देवापुर में दोबारा बांध टूटने से बढ़ी बाढ़ की आशंका, प्रशासन सतर्क

भारी बारिश ने प्रखंडवासियों की परेशानी बढ़ा दी है. लगातार 36 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में पानी भर गया. जिसके बाद प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं. प्रखंड के ऐसे कई निचले इलाके हैं जहां पर लगातार भारी बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है.
सिवान : भारी बारिश ने प्रखंडवासियों की परेशानी बढ़ा दी है. लगातार 36 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में पानी भर गया. जिसके बाद प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं. प्रखंड के ऐसे कई निचले इलाके हैं जहां पर लगातार भारी बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. गोपालपुर से लेकर मुसेहरी तक हर जगह पानी भर गया है. उधर देवापुर में फिर बांध टूटने से लोग दहशत में है. वहीं कई दलित परिवार बारिश के पानी में भींगते हुए जीवन बसर करने को मजबूर हैं. नरहरपुन के रविंद्र मांझी, संजय पासवान, प्रमोद पासवान के घरों में पानी घुस जाने से तबाही का मंजर दिखाई दिया. लोगों ने बताया कि बाढ़ ने पहले ही सभी फसल नष्ट कर दिया है. ऐसे में मवेशियों को चारा भी नसीब नहीं हो रहा. लगातार बारिश के कारण अपने घरों में जलभराव की आशंका के चलते लोग सहम गए है कि कहीं फिर से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न न हो जाय. ग्रामीणों का कहना है कि मदद के लिए प्रशासन को आगे आना चाहिए. महीनों पहले आये बाढ़ ने सबकुछ बर्बाद कर दिया है. ऐसे में ग्रामीणों को मदद की जरूरत है.
भगवानपुर हाट. पिछले तीन दिन से लगातार हो रही बारिश ने खेती किसानी पर प्रतिकूल प्रभाव डाल दिया है. किसान चिंता में डूब गये हैं. उन्हें अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है. अगाध धान की फसल जो तैयार थी, वह पूरी तरह पानी में डूब चुकी है. उसके कटनी को लेकर किसान चिंतित हैं. तैयार धान की फसल डूबने से उसके उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. धान की बहुत सी फसल जिसमें बाली निकल आयी है, उसमें तेज हवा एवं वर्षा के कारण फूल झड़ने से दाने पर प्रभाव निश्चित रूप से पड़ने की प्रबल संभावना है. अधिक वर्षा से जल जमाव होने के कारण गेहूं की फसल पर भी इसका असर पड़ने की संभावना है. कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ आरके मंडल का कहना है कि अधिक वर्षा से किसानी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता दिख रहा है. इस वर्षा से किसानों को लाभ कम, हानि ज्यादे हुई है. अधिक वर्षा के कारण पहले से ही किसान अपने मवेशियों के चारे को लेकर चिंतित थे. यह वर्षा दाद में खाज का काम किया है.
गुठनी. पिछले तीन दिनों से हो रही अप्रत्याशित वर्षा के पानी ने तबाही मचा दिया है. एक तरफ लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है तो दूसरी तरफ घर में घुसे पानी से परेशानी आसमां पर चढ़ गयी है. जलजमाव से गांव-गांव के रास्ते बंद हो गये है तो वहीं दूसरी ओर तालाबों के ओवर फ्लो होने मछली पलकों की मछलियां बाहरी पानी के संसर्ग में आकर बह गयी है. मछली व्यवसाय से जुड़े मछली पालकों का इस वर्षा से काफी नुकसान हुआ है. गुठनी के जतौर, गोहरूआ, मैरिटार, विसवार सहित कई गांवों के मछलीपलकों को काफी नुकसान हुआ है. वर्षा के पानी के जमाव से जिन-जिन गावों के रास्ते अवरुद्ध हुये है उनमें चित्ताखाल, सरफोरा, कर्मदहा, पिपरपाती, बसुहारी इत्यादि शामिल है. वहीं जिन-जिन गांवों के ग्रामीणों के घरों में पानी घुसा है उनमें ममौर, सेलौर, बसुहारी, जतौर, चित्ताखाल इत्यादि शामिल है. बरपलिया व बलुआ पंचायत के मुखिया के समक्ष ग्रामीणों ने बलुआ बसुहारी मुख्य को काटकर पानी को नदी के तरफ निकालने का रास्ता साफ किया है. वहीं चित्ताखाल के गांव के ग्रामीणों सड़क के किनारे से नाला बनाकर पानी निकालने का प्रयास किया है. मगर शुक्रवार शाम तक पानी नहीं निकल सका है.
posted by ashish jha
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By Prabhat Khabar News Desk
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