सकते हैं. सरकार ने यह पूरी कोशिश की है कि कोई व्यापारी या ट्रांस्पोर्टर जब इ-वे बिल के बदले हुए प्रारूप के साथ जुड़े ताे जो जानकारी इस बिल में मांगी गयी है उसे आसानी से वह उपलब्ध कराये. साथ ही तकनीक के मामले में भी वह खुद को पहले से ज्यादा अपडेट कर सके.
जानें क्या है इ-वे बिल
जीएसटी में कर चोरी रोकने के उद्देश्य से माल परिवहन परमिट की तर्ज पर इ-वे बिल की नई व्यवस्था बनायी गयी है. इसके तहत पंजीकृत व्यापारी को 50 हजार रुपये से अधिक के माल का परिवहन करना है तो उसे अनिवार्य तौर पर इ-वे बिल जेनरेट कराना होगा. साथ ही माल ले जा रहे वाहन के साथ इनवाॅइस सहित इ-वे बिल भी भेजना होगा. सेल्स टैक्स से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि 100 किमी के लिए इ-वे बिल 24 घंटे वैध रहेगा. इसके बाद प्रत्येक 100 किमी पर एक दिन अतिरिक्त मिलेगा. विभागीय अधिकारियों को इ-वे बिल की जांच का अधिकार दिया गया है. नियमानुसार माल परिवहन नहीं होने पर कर चोरी की आशंका में कर के साथ 100 प्रतिशत तक पेनाल्टी भी लगाने के अधिकार दिया गया है. इ-वे बिल नहीं होने पर कर मुक्त माल पर भी 25 हजार तक पेनाल्टी लगायी जा सकेगी.
समय-सीमा का जरूर रखें ख्याल
संयुक्त आयुक्त मोहनाथ मिश्रा ने कहा कि पूर्व में इ-वे बिल एक फरवरी को लागू हुआ था. लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से सरकार ने इसे वापस ले लिया. आमतौर पर जब कोई नया सिस्टम लागू होता है तो जिस वर्ग के लिए उसे लागू किया जाता है वह उसे अपनाने में समय सीमा का ध्यान नहीं रखता. यही इस बिल के साथ भी शुरू में हुआ जब इ-वे बिल के पोर्टल पर एकाएक बड़ी संख्या में पंजीयन के लिए लोग इनराॅल् होने लगे. जिन व्यापारियों व ट्रांसपोटर्स ने अभी तक इनरॉल नहीं कराया है वह एक अप्रैल से पहले जरूर इनराॅल करा कर अपना आइडी व पासवर्ड सुरक्षित कर लें. जागरूक रहेंगे, तो हर काम आसान हो जायेगा.
व्यापारियों के जागरूक होने की जरूरत
इ-वे बिल सिस्टम एक बेहतर कदम है. असल में यह सिस्टम देश में लागू था, लेकिन केंद्र सरकार ने इस सिस्टम में तकनीक का इस्तेमाल करते हुए इसे नए रूप् में लागू किया है जिससे पारदर्शिता को काफी बढ़ावा मिलेगा. निश्चित तौर पर व्यापारियों को भी तकनीक के मामले में अब काफी जागरूक होने की जरूरत है, ताकि वह बदलती व्यवस्था के साथ न सिर्फ व्यापार कर सकें बल्कि नये माहौल के अनुरूप खुद को बेहतर भी बना सकें. इस नये सिस्टम में कई नई सूचनाएं भी अब देनी हैं जो व्यापार के दृष्टिकोण से सही है.
अनूप केडिया, पूर्व अध्यक्ष , सेंट्रल बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स
व्यापार में आयेगी एकरूपता व पारदर्शिता
इ-वे बिल प्रणाली जो लागू होने जा रही है, उससे निश्चित ही व्यापारियों को एक नई दिशा मिलने वाली है. इससे व्यापार में एकरूपता व पारदर्शिता आयेगी. इसे विभिन्न वर्ग के व्यापारियों को ध्यान में रख कर बनाया गया है. इससे व्यापारियों के परचेज का रिकार्ड सुरक्षित रहेगा व टैक्स पेमेंट में भी आसानी होगी. इसमें एक अच्छी बात यह है कि इसे खरीदार या विक्रेता दोनों में से कोई भी बना सकता है और एक से अधिक विक्रेता के लिए एक ही इ-वे बिल विक्रेता के द्वारा बनाया जा सकता है, इससे समय की काफी बचत होगी. साथ ही किसी भी माल के परिवहन में दुबारा इ-वे बिल की जांच हेतु कहीं न रोकना, यह जीएसटी काउंसिल का सराहनीय कदम है.
प्रमोद कुमार भदानी, प्रोपराइटर प्रमोद लड्डु भंडार
देश में करारोपण के क्षेत्र में जीएसटी के रूप में एक बड़ा कर सुधार प्रारंभ हुआ. इसी के तहत एक अप्रैल से इ-वे बिल लागू होने जा रहा है. पहले की व्यवस्था में सामानों के आवागमन हेतु रोड परमिट की सुविधा थी यह उसी का बदला हुआ रूप है जो इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जारी किया जायेगा. इससे निश्चित तौर पर पारदर्शिता आयेगी.
कौशलेंद्र प्रताप, अध्यक्ष सेंट्रल बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स
यह खुशी की बात है एक अप्रैल से इ-वे बिल लागू होने जा रहा है. निश्चित तौर पर इससे व्यापारियों को काफी फायदा होने वाला है. सिर्फ इस बात की जरूरत है कि इ-वे बिल का पोर्टल सही स्पीड के साथ काम करे. ताकि ऑनलाइन होने वाले हर प्रोसेस को सही तरीके से व्यापारी ऑपरेट कर सकें और समय-सीमा के अंदर पंजीकृत हो जायें. इससे निश्चित रूप से लाभ मिलेगा.
नीरज कुमार गुप्ता, व्यापारी
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