दरभंगा: सीएम का चेहरा बदल गया, लेकिन पलायन नहीं रुका- प्रशांत किशोर

पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ प्रशांत किशोर
दरभंगा में जन सुराज की बैठक में प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में नेताओं के चेहरे बदले हैं, लेकिन पलायन, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसी समस्याएं अब भी कायम हैं. पढ़ें पूरी खबर…
दरभंगा से सतीश कुमार की रिपोर्ट
Darbhanga News: प्रशांत किशोर ने बिहार सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में सीएम के चेहरे तो बदल गए, लेकिन पलायन, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और शिक्षा व्यवस्था जैसी समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं.
दरभंगा में जन सुराज की बैठक में बोले पीके
जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर बुधवार को बिहार नवनिर्माण अभियान के तहत दरभंगा पहुंचे, जहां नेहरू स्टेडियम में पार्टी की विभिन्न सांगठनिक इकाइयों के साथ बैठक की.
उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना आवास छोड़कर जन सुराज के नव निर्माण आश्रम, बिहटा में रहना शुरू कर दिया है और बिहार में बदलाव होने तक वहीं रहेंगे.
पलायन, बेरोजगारी और पेपर लीक पर सरकार को घेरा
प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव में जो मुख्यमंत्री का चेहरा थे, वे खुद पलायन कर गए, लेकिन बिहार से पलायन की समस्या खत्म नहीं हुई.
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में एक करोड़ नौकरी देने की बात कही गई थी, लेकिन छह महीने बाद भी युवाओं को रोजगार नहीं मिला.
पीके ने कहा कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था और भ्रष्टाचार की स्थिति पहले जैसी ही बनी हुई है. नीट पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब खबर यह नहीं है कि पेपर लीक हुआ, बल्कि खबर तब होगी जब कोई परीक्षा बिना पेपर लीक के हो जाए.
शिक्षा और रोजगार पर वोट नहीं हुआ तो बदलाव संभव नहीं
प्रशांत किशोर ने कहा कि नेता अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित कर चुके हैं, जबकि आम लोगों के बच्चे बेरोजगारी और मजदूरी के लिए मजबूर हैं.
नीट पेपर लीक पर प्रशांत किशोर ने कहा कि खबर यह नहीं है कि पेपर लीक हुआ है, बल्कि खबर तब बनेगी, जब कोई परीक्षा बिना पेपर लीक के हो जाए. लोग 10 हजार रुपये में वोट बेच देते हैं और बाद में पेट्रोल-डीजल पर 10 रुपये अधिक चुकाते हैं.
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जब तक शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर वोट नहीं होगा, तब तक बिहार में पेपर लीक और भ्रष्टाचार बंद नहीं होगा.
सीएम की पहली प्राथमिकता बिहार नहीं गुजरात
पीके ने कहा कि नए मुख्यमंत्री की पहली प्राथमिकता बिहार नहीं, गुजरात है. अडानी आंखों का अस्पताल खोलने जा रहे हैं. आंखों के अस्पताल का आश्वासन देकर लोगों की आंखों में धूल झोंकी जा रही है. बिहार के लोगों का 30-35 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है, लेकिन उसकी चर्चा नहीं हो रही.
मौके पर किशोर कुमार मुन्ना, प्रो. रामबली चंद्रवंशी, जितेंद्र मिश्रा, सरवर अली, ललन यादव, रत्नेश्वर ठाकुर, जिला अध्यक्ष निर्मल मिश्रा, मुमताज अंसारी, अनूप मैथिल आदि मौजूद थे.
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By Sarfaraz Ahmad
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