Darbhanga News: फसल अवशेष जलाने से खेतों में नष्ट हो जाते सूक्ष्म जीवाणु एवं केंचुआ

Edited by PRABHAT KUMAR
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Darbhanga News:किसानों ने बताया कि कंबाइन हार्वेस्टर के उपयोग के बाद धान का पुआल एवं अवशेष खेतों में रह जाने से गेहूं की बोआई में देरी हो जाती है.

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Darbhanga News: दरभंगा. डीएम कौशल कुमार की अध्यक्षता में पुआल प्रबंधन को लेकर जिला कृषि पदाधिकारी, उप-निदेशक कृषि अभियंत्रण, प्रगतिशील कृषक एवं कृषि यंत्र विक्रेताओं की बैठक हुई. बैठक में पुआल प्रबंधन के तरीकों पर भी विचार-विमर्श किया गया. किसानों ने बताया कि कंबाइन हार्वेस्टर के उपयोग के बाद धान का पुआल एवं अवशेष खेतों में रह जाने से गेहूं की बुआई में देरी हो जाती है. गेहूं की बुआई जल्द करने के लिए पुआल जलाने से विभिन्न प्रकार की समस्या पैदा होती है. जिला कृषि पदाधिकारी एवं उप-निदेशक कृषि अभियंत्रण ने कहा कि रोटरी मल्चर, सुपर सीडर, बेलर, हैप्पी सीडर का प्रयोग ज्यादा से ज्यादा किया जा सकता है. सरकार रोटरी मल्चर एवं सुपर सीडर के क्रय करने पर 80 प्रतिशत तक अनुदान देती है. कहा कि कंबाइन हार्वेस्टर की जगह रीपर कम बाइंडर का इस्तेमाल कर बेहतर अवशेष प्रबंधन किया जा सकता है. डीएम ने किसानों से कहा कि खेतों में फसल अवशेष जलाने के बदले खेत की सफाई के लिये बेलर मशीन का प्रयोग, वर्मी कंपोस्ट बनाने एवं मिट्टी में मिलने पलवार (मल्चिंग) विधि से मिट्टी को बचाएं. कहा कि फसल अवशेष को जलाने से मिट्टी का तापमान बढ़ने के कारण सूक्ष्म जीवाणु, केंचुआ आदि मर जाते हैं. इससे फसल की उत्पादन क्षमता घट जाती है. पुआल नहीं जलाकर स्ट्रा बेलर, हैप्पी सीडर, जीरो टिल सीड कम फर्टीलाइजर ड्रिल, रीपर कम बाइंडर, स्ट्रॉ रीपर, रोटरी मल्चर कृषि यंत्र का पुआल प्रबंधन में उपयोग करें.

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