दरभंगा: AI के जमाने में आज भी चचरी पुल से घर जाने को मजबूर हैं लोग, खतरे में जान

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Darbhanga News: भरडीहा गांव में लोग आज भी बांस के जर्जर चचरी पुल से आवाजाही करने को मजबूर हैं. बरसात में हादसों का खतरा बढ़ जाता है. ग्रामीण वर्षों से स्थायी पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ. पढे़ं पूरी खबर…

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दरभंगा के कुशेश्वरस्थान से संतोष पोद्दार की रिपोर्ट

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Darbhanga News: कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड का भरडीहा गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है. गांव के लोग अब तक पक्के पुल का इंतजार कर रहे हैं और रोजमर्रा की आवाजाही के लिए बांस से बने जर्जर चचरी पुल पर जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं. बरसात में हालात और भी खराब हो जाते हैं, जब यही पुल गांव वालों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन जाता है.

चंदा जुटाकर बनाते हैं चचरी पुल

ग्रामीणों ने बताया कि हर साल गांव के लोग आपस में चंदा इकट्ठा कर बांस का चचरी पुल बनवाते हैं. इसी पुल के सहारे बच्चे स्कूल जाते हैं, किसान बाजार पहुंचते हैं और मरीज अस्पताल ले जाए जाते हैं. पुल इतना कमजोर है कि एक समय में मुश्किल से एक-दो लोग ही पार कर पाते हैं.

बरसात में बढ़ जाती है परेशानी

ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के मौसम में नदी और नाले का जलस्तर बढ़ते ही पुल डगमगाने लगता है. ऐसे समय में स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की मुश्किलें सबसे ज्यादा बढ़ जाती हैं. रात में पुल पार करना किसी खतरे से कम नहीं होता. कई लोग फिसलकर नीचे गिर चुके हैं.

हादसों के बाद भी नहीं जागा प्रशासन

ग्रामीणों ने बताया कि इस जर्जर पुल की वजह से कई हादसे हो चुके हैं. गांव के उद्गार यादव की बाइक समेत पुल से गिरने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई थी. इसके अलावा कई लोग चोटिल हो चुके हैं, लेकिन अब तक स्थायी पुल निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई.

चुनाव में वादे, बाद में भूल जाते हैं नेता

स्थानीय लोगों का आरोप है कि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि गांव पहुंचकर पुल बनाने का वादा करते हैं, लेकिन जीत के बाद गांव की सुध लेने तक नहीं आते. ग्रामीणों का कहना है कि करीब 1500 से 1800 की आबादी आज भी बुनियादी सुविधा के लिए संघर्ष कर रही है.

विधायक ने दिया आश्वासन

इस मामले पर विधायक अतिरैक कुमार ने कहा कि पुल निर्माण को लेकर पहल की गई है और विभाग को लिखा गया है. जवाब मिलने के बाद सर्वे कर जल्द निर्माण कराने की कोशिश होगी. वहीं सांसद शांभवी चौधरी से संपर्क नहीं हो सका, जबकि उनके पीए ने व्हाट्सएप पर जानकारी भेजने को कहा.

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