विदेश भेजने के नाम पर हो रही ठगी, दिल्ली, मुंबई से बिहारियों का बन रहा फर्जी वीजा, 50 से अधिक मिलीं शिकायतें

Updated at : 02 Jan 2021 7:13 AM (IST)
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विदेश भेजने के नाम पर हो रही ठगी, दिल्ली, मुंबई से बिहारियों का बन रहा फर्जी वीजा, 50 से अधिक मिलीं शिकायतें

अभी तक 30 से अधिक वीजा पूरी तरह से फेक पाये गये हैं. इसकी सूचना विदेश मंत्रालय को भी भेज दी गयी है. इनको बनवाने में सबसे अधिक सीवान, किशनगंज व गोपालगंज के लोग हैं.

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प्रह्लाद कुमार, पटना. बिहार के लोगों को विदेश भेजे जाने के लिए फर्जी वीसा बनाने के मामले का खुलासा हुआ है. विदेश मंत्रालय के पटना स्थिति कार्यालय प्रोटेक्टर ऑफ इमिग्रेट्स कार्यालय को दो माह में 50 फर्जी वीजा की शिकायत मिली थी.

इसके बाद जब इसकी जांच की गयी, तो मालूम हुआ कि इन सभी वीजा को बिहार के किसी एजेंट ने दिल्ली, मुंबई के एजेंट से मिलकर बनवाया है. जांच के अनुसार यह सभी फर्जी है.

अभी तक 30 से अधिक वीजा पूरी तरह से फेक पाये गये हैं. इसकी सूचना विदेश मंत्रालय को भी भेज दी गयी है. इनको बनवाने में सबसे अधिक सीवान, किशनगंज व गोपालगंज के लोग हैं.

कार्यालय के मुताबिक हर साल एक लाख 20 हजार से अधिक लोग नौकरी के लिए राज्य के विभिन्न जिलों से 18 से अधिक देशों में जाते हैं, लेकिन इसमें से 50 हजार से अधिक मजदूर ही निबंधित एजेंसी से भेजे जा रहे हैं.

बाकी गलत तरीके से फर्जी वीजा या टूरिस्ट वीजा पर भेजे जाते हैं. ऐसे फर्जीवाड़ा करने वालों के लिए कई धाराएं हैं, जिसके तहत कम से कम सात वर्ष के कैद का प्रावधान है.

बिहार में निबंधित 11 और गैर निबंधित 44 से अधिक एजेंट

राज्यभर में 11 निबंधित एजेंट हैं, जिनके माध्यम से लोग दूसरे देशों में जा सकते हैं, लेकिन जांच में 44 से अधिक एजेंसियों को नाम सामने आये हैं.

इसमें से कुछ एजेंसियों ने निबंधन कराने के लिए आवेदन दिया है, लेकिन बाकी सभी को जांच कर बंद कराने का आदेश जारी किया गया है.

यहां करें शिकायत, ये दी जा रही हैं सुविधाएं

बाहर जाने के पहले किसी भी तरह की परेशानी का सामना करने पर 9431246620, 9835251912 नंबर पर व्हाट्सएप करने की सलाह दी गयी है. सभी कागजात की जांच करा लें. यह सुविधा बिल्कुल मुफ्त है.

एजेंट के साथ पैसे का लेनदेन ऑनलाइन करें

किसी भी एजेंसी के विज्ञापन या नौकरी देने की बात आये, तो उसकी जांच जरूर कर लें. राज्य में कुछ जिलों में विदेश जाने वाले लोगों को बाहर जाने से पहले प्रशिक्षण देने की भी व्यवस्था की गयी है. अब जागरूकता के लिए भी कार्यक्रम चलाया जा रहा है. एक शॉर्ट फिल्म भी तैयार की जायेगी.

शारजाह से छुड़ाया गया

सीवान के रहने वाले बसंत कुमार ने शारजाह से 11 दिसंबर को इस कार्यालय में फाेन कर अपनी समस्या बतायी थी. इसके बाद यहां से सूचना विदेश मंत्रालय को भेजी गयी और उसके बाद आगे की कार्रवाई हुई. आखिरकार, 24 दिसंबर को उसे वहां वापस बिहार लाया गया और अभी वह अपने घर में हैं.

इन देशों में अधिक जाते हैं बिहारी

कुबैत, अफगानिस्तान, मलयेशिया, इंडोनेशिया, इराक, ओमान, कतर, अरब, सुडैन, सिरिया, थाइलैंड, यमन, लिबिया सहित अन्य देश हैं.

Posted by Ashish Jha

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