Darbhanga News: मिथिला विश्वविद्यालय में एक बार फिर टल गया छात्रसंघ का चुनाव
Published by : PRABHAT KUMAR Updated At : 30 Oct 2025 10:15 PM
Darbhanga News:लनामिवि में पांच वर्ष बाद शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए होने वाला छात्रसंघ चुनाव एक बार फिर भी टल गया है.
Darbhanga News: दरभंगा. लनामिवि में पांच वर्ष बाद शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए होने वाला छात्रसंघ चुनाव एक बार फिर भी टल गया है. छात्र संघ चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी करने की संभावित तिथि छह अक्तूबर तथा मतदान की संभावित तिथि आठ नवंबर तय की गयी थी. यह निर्णय विश्वविद्यालय की सिंडिकेट ने लिया था. अधिसूचना जारी करने की संभावित तिथि छह अक्तूबर बीत गया है, जबकि मतदान की संभावित तिथि आठ नवंबर सामने है. कहा गया था कि इस बीच नामांकित छात्रों का वोटर लिस्ट तैयार कर लिया जायेगा. बता दें कि विवि ने चुनाव की अधिसूचना अब तक जारी नहीं की है. ऐसे में संभावित तिथि को मतदान भी संभव नहीं बताया जा रहा है. वर्तमान में स्थिति यह है कि यूजी एवं पीजी पाठ्यक्रम के प्रथम सेमेस्टर में नामांकन का काम भी सभी कॉलेजों में अबतक पूरा नहीं हो सका है. ऐसी स्थिति में काॅलेजवार वोटर लिस्ट भी तैयार नहीं हुआ है. इस शैक्षणिक सत्र के चुनाव में 44 अंगीभूत कालेज सहित 22 पीजी विभागों के यूजी एवं पीजी प्रथम सेमेस्टर में नामांकित छात्रों को ही वोटर बनाया जाना है.
चुनाव कराने की विश्वविद्यालय की मंशा नहीं- छात्र
छात्र संघ के कई पूर्व निर्वाचित अधिकारियों का कहना है कि विवि की मंशा कभी चुनाव कराने की नहीं रही. राजनीतिक व गैर राजनीतिक दलों के छात्र संगठनों के संघर्ष एवं राजभवन की तत्परता के कारण पहले चुनाव होता रहा. इन दोनों स्तर पर शिथिलता जैसे-जैसे बढ़ती गयी, छात्र संघ चुनाव कराने में विश्वविद्यालय की दिलचस्पी कम होती गयी. चुनाव टालने के लिए समय- समय पर कोई न कोई बहाना बनाया जाता रहा है. छात्रों का कहना है कि विलंब होने के बावजूद जब छात्रों का नामांकन व परीक्षा लिया जा सकता है, तो फिर लेट से ही सही, चुनाव क्यों नहीं कराया जा सकता.
हर साल जुलाई माह तक करा लेना है चुनाव
राजभवन के परिनियम के प्रावधान के अनुसार छात्रसंघ चुनाव प्रत्येक वर्ष जुलाई तक करा लेना है. छात्रों की समस्या को विवि अथवा राजभवन मे सांगठनिक तौर पर वैधानिक रूप से रखने का अधिकार परिनियम ने विवि के छात्र संघ को ही दे रखा है. चुनाव नहीं होने से यह अधिकार प्रभावित हो रहा है. अन्य छात्र संगठनों की मांगों को विवि अथवा राजभवन नजरअंदाज कर देता है.
दिसंबर 2019 में अंतिम बार हुआ था चुनाव
मिथिला विश्वविद्यालय में इससे पहले राजभवन द्वारा जारी परिनियम के तहत दिसंबर 2019 में अंतिम बार चुनाव कराया गया था. जुलाई 2020 में शैक्षणिक सत्र संपन्न होने का हवाला देते हुए छात्रसंघ की गठित कमेटी को विश्वविद्यालय ने भंग कर दिया था. इस तरह पांच साल से अधिक समय से विश्वविद्यालय में छात्रों का अधिकृत संगठन नहीं है.
कहते हैं अधिकारी
पीजी फस्ट सेमेस्टर में छात्रों का नामांकन जारी है. नामांकन की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद छात्र संघ चुनाव पर विचार किया जायेगा.
प्रो. अशोक कुमार मेहता, डीएसडब्ल्यूडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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