तीखी धूप के बीच अनावृष्टि से नीचे खिसका भू-गर्भीय जलस्तर, हांफ रहे अधिकांश चापाकल

Updated at : 13 Jun 2024 11:16 PM (IST)
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तीखी धूप के बीच अनावृष्टि से नीचे खिसका भू-गर्भीय जलस्तर, हांफ रहे अधिकांश चापाकल

सभी पंचायतों में भू-गर्भीय जलस्तर के नीचे खिसक जाने से अधिकांश पंचायत के साधारण चापाकल पानी देना कम कर दिया है.

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बेनीपुर. चिलचिलाती धूप व भीषण गरमी के कारण प्रखंड के सभी पंचायतों में भू-गर्भीय जलस्तर के नीचे खिसक जाने से अधिकांश पंचायत के साधारण चापाकल पानी देना कम कर दिया है. कई चापाकल से तो पूर्णत: पानी आना बंद हो गया है. इस विषम परिस्थिति में पंचायतों में मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत लगे नल-जल चालू नहीं होने के कारण लोगों के समक्ष भीषण पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है. लोक स्वास्थ्य प्रमंडल दरभंगा द्वारा भू-गर्भीय जलस्तर की स्थिति से संबंधित जारी सूची के अनुसार पूरे प्रखंड का जलस्तर लगभग 17.3 फीट पहुंच गया है. जारी आंकड़ों के अनुसार बाथो-रढ़ियाम पंचायत का जलस्तर 18.8, देवराम-अमैठी का 17.2, बलनी का 17. 9, हरिपुर का 17.3, जरिसो का 17.10, माधोपुर का 18.3, महिनाम का 17.02, मकरमपुर का 16.8, नवादा का 16.7, पोहद्दी का 17.4, रमौली का 15.9, सझुआर का 17.4, सजनपुरा का 16.02, शिवराम का 18.4 व तरौनी पंचायत का जलस्तर 18.9 पर पहुंच चुका है. लोक स्वास्थ्य प्रमंडल दरभंगा द्वारा गत सात जून को जारी आंकड़ा के अनुसार भू-गर्भीय जलस्तर सामान्य से नीचे चला गया है. वहीं कितना नीचे गया है, इस संबंध में पूछने पर इसकी जानकारी देने में बेनीपुर लोक स्वास्थ्य अवर प्रमंडल के सहायक अभियंता रोहित कुमार मौर्य ने असमर्थता जाहिर करते हुए कहा कि यह आंकड़ा जिला स्थित डिवीजन कार्यालय से ही प्राप्त हो सकता है. उन्होंने कहा कि प्राप्त आंकड़ों के अनुसार अभी प्रखंड क्षेत्र में जलसंकट गहराने की कोई आशंका नहीं है. उन्होंने कहा कि वाटर लेवल 23 से 24 फीट पर जाने के बाद ही साधारण चापाकल पानी देना बंद कर देता है. वैसे सिंगुर व इंडिया मार्का-2 चापाकल जलस्तर 30 से 40 फीट पर जाने के बाद भी पानी देता है. वैसे प्रखंड क्षेत्र में अभी जो जलस्तर है, उससे चापाकल सूखने की नौबत नहीं आनी चाहिए. इसके बावजूद पंचायत में पीएचइडी द्वारा लगाए गए नल-जल हर जगह चालू है. जहां से भी किसी प्रकार की गड़बड़ी की शिकायत मिलती है, उसे तत्काल चालू किया जा रहा है. पंचायत स्तर से लगाए गए नल-जल का अधिकांश जगह पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण लोगों के घर तक पानी नहीं पहुंच रहा है. वैसे तत्काल जहां से पानी अभाव की जानकारी मिलती है, वहां पीएचइडी के मरम्मति दल को भेजकर चापाकल व नल-जल की मरम्मति की जा रही है.

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