दरभंगा: सूरत से युवक का शव गांव पहुंचते ही मचा कोहराम, परिजनों ने की पोस्टमार्टम की मांग

Published by : Sarfaraz Ahmad Updated At : 05 Jun 2026 8:06 PM

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दरभंगा के सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के कोरा गांव निवासी गुलशन यादव का शव सूरत से गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया. परिजनों ने ठेकेदार पर मारपीट का आरोप लगाते हुए पोस्टमार्टम और जांच की मांग की. पढ़ें पूरी खबर...

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सिंहवाड़ा, दरभंगा से अजय यादव की रिपोर्ट

Darbhanga News: सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के कोरा गांव निवासी एक युवक का शव शुक्रवार को गुजरात के सूरत से गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया. गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया. मृतक की पहचान रामबरन यादव के 30 वर्षीय पुत्र गुलशन यादव के रूप में हुई है.

शव पहुंचते ही परिजन अड़े

एम्बुलेंस से शव गांव पहुंचने के बाद मृतक की पत्नी, पिता और अन्य परिजन पोस्टमार्टम कराने की मांग पर अड़ गए. सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष बसंत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, जहां उन्हें परिजनों के आक्रोश का सामना करना पड़ा.

ठेकेदार पर मारपीट का आरोप

मृतक की पत्नी रूबी देवी, पिता रामबरन यादव और चाचा सुशील यादव ने आरोप लगाया कि गुलशन गांव के ही एक ठेकेदार के माध्यम से मुंबई में मार्बल लगाने का काम करता था.

पत्नी ने बताया कि पिछले मंगलवार को गुलशन ने फोन कर बताया था कि उसके साथ मारपीट की गई है. परिजनों ने पुलिस को एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सुनाई, जिसमें ठेकेदार द्वारा मारपीट किए जाने की बात कही जा रही है.

तबीयत बिगड़ने के बाद सूरत ले जाया गया

रूबी देवी के अनुसार मारपीट के बाद गुलशन की तबीयत लगातार बिगड़ने लगी. इसके बाद उसका भाई अरुण यादव और मामा रामभरोसी यादव 31 मई को मुंबई पहुंचे और उसे इलाज के लिए सूरत ले गए.

दो जून को सूरत के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान तीन जून को उसकी मौत हो गई.

पुलिस ने बताई मेडिकल रिपोर्ट की बात

परिजनों ने मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच के लिए पोस्टमार्टम कराने की मांग की. हालांकि थानाध्यक्ष बसंत कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह जानकारी मिली है कि सूरत के जिस अस्पताल में गुलशन का इलाज हुआ था, वहां की मेडिकल रिपोर्ट में डेंगू समेत अन्य चिकित्सकीय कारणों से मौत होने की बात दर्ज है.

उन्होंने कहा कि यदि मुंबई में किसी प्रकार की मारपीट की घटना हुई थी, तो नियमानुसार वहीं प्राथमिकी दर्ज कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई जानी चाहिए थी.

पुलिस वाहन का किया घेराव

पुलिस की बात से असंतुष्ट परिजनों और ग्रामीणों ने आक्रोशित होकर पुलिस वाहन का घेराव कर दिया और पोस्टमार्टम कराने की मांग पर अड़े रहे.

बाद में स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि दिनेश यादव, ललित यादव, रामनाथ सहनी और रामप्रभाग यादव समेत अन्य लोगों के हस्तक्षेप से स्थिति सामान्य हुई.

तीन छोटे बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

मृतक अपने पीछे पत्नी रूबी देवी, आठ वर्षीय पुत्री विशाखा, पांच वर्षीय पुत्र आयुष और तीन वर्षीय पुत्र आशीष को छोड़ गया है. पिता का शव देखकर बच्चे सहमे हुए थे. परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है.

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लेखक के बारे में

By Sarfaraz Ahmad

सरफराज अहमद IIMC से प्रशिक्षित पत्रकार हैं. राजनीति, समाज और हाइपरलोकल मुद्दों पर लिखते हैं. क्रिकेट और सिनेमा में गहरी रुचि रखते हैं. बीते तीन वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत हैं।

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